India and Germany sign 19 MoUs
संदर्भ:
हाल ही में भारत और जर्मनी ने 19 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) और 8 घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए, जो रक्षा, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, समुद्री सहयोग, खेल और व्यापार-निवेश जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करते हैं।
भारत-जर्मनी के बीच मुख्य समझौते और घोषणाएँ:
समझौते:
- द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग घोषणा: भारत और जर्मनी ने रक्षा उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए संयुक्त रक्षा उत्पादन, तकनीकी आदान-प्रदान और सुरक्षा सहयोग पर आशय घोषणा की, जिससे भविष्य के रक्षा-साझेदारी मॉडल अधिक व्यवहारिक बन सकें।
- आर्थिक सहयोग और CEO फोरम स्थापना घोषणा: दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने हेतु संयुक्त आर्थिक एवं निवेश समिति के अंतर्गत CEO फोरम स्थापित करने की घोषणा की, जिससे उद्योग-स्तर के निर्णय तेज़ी से आगे बढ़ेंगे।
- भारत-जर्मनी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम साझेदारी: सेमीकंडक्टर और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने संयुक्त अनुसंधान और विनिर्माण सहयोग की घोषणा की, जो भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मज़बूती देगा।
- महत्वपूर्ण खनिज सहयोग घोषणा: दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन को मजबूत करने हेतु साझेदारी पर सहमति दी, ताकि नई-पीढ़ी की तकनीकों के लिए आवश्यक खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित रहे।
- दूरसंचार सहयोग घोषणा: भारत और जर्मनी ने 5G/6G, नेटवर्क सुरक्षा और मानकीकरण के क्षेत्र में संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई, जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी का स्तर बढ़ेगा।
- NIELIT–Infineon Technologies MoU: इस समझौते के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन, साइबर-सुरक्षा और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए दोनों संस्थान मिलकर प्रशिक्षण और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करेंगे।
- आयुर्वेद–जर्मनी पारंपरिक चिकित्सा MoU: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और जर्मनी के Charite University ने पारंपरिक चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ाने हेतु वैज्ञानिक सहयोग का ढांचा तैयार किया।
- PNGRB–DVGW गैस एवं जल प्रौद्योगिकी MoU: ऊर्जा संक्रमण को गति देने के लिए भारत और जर्मनी ने स्वच्छ गैस नेटवर्क, सुरक्षा मानक और जल प्रबंधन प्रणालियों पर साझा कार्य किया।
- ग्रीन अमोनिया ऑफटेक एग्रीमेंट: भारतीय कंपनी AM Green और जर्मन कंपनी Uniper ने ग्रीन अमोनिया आपूर्ति के लिए ऑफटेक समझौता किया, जो हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था को गति देगा।
- जैव-अर्थव्यवस्था R&D सहयोग घोषणा: दोनों देशों ने बायोइकोनॉमी, जैव-प्रसंस्करण और सतत उद्योग तकनीकों पर संयुक्त अनुसंधान बढ़ाने की घोषणा की।
- IGSTC का कार्यकाल विस्तार समझौता: भारत-जर्मनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र का कार्यकाल बढ़ाकर दोनों देशों ने संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को जारी रखने का निर्णय लिया।
- उच्च शिक्षा रोडमैप: नए रोडमैप के तहत छात्र-विनिमय, संयुक्त डिग्री और अनुसंधान नेटवर्क को गहराई से जोड़ने का ढांचा तय किया गया।
- ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप घोषणा (स्वास्थ्य क्षेत्र): दोनों देशों ने नैतिक और पारदर्शी भर्ती, विशेषकर स्वास्थ्य-कर्मियों के कौशल विकास हेतु वैश्विक स्किल फ्रेमवर्क स्थापित किया।
- नवीकरणीय ऊर्जा स्किल सेंटर की स्थापना: हैदराबाद के National Skill Training Institute में नवीकरणीय ऊर्जा कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर सहमति बनी।
- राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर (लोथल) पर MoU: भारत और जर्मनी ने समुद्री इतिहास, संग्रहालय विकास और सांस्कृतिक शोध में सहयोग करने के लिए यह MoU साइन किया।
- खेल सहयोग घोषणा: दोनों देशों ने खेल विज्ञान, प्रशिक्षण और खिलाड़ी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए नई सहयोग व्यवस्था बनाई।
- डाक सेवाओं में सहयोग घोषणा: डिजिटल और पारंपरिक डाक सेवाओं को बेहतर करने के लिए पोस्टल तकनीक और लॉजिस्टिक्स सहयोग पर सहमति हुई।
- Deutsche Post–भारत डाक लेटर ऑफ इंटेंट: इस समझौते से अंतरराष्ट्रीय डाक समाधानों को सरल और तेज बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।
- यूथ हॉकी विकास MoU: हॉकी इंडिया और जर्मन हॉकी संघ के बीच युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल प्रबंधन सुधार पर साझेदारी साइन हुई।
घोषणाएँ:
- भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी में वीज़ा-मुक्त ट्रांज़िट: जर्मनी ने भारतीय यात्रियों के लिए ट्रांज़िट वीज़ा मुक्त सुविधा की घोषणा की, जिससे यात्रा-सुविधा में बड़ा लाभ मिलेगा।
- Track 1.5 सुरक्षा संवाद की स्थापना: दोनों देशों ने विदेश नीति और सुरक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देने हेतु Track 1.5 संवाद ढांचा स्थापित किया।
- इंडो-पैसिफिक संवाद तंत्र स्थापना: भारत-जर्मनी ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक स्थिरता पर नियमित संवाद का नया प्लेटफॉर्म शुरू किया।
- डिजिटल डायलॉग वर्क प्लान (2025–27) अपनाया गया: तकनीकी नवाचार, डेटा शासन और डिजिटल उद्योग को दिशा देने के लिए नया कार्य-योजना ढांचा लागू किया गया।
- EUR 1.24 बिलियन की नई फंडिंग प्रतिबद्धताएँ: ग्रीन और सतत विकास साझेदारी के तहत नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और e-Bus Sewa के लिए जर्मनी ने नई फंडिंग घोषित की।
- बैटरी स्टोरेज वर्किंग ग्रुप लॉन्च: दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण तकनीक को बढ़ावा देने हेतु नया कार्य समूह शुरू किया।
- त्रिकोणीय विकास परियोजनाओं का विस्तार: भारत-जर्मनी ने घाना, कैमरून और मलावी में चल रही परियोजनाओं को बढ़ाने की घोषणा की, जिससे भारत की वैश्विक दक्षिण साझेदारी मजबूत होगी।
- अहमदाबाद में जर्मनी के मानद वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन: दोनों देशों ने सांस्कृतिक एवं आर्थिक संपर्क बढ़ाने हेतु अहमदाबाद में नए Honorary Consulate के उद्घाटन की घोषणा की।

