ICC issues arrest warrant against Taliban leaders
संदर्भ:
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के दो वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इन पर महिलाओं, लड़कियों और सरकार की लैंगिक नीतियों का विरोध करने वालों पर अत्याचार करने का आरोप है। यह कदम लैंगिक उत्पीड़न को अंतरराष्ट्रीय अपराध के रूप में मान्यता देते हुए, मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
ICC ने तालिबान नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया (ICC issues arrest warrant against Taliban leaders)
यह एक ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम कदम है। नीचे प्रमुख तथ्य दिए गए हैं:
गिरफ्तारी वारंट किसके खिलाफ ?
- हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा – तालिबान के सर्वोच्च नेता
- अब्दुल हकीम हक्कानी – अफगानिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख
आधार: महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ व्यवस्थित उत्पीड़न: ICC ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध (Crimes Against Humanity) माना है, विशेष रूप से महिलाओं को शिक्षा, काम और सार्वजनिक जीवन से वंचित करने के मामले में।
कानूनी आधार: अफगानिस्तान ने 2003 में रोम संविधि (Rome Statute) को अपनाया था, जिससे:
- ICC को अफगान क्षेत्र में हुए अपराधों या अफगान नागरिकों द्वारा किए गए अपराधों पर अधिकार प्राप्त है।
- भले ही तालिबान सरकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता न हो, फिर भी अफगान क्षेत्र में हुए अपराधों पर ICC की वैधता बनी रहती है।
प्रभाव और महत्व:
- यह पहला मौका है जब ICC ने तालिबान नेतृत्व पर कार्रवाई की है।
- यह कदम महिलाओं के अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की गंभीरता को दर्शाता है।
- इससे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों की मजबूती और ICC की सक्रियता भी सामने आई है।