India’s First Indigenous Language AI Model BharatGen
सामान्य अध्ययन पेपर II: सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप |
(India’s First Indigenous Language AI Model BharatGen) चर्चा में क्यों?
हाल ही में आयोजित ‘भारत जेन समिट’ में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत का पहला सरकारी सहायता प्राप्त स्वदेशी भाषा मॉडल “भारतजेन” लॉन्च किया। यह AI मॉडल भारतीय भाषाओं में जनरेटिव एआई को नई दिशा देगा।
भारतजेन क्या हैं?
- भारतजेन एक ऐसा स्वदेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मल्टीमॉडल वृहद भाषा मॉडल (Large Language Model – LLM) है जो जनरेटिव एआई (Generative AI) तकनीक पर आधारित है।
- यह टेक्स्ट, ऑडियो, चित्र और वीडियो जैसे विभिन्न प्रारूपों में सामग्री उत्पन्न करने में सक्षम है।
- इसका उद्देश्य भारत में कई भाषाओं में संवाद करने वाले अनुप्रयोगों को सशक्त बनाना है।
- भारतजेन को भारतजेन कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है, जो पूरी तरह से सरकारी वित्तपोषण (Government Funded) पर आधारित है।
- इसे देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों और शोधकर्ताओं के सहयोग से विकसित किया गया है।
- यह भारत को एआई क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक स्वदेशी प्रयास है।
- यह नवाचार के साथ समावेशन पहल के तहत विकसित किया गया है।
- भारतजेन का विकास राष्ट्रीय अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणाली मिशन (NM-ICPS) के तहत किया गया है।
- यह मिशन भारत सरकार द्वारा आरंभ किया गया था ताकि उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सके।
भारतजेन की मुख्य विशेषताएँ
- बहुभाषी क्षमता: भारतजेन में टेक्स्ट (पाठ), स्पीच (भाषण) और इमेज (चित्र) को समझने और उत्पन्न करने की क्षमता है। यह मॉडल 22 भारतीय भाषाओं में काम कर सकता है, जिससे स्थानीय भाषाओं में संवाद सक्षम एप्लिकेशन बनाना आसान हो जाता है। इसकी मल्टीमॉडल संरचना इसे एक ही समय में अलग-अलग स्वरूपों में इनपुट समझने और आउटपुट देने में सक्षम बनाती है।
- उच्च गुणवत्ता: यह मॉडल पूरी तरह से भारत में एकत्र किए गए भाषाई डेटा पर प्रशिक्षित है, जिसमें साहित्यिक लेख, समाचार रिपोर्ट, भाषण रिकॉर्डिंग और सामाजिक संदर्भों से ली गई सामग्री शामिल है। इसके कारण भारतजेन भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के अनुरूप सामग्री तैयार कर सकता है। यह भारत की उन भाषाओं को भी समाहित करता है, जिनकी डिजिटल उपस्थिति बेहद सीमित है।
- ओपन-सोर्स: भारतजेन को एक ओपन-सोर्स आधारभूत मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, ताकि हर नागरिक, शोधकर्ता और डेवलपर इसका उपयोग कर सके। इसका उद्देश्य केवल एआई तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि उसे सार्वजनिक हित में उपलब्ध कराना है।
- इसमें डेटा-कुशल (Data-efficient) शिक्षण तकनीकें अपनाई गई हैं, जिससे कम डेटा के साथ भी सटीक और प्रभावशाली मॉडल तैयार किया जा सके।
भारतजेन के विकास में प्रमुख संस्थानों की भूमिका
- आईआईटी बॉम्बे: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने इस परियोजना के मुख्य तकनीकी केंद्र के रूप में कार्य किया है। संस्थान ने तकनीकी विकास में योगदान के साथ साथ डाटा प्रशिक्षण, भाषाई मॉडलिंग, और उपयोगकर्ता के अनुकूल एल्गोरिद्म तैयार करने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
- TIH फाउंडेशन फॉर IoT & IoE: भारतजेन परियोजना का संचालन TIH फाउंडेशन फॉर IoT & IoE (TIH-IoT) द्वारा किया गया है, जो IIT बॉम्बे में कार्यरत एक प्रमुख संस्था है।
- यह फाउंडेशन NM-ICPS मिशन के अंतर्गत कार्य करता है और देश में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तथा इंटरनेट ऑफ एवरीथिंग (IoE) जैसे क्षेत्रों में तकनीकी नवाचार और शोध को गति देता है।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology – DST) ने इस परियोजना को वित्तीय सहायता और नीति मार्गदर्शन प्रदान किया।
- अन्य भागीदार: भारतजेन को विकसित करने में देश के अन्य प्रमुख शिक्षण संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञों, और शोधकर्ताओं का भी सक्रिय सहयोग रहा।
जनरेटिव एआई में भारतजेन की उपयोगिता और अनुप्रयोग
- सरकारी सेवाओं में दक्षता: भारतजेन का सबसे बड़ा योगदान सरकारी तंत्र की गति और पारदर्शिता बढ़ाने में होगा। यह मॉडल सरकारी दस्तावेज़ों का अनुवाद, शिकायत निवारण प्रणाली, और नीति संप्रेषण में स्थानीय भाषाओं के माध्यम से सरल और प्रभावी संवाद स्थापित करेगा। इससे दूर-दराज के नागरिकों को अपनी भाषा में जानकारी प्राप्त होगी, जिससे प्रशासनिक जटिलताओं में कमी आएगी।
