ICGS Atal Fast Patrol Vessel
ICGS Atal Fast Patrol Vessel –
संदर्भ:
हाल ही में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए आईसीजीएस (Indian Coast Guard Ship) अटल फास्ट पेट्रोल पोत लॉन्च किया
- आईसीजीएस अटल: मुख्य बिंदु–
- यह 29 जुलाई, 2025 को वास्को-डी-गामा, गोवा में आयोजित एक समारोह में भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिएलॉन्च किया।
- यह रक्षा मंत्रालय के तहत प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम जीएसएल द्वारा आईसीजी (Indian Coast Guard) के लिए निर्मित किए जा रहे आठ अत्याधुनिक स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए एफपीवी (Fast Petrol Vessel) की श्रृंखला में छठा है।
- इससे भारत की समुद्री जागरूकता और राष्ट्रीय सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
- ATAL पोत, भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता में हो रही प्रगति और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उन्नत स्वदेशी पोत प्रदान करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
- इसके माध्यम से स्थानीय उद्योगों, MSMEs और उद्यमियों के लिए रोजगार और व्यापार के अवसर पैदा हुए हैं, क्योंकि निर्माण कार्य में अधिकांश भागीदारी स्थानीय स्तर पर हुई है।
- आईसीजीएस अटल: प्रमुख विशेषताएं–
- यह एफपीवी 52 मीटर लंबे, 8 मीटर चौड़े और 320 टन विस्थापन वाले हैं।
- यह उच्च गति वाली नावें तटीय गश्त, द्वीप सुरक्षा मिशन और अपतटीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए सुसज्जित हैं
- ये पोत तस्करी-रोधी, समुद्री डकैती-रोधी और खोज एवं बचाव अभियान भी चलाएंगे।
- गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL):
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) भारत सरकार का एक रक्षा क्षेत्र का सार्वजनिक उपक्रम है, जो गोवा के वास्को–दा–गामा में स्थित है। इसकी स्थापना 1957 में पुर्तगाली शासन द्वारा “Estaleiros Navais de Goa” नाम से की गई थी, जिसका उद्देश्य खनन उद्योग के लिए बार्ज (बोट्स) बनाना था।
1961 में गोवा के भारत में विलय के बाद, इस यार्ड को भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए युद्धपोत निर्माण के लिए उपयोग में लाया गया।
निष्कर्ष:
आईसीजीएस अटल न केवल भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय तटरक्षक बल की संचालनिक शक्ति को भी महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित यह पोत राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी, और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे मिशनों में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
आईसीजीएस अटल जैसे अत्याधुनिक पोत, भारत को समुद्री क्षेत्र में एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।