India-Israel bilateral relations
संदर्भ:
हाल ही में भारत और इज़राइल ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक ऐतिहासिक मोड़ देते हुए इसे ‘शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर उन्नत किया। प्रधानमंत्री मोदी की इज़राइल की दो-दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, कृषि और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुल 16 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत-इज़राइल संबंध के मुख्य बिंदु:
- मुक्त व्यापार समझौता (FTA): दोनों देशों ने एक “पारस्परिक रूप से लाभकारी” FTA को शीघ्र अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रथम दौर की वार्ता 23-26 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में संपन्न हुई।
- UPI का विस्तार: NPCI International और इज़राइल के MASAV के बीच एक समझौता हुआ, जिससे इज़राइल में भारतीय UPI का उपयोग संभव होगा। यह डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन है।
- द्विपक्षीय निवेश समझौता: सितंबर 2025 में हस्ताक्षरित निवेश समझौते को इस यात्रा के दौरान औपचारिक मजबूती दी गई, जिससे दोनों देशों के निवेशकों के लिए सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
- सह-विकास मॉडल: रक्षा सहयोग को केवल ‘विक्रेता-खरीदार’ से आगे बढ़ाकर संयुक्त विकास (Co-development) और संयुक्त उत्पादन (Joint Production) पर केंद्रित किया गया है।
- iCET पहल: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) के नेतृत्व में ‘महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां’ (Critical and Emerging Technologies) पहल शुरू की गई, जो AI, क्वांटम और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में रणनीतिक बढ़त प्रदान करेगी।
- साइबर सुरक्षा: भारत में एक ‘भारत-इज़राइल साइबर उत्कृष्टता केंद्र’ (Indo-Israel Cyber Centre of Excellence) स्थापित करने के लिए आशय पत्र (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए।
- IINCA की स्थापना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और MASHAV ने ‘भारत-इज़राइल कृषि नवाचार केंद्र’ (India-Israel Innovation Centre for Agriculture) के लिए समझौता किया। जनवरी 2026 में हुए मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर सहयोग घोषणापत्र को कार्यरूप देने पर सहमति बनी।
- जल तकनीक: इज़राइल की उन्नत जल शोधन और सिंचाई तकनीकों को ‘गंगा सफाई अभियान’ और ‘अमृत’ जैसे राष्ट्रीय मिशनों में विस्तारित किया जाएगा।
- श्रमिक कोटा: अगले 5 वर्षों में 50,000 अतिरिक्त भारतीय श्रमिकों को इज़राइल भेजने का लक्ष्य रखा गया है। यह निर्माण, देखभाल (caregiving) और सेवा क्षेत्रों में भारतीय कार्यबल की भूमिका बढ़ाएगा।
- शैक्षिक विनिमय: नालंदा विश्वविद्यालय और हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ यरूशलेम के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण MoU हुआ।
- I2I फोरम: अकादमिक और अनुसंधान संस्थानों के बीच संवाद के लिए ‘भारत-इज़राइल अकादमिक सहयोग मंच’ (India-Israel Academic Cooperation Forum) की घोषणा की गई।
- IMEC और I2U2: दोनों नेताओं ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) और I2U2 ढांचे के भीतर घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया।
- शांति पहल: पीएम मोदी ने ‘गाजा शांति योजना’ (Gaza Peace Plan) के प्रति भारत का समर्थन व्यक्त किया और जोर दिया कि मानवता कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं होनी चाहिए।

