IOAA
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री ने 18वें अंतरराष्ट्रीय खगोल एवं खगोलभौतिकी ओलंपियाड को संबोधित किया।
18वाँ अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी ओलंपियाड (IOAA):
- आयोजक – होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के अंतर्गत, प्रधानमंत्री कार्यालय और परमाणु ऊर्जा विभाग के सहयोग से।
- मेजबान देश – भारत (मुंबई)
- प्रतिभागी – 64 देशों से 300 से अधिक हाई स्कूल छात्र और 140 मेंटर्स।
- विशेषता – अब तक का सबसे बड़ा IOAA संस्करण, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा शिक्षा की भावना को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- भारत की खगोलीय विरासत: प्राचीन काल से आकाश अवलोकन और नवाचार की परंपरा; आर्यभट द्वारा शून्य का आविष्कार और पृथ्वी के घूर्णन का सिद्धांत।
- आधुनिक उपलब्धियां: लद्दाख वेधशाला, पुणे का जीएमआरटी, स्क्वायर किलोमीटर एरे और LIGO-India में योगदान।
- अंतरिक्ष मिशन: चंद्रयान-3, आदित्य-L1, और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का आईएसएस मिशन।
- STEM शिक्षा व शोध: अटल टिंकरिंग लैब्स, वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन, विज्ञान में महिलाओं की अग्रणी भागीदारी, अरबों डॉलर का निवेश।
- वैश्विक सहयोग: युवाओं को भारत में अध्ययन, शोध और नवाचार के लिए आमंत्रण।
- मानवता हेतु उपयोग: किसानों के लिए मौसम पूर्वानुमान, प्राकृतिक आपदा चेतावनी, जंगल की आग व ग्लेशियर पिघलने की निगरानी, दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुधार।