India-Nepal Agreement on Biodiversity Conservation
संदर्भ:
हाल ही में भारत और नेपाल ने वन, वन्यजीव, पर्यावरण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के मुख्य स्तंभ:
- परिदृश्य-स्तरीय संरक्षण (Landscape-Level Conservation): समझौते में साझा पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए ‘लैंडस्केप स्तर’ पर जैव विविधता रणनीतियां बनाने पर जोर दिया गया है। इसमें कंचनजंगा (Kanchenjunga) और तराई आर्क लैंडस्केप (Terai Arc Landscape) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का एकीकृत प्रबंधन शामिल है।
- प्रमुख प्रजातियों पर ध्यान: संरक्षण प्रयासों में हाथी, गंगा डॉल्फिन, गैंडा, हिम तेंदुआ, बाघ और गिद्धों जैसी प्रमुख प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से, दोनों देशों में बाघों की बढ़ती आबादी को देखते हुए उनके गलियारों (Corridors) की बहाली मुख्य एजेंडा है।
- ट्रांसबाउंड्री कॉरिडोर का पुनर्निर्माण: वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सीमा पार गलियारों और इंटरलिंकिंग क्षेत्रों का जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिससे ‘ट्रांसबाउंड्री कंजर्वेशन लैंडस्केप’ का निर्माण होगा।
- वन्यजीव अपराध नियंत्रण: दोनों देश अवैध शिकार और वन्यजीव व्यापार को रोकने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे। इसके लिए दक्षिण एशिया वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क (SAWEN) का उपयोग किया जाएगा।
- स्मार्ट ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर: जैव विविधता वाले हॉटस्पॉट में बुनियादी ढांचे के विकास के दौरान पर्यावरण अनुकूल या ‘स्मार्ट ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर’ को बढ़ावा दिया जाएगा।
- संस्थागत ढांचा: समझौते के कार्यान्वयन की हर 3 साल में समीक्षा की जाएगी और यह हर 5 साल में स्वतः नवीनीकृत होगा।
- क्षमता निर्माण: सीमावर्ती प्रवर्तन एजेंसियों के फ्रंटलाइन कर्मचारियों के प्रशिक्षण और तकनीकी विशेषज्ञता के साझाकरण का भी प्रावधान है।
अन्य महत्वपूर्ण विकास:
- ऊर्जा सहयोग: नेपाल से भारत को 10 वर्षों में 10,000 मेगावाट बिजली निर्यात करने का समझौता हुआ है। साथ ही, पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना की प्रगति पर चर्चा जारी है।
- कनेक्टिविटी: रक्सौल-काठमांडू रेलवे परियोजना और नई पेट्रोलियम पाइपलाइनों (अमलेखगंज-चितवन) पर कार्य तेज हुआ है।
- डिजिटल भुगतान: UPI और NCHL के बीच एकीकरण से दोनों देशों के बीच सीमा पार डिजिटल लेनदेन सुगम हो गया है।
- सामुदायिक विकास: भारत द्वारा नेपाल में High Impact Community Development Projects (HICDPs) के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाई गई है।
- WASH क्षेत्र: मार्च 2025 में जल, स्वच्छता और स्वच्छता (WASH) और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समझौता किया गया।
- विधिक सहयोग: फरवरी 2026 में आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता के लिए भी हस्ताक्षर हुए।

