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मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट INS Tarkash, समुद्री अभ्यास IBSAMAR IX 2026 में लेगा भाग

मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट INS Tarkash, समुद्री अभ्यास IBSAMAR IX 2026 में लेगा भाग

INS Tarkash IBSAMAR IX 2026

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय नौसेना का अग्रणी निर्देशित मिसाइल गाइडेड स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तरकश (INS Tarkash), भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास के नौवें संस्करण आईबीएसएएमएआर IX 2026 (IBSAMAR IX 2026) में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका (South Africa) पहुँचा। 

समुद्री अभ्यास IBSAMAR IX 2026 के बारे में:

  • परिचय: आईबीएसएएमएआर (IBSAMAR) एक त्रिपक्षीय बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास (Trilateral Multinational Maritime Exercise) है। यह अभ्यास भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच स्थापित IBSA (India-Brazil-South Africa) त्रिपक्षीय ढांचे के अंतर्गत आयोजित किया जाता है। 
  • शुरुआत (First Edition): इस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास का पहला संस्करण वर्ष 2008 में आयोजित किया गया था।
  • आवृत्ति (Frequency): यह अभ्यास द्विवार्षिक (Biennial) रूप से यानी हर दो साल में एक बार आयोजित किया जाता है। 
  • वर्तमान संस्करण: अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाला यह अभ्यास इसका नौवां संस्करण (9th Edition) है।
    • दिनांक: यह अभ्यास 8 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
  • स्थान (Venue): इसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका द्वारा की जा रही है। यह दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी केप में स्थित साइमन्स टाउन (Simon’s Town) नौसैनिक बेस पर आयोजित हो रहा है। 
  • मुख्य विषय (Theme): वर्ष 2026 के इस संस्करण का आधिकारिक विषय “समुद्री क्षेत्र में एक साझा भविष्य की ओर एकजुट होकर मजबूत होना” (Stronger Together Towards a Shared Future in the Maritime Domain) रखा गया है।
  • भागीदार: 
    • भारत (India): भारतीय नौसेना (INS Tarkash Indian Navy) का प्रतिनिधित्व गाइडेड-मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तरकश (INS Tarkash) और इसके साथ एकीकृत चेतक हेलीकॉप्टर (Chetak Helicopter) कर रहा है।
    • ब्राजील (Brazil): ब्राजीलियाई नौसेना का युद्धपोत बीएनएस बारोसो (BNS Barroso) और इसके साथ एक लिंक्स हेलीकॉप्टर (Lynx Helicopter) शामिल है।
    • दक्षिण अफ्रीका (South Africa): दक्षिण अफ्रीकी नौसेना की ओर से तीन पोत—SAS अमाटोला (SAS Amatola), SAS किंग सेखुखुने I (SAS King Sekhukhune I), और SAS एडम कोक III (SAS Adam Kok III) के साथ-साथ SAS मंथातिसी (SAS Manthatisi) पनडुब्बी भाग ले रही है।
  • संचालन: इस अभ्यास में आधुनिक नौसैनिक युद्ध प्रणालियों और परिचालन प्रथाओं के आदान-प्रदान (Operational Best Practices) के लिए व्यापक समुद्री अभियानों (Spectrum of Maritime Operations) को शामिल किया गया है: 
  • पारंपरिक युद्ध अभ्यास: इसके तहत सतही युद्ध (Surface Warfare), वायु-रोधी युद्ध (Anti-Air Warfare), और पनडुब्बी-रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare) की लाइव ड्रिल आयोजित की जाती हैं।
  • सामरिक नौसैनिक हवाई संचालन: जहाजों और हेलीकॉप्टरों के बीच समन्वित उड़ान संचालन (Naval Air Operations) का समन्वय।
  • समुद्री सुरक्षा और कानून प्रवर्तन: समुद्री अवरोधन (Maritime Interdiction), विजिट बोर्ड सर्च एंड सीजर (VBSS) तकनीक, और समुद्री डकैती विरोधी अभियानों (Anti-Piracy Operations) का कड़ा अभ्यास।
  • मानवीय सहायता और आपातकालीन प्रतिक्रिया: खोज और बचाव (Search and Rescue), क्षति नियंत्रण (Damage Control), और अग्निशमन (Firefighting) प्रणालियों का संयुक्त संचालन।

आईएनएस तरकश:

