भारतीय नौसेना को सौंपा गया पनडुब्बी रोधी युद्धपोत INS Amini, वाटरजेट प्रणोदन प्रणाली पर है आधारित
संदर्भ:
हाल ही में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘अमिनी’ (INS Amini) को आधिकारिक तौर पर भारतीय नौसेना (Indian Navy) को सौंपा।

युद्धपोत ‘अमिनी’ के बारे मे:
- परिचय: आईएनएस अमिनी (INS Amini) भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत है।
- श्रेणी: INS Amini, भारतीय नौसेना के अर्नाला श्रेणी (Arnala Class) के अंतर्गत आने वाला पांचवां उथले पानी का पनडुब्बी रोधी पोत (ASW Shallow Water Craft – ASW SWC) है।
- प्रतिस्थापन: ये नए स्वदेशी युद्धपोत पुराने हो चुके ‘अभय श्रेणी’ (Abhay Class) के एंटी-सबमरीन कॉर्वेट्स की जगह लेंगे।
- नामकरण: इस जहाज का नाम केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के ‘अमिनी द्वीप’ (Amini Island) पर रखा गया है।
- यह पूर्व सोवियत मूल के पेट्या III श्रेणी (Petya III Class) के युद्धपोत ‘आईएनएस अमिनी’ (INS Amini) की विरासत को पुनर्जीवित करता है, जिसे वर्ष 2002 में सेवामुक्त (Decommissioned) कर दिया गया था।
- तकनीकी विशिष्टताएं (Technical Specifications):
- आकार और विस्थापन: इस पनडुब्बी शिकारी (Submarine Hunter) पोत की कुल लंबाई लगभग 77.6 मीटर और चौड़ाई 10.5 मीटर है। इसका पूर्ण विस्थापन 900 टन (900 Tonnes) है।
- उथला ड्राफ्ट (Shallow Draught): इसका ड्राफ्ट केवल 2.7 मीटर है। यह कम गहरा ड्राफ्ट इसे तटीय और उथले समुद्री जलक्षेत्र (Littoral and Shallow Waters) में बिना किसी रुकावट के संचालन करने की अद्वितीय क्षमता प्रदान करता है।
- गति और सहनशक्ति: यह पोत अधिकतम 25 नॉट (लगभग 46 किमी/घंटा) की गति प्राप्त कर सकता है और इसकी परिचालन क्षमता (Endurance) 14 नॉट की गति पर 1,800 समुद्री मील (Nautical Miles) तक है।
- वॉटरजेट प्रणोदन प्रणाली (Waterjet Propulsion System):
- प्रणाली की रूपरेखा: पारंपरिक प्रोपेलर (पंखेदार शाफ्ट) के विपरीत, आईएनएस अमिनी वॉटरजेट प्रणोदन (INS Amini Waterjet Propulsion) प्रणाली से संचालित है, जो 3 अत्याधुनिक एमटीयू (MTU) मरीन डीजल इंजनों से जुड़ी है।
- कार्यप्रणाली: यह प्रणाली जहाज के निचले हिस्से से पानी खींचती है और उसे एक उच्च शक्ति वाले नोजल (Nozzle) के माध्यम से पीछे की ओर तेज धार के रूप में फेंकती है, जिससे न्यूटन के गति के तीसरे नियम (Action-Reaction) के आधार पर पोत को आगे की गति मिलती है।
- रणनीतिक लाभ: यह तकनीक कम गहरे पानी (Shallow Water Anti Submarine Warfare) में पोत को बहुत तेजी से मुड़ने, अचानक रुकने और अत्यंत उच्च गतिशीलता (Manoeuvrability) के साथ दिशा बदलने की स्वतंत्रता देती है।
- हथियार और सेंसर विन्यास (Weapons and Sensors Configuration): पनडुब्बियों और सतह के खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आईएनएस अमिनी निम्नलिखित स्वदेशी रक्षा उपकरणों से लैस है:
- पनडुब्बी रोधी हथियार: यह आधुनिक हल्के वजन वाले टॉरपीडो (Lightweight Torpedoes) और स्वदेशी रूप से विकसित एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स (ASW Rockets) से सुसज्जित है।
