India-Switzerland Relations: मैत्री संधि, आर्थिक-व्यापारिक सहयोग एवं रणनीतिक महत्व
संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्विस राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ (Guy Parmelin) के बीच एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों ने आव्रजन और आवाजाही साझेदारी समझौते (Migration and Mobility Partnership Agreement – MMPA) पर हस्ताक्षर किए।
हालिया मुलाकात के मुख्य निष्कर्ष बिंदु:
- प्रवासन और आवाजाही साझेदारी समझौता (MMPA): इसके तहत वैध प्रवासन (Legal Migration) को बढ़ावा देने तथा अवैध प्रवासन व मानव तस्करी को रोकने पर सहमति बनी।
- यह समझौता कुशल पेशेवरों, शोधकर्ताओं और छात्रों की आवाजाही को सुगम बनाएगा।
- इसके तहत 5 वर्ष तक की अवधि के लिए मल्टीपल-एंट्री वीजा (Multiple-entry Visa) और 1 वर्ष के नवीकरणीय छात्र परमिट का प्रावधान किया गया है।
- यंग प्रोफेशनल्स एक्सचेंज (YPS): दोनों देशों ने युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान के समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत प्रतिवर्ष दोनों देशों के 300 से 500 युवा पेशेवर अपनी व्यावसायिक और भाषाई दक्षताओं को सुधारने के लिए दूसरे देश में अस्थायी रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
- परिवहन प्रौद्योगिकी समझौता: सतत बुनियादी ढांचा विकास (Sustainable Infrastructure Development) के लिए परिवहन प्रणालियों और इलेक्ट्रिक वाहनों, टनल तथा रोप-वे के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
- वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार (Science and Innovation): भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन (SNSF) के बीच स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान शुरू करने पर सहमति बनी।
- रक्षा और परमाणु ऊर्जा: दोनों नेताओं ने सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा उत्पादन (Defence Production) और परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के नए अवसरों की पहचान की।
- TEPA का क्रियान्वयन: भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच हुए व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (Trade and Economic Partnership Agreement – TEPA) के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर बल दिया गया, जिसके तहत भारत में 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंध (India-Switzerland Relations)
- मैत्री संधि (Switzerland India friendship treaty): भारत की स्वतंत्रता के तुरंत बाद, दोनों देशों ने 14 अगस्त 1948 को नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक ‘मैत्री और अधिवास संधि’ (Treaty of Friendship and Establishment) पर हस्ताक्षर किए थे।
- यह स्वतंत्र भारत द्वारा हस्ताक्षरित शुरुआती संधियों में से एक थी, जिसने दोनों राष्ट्रों के बीच समानता और आपसी सम्मान की नींव रखी।
- दोनों देशों के राजनयिक संबंध (India Switzerland diplomatic relations) साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और वैश्विक शांति के प्रति प्रतिबद्धता पर टिके हैं।
- द्विपक्षीय व्यापार (India Switzerland trade relations): स्विट्जरलैंड यूरोपीय संघ से बाहर यूरोप में भारत का एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है। दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का है।
- भारत मुख्य रूप से रसायन, कपड़ा, कीमती रत्न और कृषि उत्पादों का निर्यात करता है, जबकि स्विट्जरलैंड से मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स और घड़ियों का आयात होता है।
- विदेशी निवेश: स्विट्जरलैंड भारत में निवेश करने वाले शीर्ष देशों में शामिल है। भारत में 330 से अधिक स्विस कंपनियां (जैसे नेस्ले, होल्सिम, नोवार्टिस) इंजीनियरिंग और सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत हैं।
- भारत-EFTA TEPA के लागू होने के बाद स्विस कंपनियों से भारत के विनिर्माण और डिजिटल डोमेन में भारी निवेश (India Switzerland trade and investment) की उम्मीद है।
- वैश्विक मंचों पर सहयोग: दोनों देश बहुपक्षीय मंचों पर वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की वकालत करते हैं। स्विट्जरलैंड ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत की सदस्यता का लगातार समर्थन किया है।
- कर पारदर्शिता और काला धन (Black Money): दोनों देशों के बीच कर मामलों में सूचनाओं के स्वतः आदान-प्रदान (Automatic Exchange of Information – AEOI) का समझौता क्रियान्वित है। यह वित्तीय धोखाधड़ी और टैक्स चोरी को रोकने में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साधन (Strategic Tool) है।
- वैज्ञानिक कूटनीति: भारत-स्विस संयुक्त अनुसंधान मंच के माध्यम से जलवायु परिवर्तन, एआई (AI) और जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) पर शोध कार्य जारी हैं।
- भारतीय प्रवासी (Indian Diaspora): स्विट्जरलैंड में लगभग 30,000 भारतीय नागरिक रहते हैं, जो वहां के आईटी, वित्तीय सेवाओं और अनुसंधान संस्थानों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: भारत और Switzerland के बीच संबंध कैसे हैं?
उत्तर: दोनों देशों के बीच संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, मजबूत आर्थिक सहयोग (India Switzerland economic cooperation) और विश्वास पर आधारित द्विपक्षीय और बहुआयामी हैं।
प्रश्न 2: India Switzerland Friendship Treaty क्या है?
उत्तर: यह 14 अगस्त 1948 को हस्ताक्षरित एक ऐतिहासिक संधि है, जिसने दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक शांति, कूटनीतिक और दोस्ताना संबंधों की आधिकारिक शुरुआत की थी।
प्रश्न 3: भारत और स्विट्जरलैंड के बीच प्रमुख trade क्या है?
उत्तर: भारत स्विट्जरलैंड को कपड़ा, कीमती पत्थर और कृषि उत्पाद भेजता है, जबकि वहां से कीमती धातुएं, फार्मास्यूटिकल्स और तकनीकी मशीनरी आयात (India Switzerland business relations) करता है।
प्रश्न 4: India Switzerland economic cooperation कितना महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि स्विट्जरलैंड भारत का एक बड़ा व्यापारिक भागीदार है और दोनों देश EFTA के तहत भारतीय बाजार को वैश्विक पूंजी से जोड़ रहे हैं।
प्रश्न 5: Switzerland भारत में कितना investment करता है?
उत्तर: स्विट्जरलैंड भारत के शीर्ष निवेशकों में से एक है। वर्तमान में इसकी 330 से अधिक कंपनियां भारत में सक्रिय हैं और TEPA के तहत आगामी वर्षों में बड़े निवेश का लक्ष्य है।
प्रश्न 6: भारत-स्विट्जरलैंड strategic relations क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: यह रणनीतिक संबंध (India Switzerland strategic relations) रक्षा सहयोग, परमाणु ऊर्जा, साइबर सुरक्षा और कर चोरी/काले धन से निपटने की पारदर्शी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