- शिक्षा प्रणाली में भाषाई सशक्तिकरण: भारतजेन शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने में सक्षम है। यह मॉडल विद्यार्थियों और शिक्षकों को उनकी मातृभाषा में अध्ययन सामग्री, शिक्षण वीडियो, और संवादात्मक पाठ्य सामग्री प्रदान कर सकता है। इससे न केवल गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि डिजिटल डिवाइड भी कम होगा।
- स्वास्थ्य सेवाओं में सुविधा: भारतजेन का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में चिकित्सकीय सलाह, निदान से संबंधित जानकारी, और औषधि निर्देशों को आमजन की भाषा में पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। इससे डॉक्टर और मरीज के बीच संवाद बेहतर होगा। भारतजेन इलाज प्रक्रिया को बहुभाषीय बनाकर हर व्यक्ति को अपनी भाषा में समझ प्रदान करेगा।
- कृषि क्षेत्र में समाधान: किसानों की भाषा में संवाद स्थापित करना भारतजेन की एक प्रमुख ताकत है। कृषि से संबंधित जानकारी, जैसे मौसम पूर्वानुमान, फसल सलाह, सरकारी योजनाएं, और कीट नियंत्रण उपाय – अब किसानों को उनकी मातृभाषा में प्राप्त हो सकेंगी। इससे सूचना का प्रभावी प्रसार होगा और किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में सक्षम बनेंगे।
- भाषाई समावेशिता: आज तक के वैश्विक एआई मॉडल मुख्य रूप से अंग्रेजी पर केंद्रित रहे हैं, जिससे भारतीय भाषाओं की डिजिटल अनदेखी हुई। भारतजेन मॉडल 22 भारतीय भाषाओं में कार्य करने में सक्षम है, जिससे हर भाषा, बोली और संस्कृति को तकनीकी रूप से बराबरी का अवसर मिलेगा। यह न केवल भाषाओं के संरक्षण की दिशा में सहायक होगा, बल्कि भारतीय समाज के विविध स्वरूप को डिजिटल युग में जीवंत बनाए रखेगा।
आत्मनिर्भर भारत मिशन में भारतजेन का महत्व
- तकनीकी आत्मनिर्भरता:
- भारतजेन पूरी तरह से भारतीय अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित एक मूलभूत एआई प्रणाली है।
- यह परियोजना आयातित मॉडल्स पर निर्भरता को खत्म करके, देश की तकनीकी संप्रभुता को मजबूत बनाती है।
- इससे विदेशी जनरेटिव एआई टूल्स की आवश्यकता घटेगी और भारत खुद के समाधान तैयार कर सकेगा।
- स्टार्टअप्स और नवाचार को समर्थन:
- भारतजेन का ओपन-सोर्स स्वरूप नवोदित स्टार्टअप्स, नवाचारियों और अनुसंधानकर्ताओं को अत्याधुनिक एआई क्षमताएं प्रदान करता है।
- इससे छोटे तकनीकी संस्थान भी खुद के एआई समाधान विकसित कर सकते हैं।
- यह स्थानीय स्तर पर नए उत्पादों और सेवाओं की रचना को प्रोत्साहित करता है, जिससे स्वदेशी नवाचार संस्कृति का विस्तार होता है।
भारत में AI विकास की अन्य प्रमुख पहलें
- इंडिया एआई मिशन: इंडिया एआई मिशन एक राष्ट्रीय स्तर की एआई रणनीति है जिसे डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC) द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह पहल भारत को एआई अनुसंधान, नीति निर्माण और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक मंच पर स्थापित करने का प्रयास करती है।
- नेशनल एआई पोर्टल (INDIAai): INDIAai पोर्टल भारत में एआई जानकारी और संसाधनों का एकीकृत मंच है। इसे MeitY, NeGD और NASSCOM के संयुक्त प्रयास से तैयार किया गया है। यह पोर्टल आम लोगों, छात्रों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को विश्वसनीय एआई सामग्री प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है। यह पोर्टल एआई से जुड़ी समाचार, शोधपत्र, स्टार्टअप्स, केस स्टडीज़ और सरकारी नीतियों का एकत्रित भंडार है।
- AIRAWAT प्लेटफॉर्म: AIRAWAT भारत का एक उच्चस्तरीय AI सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसे एआई अनुसंधान, डेटा विश्लेषण और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। यह मंच विशेष रूप से एआई स्टार्टअप्स, शैक्षिक संस्थानों और सरकारी प्रयोगशालाओं को प्रचुर कंप्यूटिंग संसाधन और डेटा प्रोसेसिंग क्षमता प्रदान करता है।
- GPAI: Global Partnership on Artificial Intelligence (GPAI) में भारत एक संस्थापक सदस्य के रूप में शामिल है। यह मंच दुनिया भर के देशों को एक साथ लाकर एआई के नैतिक, जिम्मेदार और समावेशी उपयोग को बढ़ावा देता है।
- भारत इस साझेदारी के माध्यम से नीति, डेटा सुरक्षा, नैतिक दिशा-निर्देश और वैश्विक सहयोग में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
- राष्ट्रीय एआई स्किलिंग: National AI Skilling Program और YuvaAI Initiative मिलकर भारतीय युवाओं को एआई के प्रति जागरूक, प्रशिक्षित और सक्षम बना रहे हैं। इन कार्यक्रमों के ज़रिए छात्रों, युवाओं और कार्यरत पेशेवरों को बेसिक से एडवांस एआई कौशल सिखाए जाते हैं।