- डिटेक्शन सिस्टम (सोनार): पानी के भीतर छिपे खतरों को ट्रैक करने के लिए इसमें उन्नत हल-माउंटेड सोनार (Hull-Mounted Sonar) और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार लगाया गया है।
- लड़ाकू प्रबंधन प्रणाली (Combat Management System – CMS): विभिन्न सेंसरों और हथियारों से मिलने वाले डेटा को एकीकृत कर त्वरित निर्णय लेने के लिए इसमें अत्याधुनिक स्वदेशी सीएमएस लगाया गया है।
- सतह सुरक्षा: सतह के हमलों से आत्मरक्षा के लिए इसमें जीआरएसई (GRSE) द्वारा निर्मित 30 मिमी क्लोज-इन नेवल गन शामिल है।
भारतीय नौसेना के लिए सामरिक महत्व:
- तटीय सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण: मुंबई हमलों (26/11) के बाद से तटीय सुरक्षा भारत की एक बड़ी प्राथमिकता रही है। यह पोत बंदरगाहों, नौसैनिक अड्डों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (EEZ) की उथले पानी में सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
- सॉफ्ट किलिंग और माइन वारफेयर: अपनी उन्नत डिजाइन के कारण यह पोत न केवल पनडुब्बियों का शिकार कर सकता है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर तटीय क्षेत्रों में बारूदी सुरंगें बिछाने (Mine-Laying) और कम तीव्रता वाले समुद्री ऑपरेशनों (LIMO) को संचालित करने में भी पूरी तरह सक्षम है।
- विमानों के साथ नेटवर्क-केंद्रित समन्वय: आईएनएस अमिनी स्वतंत्र पेट्रोलिंग करने के अलावा नौसेना के पी-8आई (P-8I) जैसे लंबी दूरी के पनडुब्बी रोधी विमानों और हेलीकॉप्टरों के साथ रीयल-टाइम डेटा साझा कर समन्वित पनडुब्बी रोधी अभियान (Coordinated ASW Operations) चला सकता है।
- स्वदेशीकरण (Indigenization): इस पोत में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content) का उपयोग किया गया है। यह भारत की विदेशी देशों पर रक्षा निर्भरता को कम करता है और भारतीय नौसेना के ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) के संकल्प को साकार करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अमिनी क्या है?
उत्तर: आईएनएस अमिनी (INS Amini) भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित अर्नाला श्रेणी का पांचवां उथले पानी का पनडुब्बी रोधी युद्धपोत (ASW SWC) है।
प्रश्न 2: अमिनी युद्धपोत किस प्रकार की प्रणोदन प्रणाली पर आधारित है?
उत्तर: यह युद्धपोत आधुनिक वॉटरजेट प्रणोदन प्रणाली (Waterjet Propulsion System) और मरीन डीजल इंजनों के संयोजन पर आधारित है।
प्रश्न 3: वाटरजेट प्रणोदन प्रणाली कैसे काम करती है?
उत्तर: यह प्रणाली जहाज के नीचे से पानी सोखकर उसे पीछे लगे नोजल से उच्च वेग के साथ बाहर फेंकती है, जो पोत को उथले पानी में उत्कृष्ट गति और स्थिरता देता है।
प्रश्न 4: पनडुब्बी रोधी युद्धपोत का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों और बंदरगाहों के पास छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों की खोज करना, सोनार से उनका पता लगाना और टॉरपीडो से उन्हें नष्ट करना है।
प्रश्न 5: भारतीय नौसेना के लिए अमिनी युद्धपोत क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: 80% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित यह पोत तटीय जल में भारत की पनडुब्बी रोधी मारक क्षमता (Anti Submarine Warfare Capability) को बढ़ाकर हिंद महासागर में सुरक्षा चक्र मजबूत करता है।