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ईरान की क्लस्टर बम मिसाइल (Iran cluster bomb missile) | Ankit Avasthi Sir

Iran cluster bomb missile

Iran cluster bomb missile

संदर्भ:

हाल ही में मार्च 2026 में जारी संघर्ष के दौरान, इजरायल ने आरोप लगाया कि ईरान ने ‘खेबर शिकन’ (Kheibar Sheikan) और ‘खोरामशहर-4’ (Khorramshahr-4) जैसी मिसाइलों में क्लस्टर बमों का उपयोग किया।

क्लस्टर बम मिसाइल के बारे में:

  • परिचय: क्लस्टर बम मिसाइल (Cluster Bomb Missile) एक क्षेत्र-प्रभावी हथियार है। यह एक ऐसी मिसाइल है जो अपने भीतर दर्जनों या सैकड़ों छोटे बमों को समाहित रखती है, जिन्हें ‘सबम्यूनिशन्स’ (Submunitions) या ‘बॉमलेट्स’ कहा जाता है। 
  • उद्देश्य: इसका प्राथमिक उद्देश्य एक निश्चित बिंदु के बजाय एक विस्तृत क्षेत्र में फैले कई लक्ष्यों को एक साथ नष्ट करना है।
  • प्रमुख तंत्र:
      • कैरियर व्हीकल (Carrier Vehicle): मुख्य मिसाइल बॉडी जो पेलोड को लक्ष्य तक ले जाती है।
      • डिस्पेंसर सिस्टम (Dispenser System): यह वह तंत्र है जो मिसाइल के बाहरी खोल को हवा में खोलता है।
      • एल्टीट्यूड सेंसर (Altitude Sensor): यह सुनिश्चित करता है कि मिसाइल जमीन से एक सटीक ऊंचाई (आमतौर पर 1000-5000 फीट) पर ही फटे।
      • स्थिरीकरण पंख (Fins/Parachutes): छोटे बमों के साथ जुड़े होते हैं ताकि वे सीधे नीचे गिरें और हवा में न भटकें।
  • विशेषताएं:
      • व्यापक विनाश: यह एक ही प्रहार में 15,000 से 30,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।
      • मिसाइल डिफेंस को चुनौती: यह दुश्मन के एंटी-मिसाइल सिस्टम (जैसे आयरन डोम या S-400) को भ्रमित कर देता है क्योंकि एक मिसाइल के फटने के बाद दर्जनों लक्ष्य एक साथ रडार पर दिखाई देते हैं।
      • विविध पेलोड: इसमें एंटी-टैंक, एंटी-पर्सनल और आग लगाने वाले (Incendiary) बम शामिल हो सकते हैं।
      • घातकता: प्रत्येक सबम्यूनिशन में लगभग 2.5 किलोग्राम विस्फोटक होता है।
      • अपूर्ण विस्फोट: इन बमों की ‘डड रेट’ (Dud rate) अधिक होती है, यानी कई बम तुरंत नहीं फटते और वर्षों तक लैंडमाइंस की तरह जमीन में दबे रहते हैं, जिससे युद्ध के बाद भी नागरिक हताहत होते हैं।
  • कार्यप्रणाली: लॉन्च के बाद, मिसाइल अपने निर्धारित पथ पर चलती है। लक्ष्य के पास पहुँचते ही इसका फ्यूज तंत्र सक्रिय होता है और मिसाइल का बाहरी आवरण अलग हो जाता है। इसके बाद ‘सेंट्रीफ्यूगल फोर्स’ के कारण बॉमलेट्स हवा में बिखर जाते हैं। ये बॉमलेट्स जमीन पर गिरकर एक ‘विस्फोटक चादर’ (Explosive Carpet) की तरह काम करते हैं।

प्रमुख ईरानी क्लस्टर-सक्षम मिसाइलें:

मिसाइल का नाम  प्रकार विशेषताएँ
खेबर शिकन MRBM (मध्यम दूरी) 2022 में अनावरण; ठोस ईंधन; हवा में खुलने वाला वारहेड।
कादर-S (Qadr S) MRBM लगभग 2,000 किमी रेंज; क्लस्टर पेलोड ले जाने में सक्षम।
ज़ोल्फग़ार (Zolfaghar) SRBM सटीक वार करने वाली मिसाइल; क्लस्टर वारहेड के साथ तैनात की जा सकती है।
फतेह (Fateh) वेरिएंट SRBM 30 छोटे बमों (20 पाउंड प्रत्येक) को ले जाने का परीक्षण किया गया

अंतर्राष्ट्रीय कानून: 

Convention on Cluster Munitions (2008) क्लस्टर हथियारों के उपयोग, उत्पादन और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाती है। वर्तमान में 120 से अधिक देश इस संधि के सदस्य हैं। हालांकि, ईरान, इजरायल, भारत, अमेरिका, रूस और चीन ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

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