India Energy Stack
संदर्भ:
भारत सरकार की शक्ति मंत्रालय ने India Energy Stack विकसित करने हेतु एक 17-सदस्यीय कार्यदल का गठन किया है, जिसका मार्गदर्शन नंदन Nilekani के संरक्षकत्व में किया जाएगा।
क्या है India Energy Stack?
- India Energy Stack भारत का एक डिजिटल फ्रेमवर्क है जो देश के विखंडित ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को एकीकृत करता है।
- इसका उद्देश्य है उत्पादकों, उपभोक्ताओं, ग्रिड ऑपरेटरों, रेगुलेटर्स और फिनटेक के बीच रीयल–टाइम समन्वय सुनिश्चित करना।
- यह प्रणाली उदारीकरण, विकेंद्रीकरण, ऊर्जा लेनदेन, और कार्बन ट्रैकिंग को सक्षम बनाती है।
मुख्य विशेषताएं:
- इंटरऑपरेबिलिटी: सभी ऊर्जा प्लेटफ़ॉर्म एक-दूसरे से संवाद कर सकें, इसके लिए एकीकृत ढांचा।
- स्केलेबिलिटी: राज्य या क्षेत्रीय सीमाओं से परे ऊर्जा समाधान का विस्तार करना।
- पारदर्शिता और डेटा आधारित निर्णय: पारदर्शी बिलिंग, ट्रैकिंग, और नीति निर्माण के लिए हार्मोनाइज्ड डेटा।
- पीयर–टू–पीयर ट्रेडिंग: उपभोक्ता आपस में ऊर्जा खरीद-बेच सकें (प्रॉस्यूमर मॉडल)।
- कार्बन ट्रैकिंग: उत्सर्जन स्तर पर निगरानी और नेट-ज़ीरो लक्ष्यों में सहायता।
ऐसी प्रणाली की आवश्यकता क्यों थी?
भारत में ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियाँ:
- संविधान की समवर्ती सूची में शामिल होने के कारण बिजली क्षेत्र में राज्य और केंद्र की साझा जिम्मेदारी है, जिससे टुकड़ों में काम होता है।
- कोई यूनिक कंज़्यूमर/एसेट ID नहीं — डेटा का कोई केंद्रीकृत ढांचा नहीं।
- प्लेटफॉर्म्स के बीच असंगतता — तकनीकी एकीकरण और स्केलेबिलिटी में बाधा।
- इंटरऑपरेबिलिटी का अभाव — एक राज्य से दूसरे में या DISCOM के बीच ऊर्जा लेनदेन मुश्किल।