International Day to End Impunity for Crimes Against Journalists: उद्देश्य, शुरुआत एवं महत्व
संदर्भ:
2 नवंबर 2026 को विश्व भर में पत्रकारों के खिलाफ अपराधों के लिए दंडमुक्ति समाप्त करने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day to End Impunity for Crimes Against Journalists) मनाया जा रहा है।

पत्रकारों के खिलाफ अपराधों के लिए दंडमुक्ति समाप्त करने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस के बारे में:
- परिचय: International Day to End Impunity for Crimes Against Journalists, प्रतिवर्ष 2 नवंबर को दुनिया भर में पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय दिवस है।
- मुख्य उद्देश्य:
- जवाबदेही तय करना: मीडिया कर्मियों के खिलाफ किए गए अपराधों की त्वरित, स्वतंत्र और प्रभावी न्यायिक जांच सुनिश्चित करना।
- दंडमुक्ति की संस्कृति को रोकना: अपराधियों को सजा दिलाकर उस सामाजिक व प्रशासनिक माहौल को समाप्त करना जो पत्रकारों पर हमलों (Attacks on Journalists) को बढ़ावा देता है।
- सत्य की रक्षा: यह सुनिश्चित करना कि नागरिक समाज में सूचनाओं का मुक्त प्रवाह और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of the Press) बिना किसी भय के बनी रहे।
- शुरुआत: संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly – UNGA) ने दिसंबर 2013 में अपने 68वें सत्र के दौरान प्रस्ताव (Resolution A/RES/68/163) पारित किया था। इसके तहत 2 नवंबर को इस दिवस के रूप में घोषित किया गया।
- ऐतिहासिक घटना: 2 नवंबर की तिथि का चयन माली (Mali) में 2 नवंबर 2013 को दो फ्रांसीसी पत्रकारों (गिस्लेन ड्यूपॉन्ट और क्लाउड वर्लोन) की नृशंस हत्या की स्मृति में किया गया था।
- वैश्विक नोडल एजेंसी: संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) इस दिवस के वैश्विक आयोजन और जागरूकता अभियानों का नेतृत्व करता है।
- वर्ष 2026 का मुख्य विषय (Theme 2026): वर्ष 2026 के लिए यूनेस्को का वैश्विक अभियान “खतरे विकसित हो रहे हैं, दंडमुक्ति कायम है” (Threats Evolve. Impunity Endures.) विषय पर केंद्रित है।
- इस वर्ष की थीम मुख्य रूप से नए हथियारों, मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs/Drones) और डिजिटल स्पेस में उभरती प्रौद्योगिकियों के कारण पत्रकारों के सामने आने वाले आधुनिक खतरों को रेखांकित करती है।
वैश्विक आंकड़े और चिंताजनक रुझान:
यूनेस्को के महानिदेशक की 2026 की रिपोर्ट (UNESCO Director-General’s 2026 Report) के मुख्य बिंदु एक गंभीर वास्तविकता को दर्शाते हैं:
- बढ़ती हिंसा: रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 की अवधि में ही 189 पत्रकारों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह पिछली दो-वर्षीय अवधि की तुलना में लगभग 20% की वृद्धि है।
- संघर्ष क्षेत्रों का प्रभाव: कुल मौतों में से 67% घटनाएं युद्धग्रस्त या संघर्ष क्षेत्रों (Conflict Zones) में दर्ज की गईं।
- ड्रोन हमलों का नया खतरा: लगभग 50 पत्रकारों की मृत्यु छह अलग-अलग युद्ध क्षेत्रों में मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs) या सैन्य ड्रोन हमलों के कारण हुई। यह तकनीकी रूप से सक्षम नए खतरों (Technology-enabled Threats) को प्रदर्शित करता है।
- दंडमुक्ति की उच्च दर (Impunity Rate): आज भी वैश्विक स्तर पर लगभग 86% मामले (लगभग 9 में से 10 मामले) न्यायिक रूप से अनसुलझे हैं। अर्थात पत्रकारों की हत्या करने वाले अपराधी कानून की पहुंच से बाहर हैं।
- लैंगिक आधारित हिंसा: महिला पत्रकारों को न केवल भौतिक मोर्चों पर बल्कि डिजिटल स्पेस में भी लक्षित ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर स्टॉकिंग (Cyberstalking) और एआई-संचालित लैंगिक हिंसा (AI-facilitated Gender-Based Violence) का सामना करना पड़ रहा है।
प्रेस स्वतंत्रता और लोकतंत्र का महत्व:
- लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ (Fourth Pillar of Democracy): स्वतंत्र मीडिया सरकार की नीतियों की समीक्षा करता है, भ्रष्टाचार को उजागर करता है और सत्ता को जनता के प्रति जवाबदेह बनाता है। पत्रकारों की सुरक्षा (Journalist Safety Awareness) सीधे तौर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती से जुड़ी है।
- UN पत्रकारों की सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र कार्य योजना (UN Plan of Action on the Safety of Journalists and the Issue of Impunity) 2012 में शुरू की गई पहली समन्वित वैश्विक पहल है। इसका उद्देश्य संघर्ष और गैर-संघर्ष दोनों ही स्थितियों में पत्रकारों के लिए एक स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल बनाना है।
- सेंसरशिप का शमन: जब पत्रकारों पर होने वाले हमलों के अपराधियों को दंड नहीं मिलता, तो समाज में ‘सेल्फ-सेंसरशिप’ (Self-censorship) का माहौल बनता है। इससे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism) हतोत्साहित होती है और मानवाधिकारों का हनन छिप जाता है।
- सतत विकास लक्ष्य (SDG 16.10): संयुक्त राष्ट्र के एजेंडा 2030 के तहत एसडीजी लक्ष्य 16.10 राष्ट्रीय कानूनों और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के अनुसार सूचना तक सार्वजनिक पहुंच सुनिश्चित करने और मौलिक स्वतंत्रताओं की रक्षा करने की वकालत करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: पत्रकारों के खिलाफ अपराधों के लिए दंडमुक्ति समाप्त करने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: यह महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दिवस प्रतिवर्ष 2 नवंबर को दुनिया भर में पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।
प्रश्न 2: इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस की शुरुआत कब और किसके द्वारा की गई थी?
उत्तर: इसकी शुरुआत 2013 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा संकल्प 68/163 पारित करके की गई थी, जिसे माली में दो फ्रांसीसी पत्रकारों की हत्या की याद में स्थापित किया गया।
प्रश्न 3: पत्रकारों के खिलाफ अपराधों के लिए दंडमुक्ति समाप्त करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य मीडिया कर्मियों (Protection of Media Workers) के विरुद्ध हिंसा करने वालों को सजा दिलाना, कानूनी जवाबदेही सुनिश्चित करना और भय-मुक्त पत्रकारिता का वातावरण बनाना है।
प्रश्न 4: पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह समाज में मानवाधिकारों के संरक्षण, पारदर्शिता लाने, भ्रष्टाचार को रोकने तथा जीवंत लोकतंत्र की रक्षा (Media Freedom and Democracy) के लिए बुनियादी रूप से आवश्यक है।
प्रश्न 5: पत्रकारों के खिलाफ हिंसा और अपराधों को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र क्या प्रयास करता है?
उत्तर: संयुक्त राष्ट्र (UN) इसके लिए “पत्रकारों की सुरक्षा पर यूएन कार्य योजना” (UN Plan of Action on the Safety of Journalists) संचालित करता है, यूनेस्को रिपोर्टों के माध्यम से निगरानी रखता है तथा देशों को सुरक्षा तंत्र स्थापित करने में मदद करता है।