India-Cyprus strategic importance
संदर्भ:
प्रधानमंत्री ने हाल ही में अपनी पांच दिवसीय, तीन देशों की विदेश यात्रा की शुरुआत साइप्रस से की। यह यात्रा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा है। यह दौरा भारत और साइप्रस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पीएम मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति की संयुक्त प्रेस वार्ता: प्रमुख बिंदु–
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति श्री निकोस क्रिस्टोडूलाइडेस ने 15 जून 2025 को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई:
- द्विपक्षीय संबंधों पर संवाद: दोनों नेताओं ने भारत और साइप्रस के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मज़बूत करने पर बल दिया।
- भारत–यूरोपीय संघ (EU) सहयोग: यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों को गहरा करने में साइप्रस की भूमिका और समर्थन पर चर्चा हुई।
- IMEEC कॉरिडोर पर चर्चा: India-Middle East-Europe Economic Corridor पर विस्तृत चर्चा हुई। साइप्रस की भू-रणनीतिक स्थिति इसे इस कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा बनाती है।
- आतंकवाद के विरुद्ध साझा रुख: राष्ट्रपति निकोस ने स्पष्ट कहा कि साइप्रस हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है, जो वैश्विक आतंकवाद के विरुद्ध साझा संकल्प को दर्शाता है।
(India-Cyprus strategic importance) भारत के लिए साइप्रस का रणनीतिक महत्व:
- संयुक्त राष्ट्र में मजबूत समर्थन: साइप्रस लगातार भारत के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन करता रहा है और न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में भारत की सदस्यता का भी समर्थन किया है।
- तुर्की–पाक गठजोड़ के विरुद्ध रणनीतिक संतुलन: तुर्की द्वारा पाकिस्तान के साथ सैन्य और रणनीतिक रिश्तों को मज़बूत करने (जैसे ड्रोन आपूर्ति) की पृष्ठभूमि में, भारत का साइप्रस के साथ सहयोग एक रणनीतिक संतुलन स्थापित करता है।
- यूरोपीय संघ में निर्णायक भूमिका: साइप्रस 2026 में यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता करेगा, जिससे भारत–EU के बीच व्यापार और सुरक्षा सहयोग को आकार देने में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान:
- साइप्रस सरकार ने भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III’ से सम्मानित किया है।
- यह सम्मान साइप्रस के राष्ट्रपति श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने राजधानी निकोसिया स्थित राष्ट्रपति भवन में प्रदान किया।
साइप्रस: एक दृष्टि में–
- स्थान: यूरोपीय-एशियाई द्वीप राष्ट्र, भूमध्य सागर के पूर्वोत्तर कोने में, तुर्की के दक्षिण में स्थित
- क्षेत्रफल: 9,251 वर्ग किलोमीटर — भूमध्य सागर का तीसरा सबसे बड़ा द्वीप (सिसिली और सार्डिनिया के बाद)
- राजधानी: निकोसिया
- प्रमुख शहर: लिमासोल, लारनाका, फामागुस्ता, पाफोस
- भौगोलिक स्थिति: भौगोलिक रूप से पश्चिमी एशिया (मध्य पूर्व), राजनीतिक रूप से यूरोप
- सीमा समीपवर्ती देश: ग्रीस (दक्षिण-पूर्व), तुर्की (उत्तर), लेबनान और सीरिया (पूर्व), मिस्र, इज़राइल और गाज़ा पट्टी (दक्षिण)
- जलवायु: समशीतोष्ण भूमध्यसागरीय — गर्म, शुष्क ग्रीष्म और ठंडी, आर्द्र सर्दी
- उच्चतम बिंदु: माउंट ओलंपस (1,952 मीटर)
ऐतिहासिक और राजनीतिक तथ्य:
- स्वतंत्रता: 1960 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त की
- विभाजन: 1974 में तुर्की के हस्तक्षेप के बाद उत्तर (तुर्क साइप्रस) और दक्षिण (ग्रीक साइप्रस) में विभाजित
- वर्तमान स्थिति: उत्तर केवल तुर्की द्वारा मान्यता प्राप्त; दक्षिण अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त सरकार
- संयुक्त राष्ट्र की भूमिका: ‘ग्रीन लाइन’ की निगरानी करते हैं, जो दोनों भागों को विभाजित करती है
- राजनीति: राष्ट्रपति प्रणाली; राष्ट्रपति ही राष्ट्राध्यक्ष और शासन प्रमुख
- आधिकारिक भाषाएं: ग्रीक और तुर्की
- यूरोपीय संघ सदस्यता: 1 मई 2004 से