India Skills Report 2026
संदर्भ:
हाल ही में, भारतीय युवाओं की रोजगार क्षमता, कौशल विकास और उद्योग की स्थिति पर India Skills Report (ISR) 2026 जारी की गई। इस रिपोर्ट में देश के बदलते कौशल परिदृश्य, उभरती तकनीकी आवश्यकताओं, और उद्योग की वास्तविक मांगों का समेकित विश्लेषण पेश किया गया है।
भारत कौशल रिपोर्ट 2026 के मुख्य बिंदु:
-
समग्र रोजगार-योग्यता: भारत में युवाओं की कुल रोजगार-योग्यता 56.35% तक पहुँच गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में तेज सुधार दर्शाती है। यह वृद्धि बताती है कि कौशल विकास कार्यक्रम, उद्योग साझेदारियाँ और डिजिटल दक्षताओं पर बढ़ता ध्यान युवाओं को अधिक “जॉब-रेडी” बना रहा है।
-
महिला रोजगार-योग्यता: रिपोर्ट के अनुसार पहली बार महिलाओं की employability (54%) पुरुषों (51.5%) से अधिक दर्ज की गई। शिक्षा, BFSI, हेल्थकेयर और टियर-2/3 शहरों में अवसरों की वृद्धि ने महिला भागीदारी को नया आयाम दिया है।
-
तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता: कंप्यूटर साइंस (80%) और IT इंजीनियर (78%) सबसे अधिक रोजगार-योग्य समूह बने हुए हैं। AI, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और ऑटोमेशन संबंधित भूमिकाओं की मांग ने तकनीकी दक्षताओं को श्रम बाजार का मुख्य आधार बना दिया है।
-
कौशल-प्रथम भर्ती मॉडल: रिपोर्ट के अनुसार उद्योग अब केवल डिग्री आधारित भर्ती से आगे बढ़कर “स्किल्स-फर्स्ट” संस्कृति की ओर बढ़ रहा है। माइक्रो-क्रेडेंशियल्स, स्टैकेबल सर्टिफिकेट्स और अनुभव आधारित सीखने (experiential learning) ने रोजगार-परिदृश्य में व्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता दी है।
-
राज्यवार प्रदर्शन: रिपोर्ट में महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और केरल को शीर्ष राज्य है, जो शिक्षा गुणवत्ता, उद्योग जुड़ाव और डिजिटल कौशल प्रशिक्षण में निरंतर सुधार कर रहे है।
-
गिग और फ्रीलांस अर्थव्यवस्था: भारत में गिग हायरिंग लगभग 38% बढ़ी और कुल नौकरियों में गिग भूमिकाओं की हिस्सेदारी 16% तक पहुँच गई है। आने वाले वर्षों में गिग वर्कफोर्स का आकार लाखों में पहुँचने का अनुमान है।
-
इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव: रिपोर्ट के अनुसार 92.8% छात्र इंटर्नशिप या वास्तविक कार्य-अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं। कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु इस प्रवृत्ति में अग्रणी हैं।
-
आईटी क्षेत्र: रिपोर्ट में IT क्षेत्र को सबसे अधिक फ्रेशर-हायरिंग करने वाला सेक्टर बताया गया है, जिसमें भर्ती दर 35% तक पहुंची। कंपनियों का समग्र हायरिंग इरादा भी 40% तक ऊँचा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में स्पष्ट सुधार है।
-
व्यावसायिक शिक्षा:ITI स्नातकों की रोजगार-योग्यता 45.95% और पॉलिटेक्निक स्नातकों की 32.92% दर्ज की गई। यह सुधार दर्शाता है कि व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल-आधारित डिप्लोमा अब उद्योग की वास्तविक मांगों के साथ बेहतर रूप से जुड़े हैं।
-
कार्यबल संरचना: स्थायी रोजगार अभी भी कार्यबल का 72% हिस्सा बनाता है, लेकिन गिग और थर्ड-पार्टी रोजगार की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
भारत कौशल रिपोर्ट (India Skills Report) क्या है?
परिचय:
भारत कौशल रिपोर्ट (India Skills Report, ISR) एक वार्षिक अध्ययन है, जिसे ETS (Educational Testing Service) और Wheebox जैसी संस्थाओं के सहयोग से तैयार किया जाता है। इस रिपोर्ट में भारत के बदलते कौशल परिदृश्य, उभरती तकनीकी आवश्यकताओं, और उद्योग की वास्तविक मांगों का समेकित विश्लेषण पेश किया जाता है।
उद्देश्य:
रिपोर्ट का उद्देश्य भारत में युवा आबादी की नौकरी-तैयारी, कौशल योग्यता और industria-शिक्षा तालमेल की स्थिति का विश्लेषण करना है। यह रिपोर्ट रोजगार-तैयारी की दर, कौशल अंतर, डिजिटल और भविष्य-केंद्रित कौशल (जैसे AI, गिग वर्क), और राज्य-स्तरीय प्रतिभा हब की विश्लेषणात्मक जानकारी भी प्रदान करती है।
भागीदार संस्थाएँ:
CII (Confederation of Indian Industry), AICTE (All India Council for Technical Education) और AIU (Association of Indian Universities) इसकी भागीदार संस्थाएँ हैं।
पृष्ठभूमि:
ISR की शुरुआत वर्ष 2014 में Wheebox और PeopleStrong के संयुक्त प्रयास से हुई थी। Wheebox एक ऑनलाइन प्रतिभा परीक्षण कंपनी है, जबकि PeopleStrong HR टेक्नोलॉजी & आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता है। पिछले कई वर्षों से यह रिपोर्ट भारत-व्यापी रोजगार योग्यता के रुझानों, कौशल-माप के पैमानों और उद्योग की आवश्यकताओं में परिवर्तन को ट्रैक करती आई है।
डेटा स्रोत:
ISR 2026 रिपोर्ट लगभग 1 लाख+ उम्मीदवारों द्वारा दिया गया Global Employability Test (GET) डेटा और 7 प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के हजारों नियोक्ताओं के विचारों पर आधारित है।
2026 रिपोर्ट की थीम:
ISR 2026 की थीम है “Future of Work”, जिसमें गिग workforce, फ्रीलांसिंग, AI-समर्थित भूमिकाएं, रिमोट वर्क और उद्यमिता प्रमुख रूप से शामिल हैं।
महत्व:
यह रिपोर्ट नीति निर्माता, शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसके माध्यम से:
- सरकार यह समझ सकती है कि कौन-से कौशल सीमित हैं और कहाँ निवेश करने की आवश्यकता है।
- विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण केन्द्र उद्योग की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम डिजाइन कर सकते हैं।
- नियोक्ता भर्ती रणनीतियाँ विकसित कर सकते हैं जो कौशल-आधारित हो, न कि केवल डिग्री-आधारित।
- युवा यह जान सकते हैं कि भविष्य में कौन-से कौशल उन्हें नौकरी-तैयार बनाने में मदद करेंगे।

