International Women’s Day 2026
संदर्भ:
8 मार्च 2026 को विश्वभर में 115वां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। हर वर्ष यह दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को याद करने और विश्व को लैंगिक समानता की दिशा में अग्रसर होने, प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है।
- संयुक्त राष्ट्र (UN Women) ने वर्ष 2026 के लिए आधिकारिक थीम घोषित की है: “अधिकार। न्याय। कार्रवाई। सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए” (Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls).
- मुख्य उद्देश्य: यह थीम इस बात पर केंद्रित है कि ‘कागज पर दर्ज अधिकारों’ और ‘वास्तविक जीवन के अनुभव’ के बीच के अंतर को कम किया जाए।
- ग्लोबल कैंपेन थीम: “गिव टू गेन” (Give to Gain) अभियान इस वर्ष आपसी सहयोग, परामर्श (mentorship) और संसाधनों को साझा करने के माध्यम से लैंगिक समानता प्राप्त करने पर जोर देता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
- 1908: न्यूयॉर्क में लगभग 15,000 महिलाओं ने कम काम के घंटे, बेहतर वेतन और मतदान के अधिकार के लिए मार्च निकाला।
- 1910: कोपेनहेगन में आयोजित ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ वर्किंग वुमन’ में क्लारा जेटकिन (Clara Zetkin) ने इस दिवस का प्रस्ताव रखा
- 1911: पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में 19 मार्च को इसे मनाया गया।
- 1917: रूस की महिलाओं ने ‘रोटी और शांति’ (Bread and Peace) के लिए हड़ताल की। इसकी तिथि जुलियन कैलेंडर में 23 फरवरी थी, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर में 8 मार्च है।
- 1975/1977: संयुक्त राष्ट्र ने 1975 (अंतर्राष्ट्रीय महिला वर्ष) में इसे पहली बार मनाया और 1977 में आधिकारिक मान्यता दी
भारतीय संवैधानिक एवं कानूनी ढांचा:
- भारत में ‘नारी शक्ति’ को राष्ट्र के विकास का आधार माना गया है। संविधान में:
- अनुच्छेद 15: लिंग के आधार पर भेदभाव का निषेध।
- अनुच्छेद 16: सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता।
- अनुच्छेद 243 (D/T): पंचायतों और नगर पालिकाओं में 33% आरक्षण (73वें/74वें संशोधन)।
- 106वाँ संशोधन (2023): ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत संसद और विधानसभाओं में 1/3 आरक्षण।
- POSH अधिनियम 2013: कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न से संरक्षण।
प्रमुख सरकारी पहल:
- लखपति दीदी: 3 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य।
- नमो ड्रोन दीदी: कृषि क्षेत्र में महिलाओं को ड्रोन तकनीक से लैस कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की पहल।
- सुकन्या समृद्धि योजना: 4.53 करोड़ से अधिक खातों के माध्यम से बालिकाओं का वित्तीय भविष्य सुरक्षित।
- शिक्षा: उच्च शिक्षा में महिलाओं का सकल नामांकन अनुपात (GER) 2014-15 के 22.9 से बढ़कर 2022-23 में 30.2 हो गया है।
- शक्ति वॉक: 8 मार्च 2026 को नई दिल्ली के ‘कर्तव्य पथ’ पर #SheLeadsBharat अभियान के तहत ‘शक्ति वॉक’ का आयोजन किया गया।
- Stand-Up India: महिलाओं को 10 लाख से 1 करोड़ तक का ऋण, हर बैंक शाखा को एक महिला उद्यमी को समर्थन देना।
- One Stop Centres (OSCs): हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता (Sakhi Centers)।
- SHe-Box पोर्टल: कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की ऑनलाइन और वास्तविक समय में ट्रैकिंग (2024-2025 में अपग्रेड)।