  • परिचय: आईएनएस तरकश भारतीय नौसेना का एक अग्रणी निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट (Guided-Missile Stealth Frigate) है। यह नौसेना के वेस्टर्न फ्लीट (मुंबई) का हिस्सा है।
  • श्रेणी (Class): यह रूसी डिजाइन पर आधारित तलवार-श्रेणी (Talwar-class) का दूसरा युद्धपोत है, जो क्रिवक III-श्रेणी (Krivak III-class) का संशोधित रूप है।
  • निर्माण: इसका निर्माण रूस के कलिनिनग्राद में स्थित यांतर शिपयार्ड (Yantar Shipyard) द्वारा किया गया था और इसे 9 नवंबर 2012 को भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया था।
  • विशेषताएं:
    • विस्थापन (Displacement): इसका कुल पूर्ण-भार विस्थापन लगभग 3,850 टन है।
    • गति और सीमा (Speed & Range): यह 30 नॉट्स (Knots) से अधिक की तीव्र गति से चलने में सक्षम है और इसकी परिचालन सीमा 4,500 समुद्री मील (या 30 दिनों का निरंतर संचालन) है।
    • हथियार प्रणालियां (Weapons): यह सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों (जैसे ब्रह्मोस), सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (SAM), 100 मिमी की मुख्य गन, क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS), टॉरपीडो लॉन्चर और पनडुब्बी-रोधी रॉकेट लॉन्चरों से लैस है।
    • स्टील्थ तकनीक (Stealth Features): इसके बाहरी ढांचे में उन्नत स्टील्थ विशेषताएं जोड़ी गई हैं जो इसके रडार, इन्फ्रारेड, ध्वनिक (Acoustic), और चुंबकीय हस्ताक्षरों (Magnetic Signatures) को न्यूनतम कर देती हैं, जिससे समुद्र में दुश्मन के रडार द्वारा इसे पकड़ना अत्यंत कठिन हो जाता है। 

भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका रक्षा सहयोग का रणनीतिक महत्व:

  • ग्लोबल साउथ का सुदृढ़ीकरण (Strengthening Global South): यह अभ्यास तीन महाद्वीपों (एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका) की तीन प्रमुख लोकतांत्रिक शक्तियों को एक मंच पर लाता है, जो वैश्विक मंचों पर ‘ग्लोबल साउथ’ की रणनीतिक स्वायत्तता को प्रदर्शित करता है।
  • अंतर-संचालनीयता में वृद्धि (Enhancing Interoperability): विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच साझा सिग्नलों, संचार नेटवर्कों और युद्ध रणनीतियों के एकीकरण से भविष्य के संयुक्त बहुराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र (UN) शांति अभियानों में मदद मिलती है।
  • हिंद महासागर सुरक्षा (Indian Ocean Maritime Security): अफ्रीका के समुद्री मार्ग और दक्षिण अटलांटिक के रणनीतिक जंक्शन पर यह अभ्यास भारत की “सागर” (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) और “महासागर” (MAHASAGAR) दृष्टि के अनुकूल है, जो समुद्री डकैती और अवैध तस्करी को रोकने में मदद करता है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: INS Tarkash क्या है?

उत्तर: आईएनएस तरकश भारतीय नौसेना का तलवार-श्रेणी का अत्याधुनिक निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट (Stealth Frigate) है, जिसे 2012 में सेवा में शामिल किया गया था। 

प्रश्न 2: IBSAMAR IX 2026 समुद्री अभ्यास क्या है?

उत्तर: यह भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं के बीच आयोजित होने वाला त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास का 9वां संस्करण है, जो समुद्री सहयोग को बढ़ावा देता है।

प्रश्न 3: IBSAMAR अभ्यास में कौन-कौन से देश भाग लेते हैं?

उत्तर: इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास (IBSAMAR IX Naval Exercise) में तीन देश—भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका भाग लेते हैं।

प्रश्न 4: INS Tarkash को इस अभ्यास में क्यों शामिल किया गया है?

उत्तर: इसकी उन्नत स्टील्थ क्षमताओं, विविध मिसाइल प्रणालियों और लंबी दूरी की परिचालन क्षमता (Deployment) के कारण इसे अंतर-संचालनीयता बढ़ाने के लिए शामिल किया गया है। 

प्रश्न 5: Stealth Frigate क्या होता है?

उत्तर: स्टील्थ फ्रिगेट एक ऐसा मध्यम आकार का युद्धपोत (Warship) होता है, जिसके डिजाइन और सामग्री के कारण रडार, ध्वनि और गर्मी के संकेतों को कम करके इसे दुश्मन की नजरों से छिपाया जा सकता है। 

प्रश्न 6: INS Tarkash की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

उत्तर: इसकी विशेषताओं में 3,850 टन का विस्थापन, 30 नॉट्स से अधिक की गति, उन्नत मिसाइलें, रडार रिडक्शन स्टील्थ तकनीक और चेतक हेलीकॉप्टर का वहन शामिल हैं।

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