India ranks third in global artificial intelligence competition
संदर्भ:
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की Global AI Vibrancy Tool (2025) रिपोर्ट के अनुसार, भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में विश्व का तीसरा सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी देश बनकर उभरा है। इस सूचकांक में भारत को 21.59 अंक प्राप्त हुए हैं। पहले स्थान पर संयुक्त राज्य अमेरिका (78.6) और दूसरे स्थान पर चीन (36.95) है। यह उपलब्धि वैश्विक AI परिदृश्य में भारत की तेज प्रगति को दर्शाती है।
Global AI Vibrancy Tool क्या है?
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परिचय: ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी टूल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) द्वारा विकसित एक इंटरैक्टिव ऑनलाइन डैशबोर्ड है, जो दुनिया भर के विभिन्न देशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारिस्थितिकी तंत्र की ताकत, विकास और प्रभाव को मापता है और उनकी तुलना करता है।
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मूल्यांकन के प्रमुख घटक: “एआई वाइब्रेंसी” (AI Vibrancy) को मापने के लिए, यह टूल 40 से अधिक संकेतकों (indicators) का उपयोग करता है, जिन्हें व्यापक विश्लेषण के लिए आठ प्रमुख स्तंभों (pillars) में व्यवस्थित किया गया है। यह सूचकांक प्रतिभा उपलब्धता, अनुसंधान एवं विकास, निजी निवेश, सरकारी नीति, डिजिटल अवसंरचना, आर्थिक प्रभाव और सार्वजनिक धारणा जैसे मानकों के आधार पर देशों की AI क्षमता का आकलन करता है।
भारत की रैंकिंग का महत्व:
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निम्न-मध्यम आय देश के रूप में उपलब्धि: भारत इस शीर्ष श्रेणी में शामिल होने वाला एकमात्र निम्न-मध्यम आय वाला देश है। यह दर्शाता है कि आय स्तर और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच पारंपरिक संबंध भारत ने तोड़ा है।
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अन्य विकसित देशों से आगे: भारत ने जापान, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे उन्नत देशों को पीछे छोड़ा है।
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प्रतिभा का विशाल आधार: भारत विश्व के शीर्ष तीन AI प्रतिभा भंडार वाले देशों में शामिल है। इंजीनियरों, सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों और डेटा वैज्ञानिकों की बड़ी संख्या भारत को वैश्विक तकनीकी केंद्र बनाती है।
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अनुसंधान एवं नवाचार: जनरेटिव AI, मशीन लर्निंग और बहुभाषी मॉडल्स में भारत के पेटेंट आवेदन और शोध प्रकाशन लगातार बढ़े हैं। हाल के वर्षों में भारत AI निवेश का प्रमुख गंतव्य बना है।
- अमेज़न: वर्ष 2030 तक 35 अरब डॉलर
- माइक्रोसॉफ्ट: 17.5 अरब डॉलर
- इंटेल, कॉग्निज़ेंट, ओपनAI: सहयोग एवं निवेश योजनाएँ
भारत सरकार की नीति और संस्थागत समर्थन:
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राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति: भारत ने पहले ही राष्ट्रीय AI रणनीति के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और स्मार्ट शहरों में AI उपयोग की दिशा तय की थी।
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IndiaAI मिशन: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत IndiaAI मिशन को ₹10,371.92 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। IndiaAI मिशन के प्रमुख स्तंभ:
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IndiaAI Compute: अनुसंधान और स्टार्ट-अप्स के लिए 38,000 से अधिक उच्च क्षमता वाले GPU सुलभ कराए जा रहे हैं।
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AIKosh डेटा मंच: भारतीय भाषाओं पर आधारित गैर-व्यक्तिगत उच्च गुणवत्ता डेटासेट विकसित किए जा रहे हैं।
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स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल: भारत अपनी संप्रभु बहु-मॉडल AI प्रणालियाँ विकसित कर रहा है।
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IndiaAI FutureSkills: YUVA AI for ALL जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से एक करोड़ नागरिकों को AI कौशल से लैस करने का लक्ष्य है।
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