India-Japan joint military exercise Dharma Guardian
संदर्भ:
हाल ही में भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूती देने वाला ‘धर्मा गार्डियन’ सैन्य अभ्यास का 7वां संस्करण उत्तराखंड में शुरू हुआ। जो दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक और सैन्य सहयोग का प्रतीक है।
- समय अवधि: 24 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक
- स्थान: उत्तराखंड के चौबटिया स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड (Foreign Training Node)
- सहभागी इकाइयाँ: भारतीय सेना के लद्दाख स्काउट्स (Ladakh Scouts) के सैनिक और जापानी ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JGSDF) की 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट।
- संख्या: दोनों पक्षों से लगभग 120-120 सैन्य कर्मी हिस्सा ले रहे हैं।
‘धर्मा गार्डियन’ (Dharma Guardian) के बारे में:
- परिचय: यह भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JGSDF) के बीच आयोजित एक वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसकी शुरुआत वर्ष 2018 में रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
- आयोजन: यह अभ्यास एक परस्पर (Reciprocal) आधार पर आयोजित किया जाता है, जिसका अर्थ है कि यह बारी-बारी से एक वर्ष भारत में और अगले वर्ष जापान में आयोजित होता है।
- उद्देश्य:
- संयुक्त राष्ट्र चार्टर (अध्याय VII) के तहत अर्ध-शहरी और जंगली इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए अंतर-परिचालन क्षमता (Interoperability) विकसित करना।
- दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को प्रगाढ़ करना और रणनीतिक साझेदारी को ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ के स्तर पर ले जाना।
- आपसी विश्वास और सर्वोत्तम सैन्य प्रथाओं (Best Practices) को साझा करना।
- इकाइयाँ: इसमें दोनों देशों के इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिक भाग लेते हैं। भारत की ओर से राजपुताना राइफल्स, गढ़वाल राइफल्स या लद्दाख स्काउट्स जैसी बटालियनें उनके विशिष्ट अनुभव के आधार पर प्रतिनिधित्व करती हैं।
- गतिविधियाँ:
- सामरिक ड्रिल: हाउस इंटरवेंशन ड्रिल, घेराबंदी और तलाशी (Cordon and Search) अभियान।
- आधुनिक तकनीक: ड्रोन आधारित निगरानी और इंटेलिजेंस ग्रिड का उपयोग।
- संयुक्त योजना: मिशन योजना बनाना और चरम स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास।
- अन्य संयुक्त अभ्यास:
- JIMEX: समुद्री (नौसेना) अभ्यास।
- वीर गार्डियन (Veer Guardian): द्विपक्षीय हवाई अभ्यास।
- शिन्यु मैत्री (SHINYU Maitri): वायु सेना परिवहन अभ्यास।
- सहयोग काइजिन: तट रक्षक (Coast Guard) अभ्यास।
- मालाबार: चतुर्भुज (QUAD) देशों के बीच बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास।
इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का महत्व:
- क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता: यह अभ्यास इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ‘स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक’ (FOIP) के साझा दृष्टिकोण को मजबूत करता है। यह चीन के बढ़ते प्रभुत्व के बीच क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
- रक्षा कूटनीति में प्रगाढ़ता: यह अभ्यास दोनों देशों के बीच न केवल सैन्य कौशल साझा करने का मंच है, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे आपसी विश्वास और “2+2” संवाद (2+2 Dialogue) की सफलता का प्रतीक है।
- आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक एकजुटता: संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित करके, यह वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

