Integrated Air Defense Weapon System
संदर्भ:
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मिशन ‘सुदर्शन चक्र’ के तहत इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) के पहले उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए।
समेकित वायु रक्षा हथियार प्रणाली (IADWS):
- परिचय: IADWS (Integrated Air Defence Weapon System) एक बहु-स्तरीय (multi-layered) रक्षा प्रणाली है, जिसे विभिन्न हवाई खतरों से देश की सुरक्षा के लिए विकसित किया गया है।
- मुख्य घटक:
- क्विक रिएक्शन सरफेस–टू–एयर मिसाइल (QRSAMs)– तेज प्रतिक्रिया क्षमता वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल।
- एडवांस्ड वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS)– अत्यंत कम दूरी की वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली।
- लेज़र आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (Directed Energy Weapon – DEW)– लेज़र तकनीक पर आधारित आधुनिक हथियार।
- हालिया परीक्षण:
- चांदीपुर में हाल ही में हुए उड़ान परीक्षणों (flight tests) में IADWS के सभी घटकों ने अपनी भूमिका सफलतापूर्वक निभाई।
- परीक्षण रेंज उपकरणों (range instruments) द्वारा पुष्टि की गई कि यह प्रणाली कई हवाई खतरों को सटीकता से रोकने और नष्ट करने की क्षमता रखती है।
इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) के घटक:
- QRSAM (Quick Reaction Surface-to-Air Missile): यह तेजी से प्रतिक्रिया देने वाली मिसाइल है, जो मध्यम दूरी पर हवाई खतरों को नष्ट करती है।
- VSHORADS (Very Short Range Air Defence System): यह उन्नत मिसाइल प्रणाली बेहद कम दूरी से आने वाले हवाई खतरों को तुरंत समाप्त करने में सक्षम है।
- DEW (Directed Energy Weapon – लेज़र आधारित हथियार): यह लेज़र तकनीक से काम करने वाला हथियार है, जो दुश्मन के हवाई खतरों को सटीकता से निष्क्रिय करता है।
- केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (DRDL, हैदराबाद द्वारा विकसित): यह पूरे सिस्टम को एकीकृत करके QRSAM, VSHORADS और DEW का संचालन करता है।
DRDO (Defence Research and Development Organisation)
स्थापना (Formation):
- DRDO की स्थापना वर्ष1958 में हुई।
- यह संगठन तीन संस्थाओं के विलय से बना:
- Technical Development Establishment (TDEs) – भारतीय सेना का तकनीकी विकास प्रतिष्ठान
- Directorate of Technical Development and Production (DTDP) – तकनीकी विकास और उत्पादन निदेशालय
- Defence Science Organisation (DSO) – रक्षा विज्ञान संगठन
संगठनात्मक संरचना (Organisational Structure):
- नेतृत्व (Headed by):
DRDO का नेतृत्वरक्षा अनुसंधान और विकास विभाग (Department of Defence R&D) के सचिव और DRDO के महानिदेशक (Director General – DG) द्वारा किया जाता है। - सहायक अधिकारी (Assisting Officers):
DG की सहायता वैज्ञानिक करते हैं, जिन्हेंChief Controllers कहा जाता है। ये अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालते हैं।
तकनीकी क्लस्टर (Technology Clusters):
DRDO को 7 प्रमुख तकनीकी क्लस्टर में बांटा गया है –
- Aeronautics (विमानन विज्ञान)
- Armament (शस्त्रास्त्र)
- Combat Engineering (युद्ध इंजीनियरिंग)
- Electronics and Communication Systems (इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार प्रणाली)
- Micro Electronic Devices and Computational Systems (सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कम्प्यूटेशनल सिस्टम)
- Life Sciences (जीवन विज्ञान)
- Naval Systems (नौसैनिक प्रणाली)
प्रयोगशालाएँ (Laboratories):
- DRDO के पास पूरे भारत में 53 विशेषीकृत प्रयोगशालाएँ (Specialised Labs) हैं।
- ये प्रयोगशालाएँ सशस्त्र बलों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम करती हैं।
- प्रत्येक प्रयोगशाला ऊपर बताए गए 7 क्लस्टर के अंतर्गत कार्य करती है।