India-France Special Global Strategic Partnership
संदर्भ:
हाल ही में भारत और फ्रांस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को “विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी” के स्तर पर उन्नत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच मुंबई में हुई इस शिखर वार्ता ने ‘क्षितिज 2047’ रोडमैप को नई गति प्रदान की है।
- भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत 26 जनवरी 1998 को हुई थी, जो किसी भी पश्चिमी देश के साथ भारत की पहली ऐसी साझेदारी थी।
- पिछले 28 वर्षों में यह संबंध रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के तीन पारंपरिक स्तंभों से साथ ही अब एआई (AI), महत्वपूर्ण खनिजों और हरित ऊर्जा जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों तक फैल गया है।
भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी: मुख्य बिंदु
- नवाचार: वर्ष 2026 को “भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष” (India-France Year of Innovation) के रूप में घोषित किया गया है।
- H125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन: कर्नाटक के वेमगल में एयरबस H125 हेलीकॉप्टरों के निर्माण के लिए एक फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया।
- जेट इंजन तकनीक: भारत के AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) के लिए 120-kN इंजन विकसित करने हेतु फ्रांसीसी कंपनी Safran के साथ पूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) पर सहमति बनी है।
- हथियार प्रणालियाँ: BEL और Safran के बीच भारत में HAMMER सटीक-निर्देशित मिसाइलों के उत्पादन के लिए एक संयुक्त उद्यम स्थापित किया गया है।
- नौसैनिक सहयोग: भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-समुद्री (Rafale-M) विमानों और अतिरिक्त स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों की खरीद पर चर्चा अंतिम चरण में है।
- AI और डिजिटल तकनीक: स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के लिए ‘इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर AI इन हेल्थ’ और डिजिटल विज्ञान के लिए संयुक्त केंद्र की स्थापना की घोषणा की गई।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम: तेलंगाना के T-Hub और ‘नोर्ड फ्रांस’ के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- अक्षय ऊर्जा: दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के तहत सहयोग को और मजबूत किया है।
- नाभिकीय ऊर्जा: जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने और लघु मॉड्यूल रिएक्टरों (SMRs) पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
अन्य रणनीतिक साझेदारी:
- अंतरिक्ष: ‘गगनयान’ मिशन और संयुक्त उपग्रह TRISHNA के माध्यम से समुद्री डोमेन जागरूकता और अंतरिक्ष सुरक्षा पर सहयोग जारी है।
- दोहरा कराधान बचाव (DTAA): निवेश को सुगम बनाने के लिए DTAA में संशोधन हेतु एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए।
- हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific): दोनों देश एक “गैर-हेजेमोनिक” विश्व व्यवस्था और सुरक्षित समुद्री मार्गों के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें फ्रांस भारत के लिए एक प्रमुख ‘रेजिडेंट पावर’ के रूप में कार्य करता है।
- शिक्षा और गतिशीलता: फ्रांस ने 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों की मेजबानी करने का लक्ष्य रखा है।
- वीजा सुविधा: भारतीय नागरिकों के लिए फ्रांसीसी हवाई अड्डों के माध्यम से वीजा-मुक्त पारगमन (Visa-free transit) का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।

