Important changes in UPSC cadre allocation policy
संदर्भ:
हाल ही में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने एक महत्वपूर्ण कार्यालय ज्ञापन जारी कर अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IPS, और IFoS) के लिए कैडर आवंटन नीति 2026 (Cadre Allocation Policy 2026) की घोषणा की है।
नई कैडर आवंटन नीति 2026 के प्रमुख बिंदु:
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- 5-ज़ोन प्रणाली की समाप्ति: पुरानी भौगोलिक ज़ोनिंग व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब सभी 25 राज्यों और संयुक्त संवर्गों को वर्णमाला (Alphabetical) क्रम में व्यवस्थित कर चार समूहों में विभाजित किया गया है:
- समूह-I: AGMUT, आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़।
- समूह-II: गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश।
- समूह-III: महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु।
- समूह-IV: तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल।
- चक्र-आधारित आवंटन पद्धति: संवर्ग आवंटन अब 25 संवर्गों के एक रोटेशनल चक्र के माध्यम से होगा। प्रत्येक चक्र में मेरिट के आधार पर 25 उम्मीदवारों को रखा जाएगा।
- वरीयता: यदि एक ही चक्र में कई उम्मीदवार आते हैं, तो उच्च रैंक वाले को पहले वरीयता दी जाएगी।
- वार्षिक रोटेशन: हर साल समूहों का क्रम बदलता रहेगा (जैसे अगले वर्ष समूह-I नीचे चला जाएगा), ताकि किसी एक क्षेत्र को स्थायी लाभ न मिले।
- इनसाइडर और आउटसाइडर नियम: होम कैडर (इनसाइडर) मिलने के नियम अब अधिक सख्त और पारदर्शी हैं:
- प्राथमिकता: सबसे पहले इनसाइडर रिक्तियां भरी जाएंगी, जो उम्मीदवार की मेरिट, श्रेणी और ‘स्पष्ट सहमति’ (Willingness) पर निर्भर करेंगी।
- बची हुई रिक्तियां: यदि इनसाइडर पद नहीं भर पाते, तो उन्हें अगले साल के लिए नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें तुरंत ‘आउटसाइडर’ सीटों में बदल दिया जाएगा।
- स्वैप नियम: यदि किसी आउटसाइडर को गलती से उसका होम स्टेट आवंटित हो जाता है, तो उसे निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अगले उम्मीदवार से बदल (Exchange) दिया जाएगा।
- रिक्तियों का निर्धारण और समय-सीमा: नई नीति में एक सख्त प्रशासनिक कैलेंडर लागू किया गया है:
- तिथि: रिक्तियों की गणना परीक्षा के अगले वर्ष की 1 जनवरी को ‘कैडर गैप’ के आधार पर होगी।
- अंतिम तिथि: राज्य सरकारों को अपनी मांग 31 जनवरी तक भेजनी होगी। इसके बाद की मांग पर विचार नहीं किया जाएगा।
- अधिकारी: IAS के लिए DoPT, IPS के लिए गृह मंत्रालय (MHA) और IFoS के लिए पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) रिक्तियां तय करेंगे।
- 5-ज़ोन प्रणाली की समाप्ति: पुरानी भौगोलिक ज़ोनिंग व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब सभी 25 राज्यों और संयुक्त संवर्गों को वर्णमाला (Alphabetical) क्रम में व्यवस्थित कर चार समूहों में विभाजित किया गया है:
- PwBD और EWS श्रेणी:
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- PwBD (दिव्यांग उम्मीदवार): इन्हें विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। वे अपने होम स्टेट के अलावा एक पसंदीदा गैर-होम कैडर चुन सकते हैं। यदि वहां सीट नहीं है, तो सरकार उनके लिए अतिरिक्त पद भी बना सकती है।
- EWS: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की रिक्तियों को अनारक्षित (UR) श्रेणी का हिस्सा माना जाएगा और रोस्टर में उसी के अनुसार दर्शाया जाएगा।

