Kaimur Wildlife Sanctuary
संदर्भ:
बिहार के कैमूर वन्यजीव अभयारण्य (KWS) को राज्य का दूसरा टाइगर रिजर्व बनाने की सैद्धांतिक मंजूरी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा दी जा चुकी है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम अधिसूचना के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।
कैमूर वन्यजीव अभयारण्य (Kaimur Wildlife Sanctuary – KWS)
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- परिचय: कैमूर वन्यजीव अभयारण्य (Kaimur Wildlife Sanctuary – KWS) बिहार का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है, इसकी स्थापना 1979 में वन्यजीव अभयारण्य के रूप में की गई थी।
- भौगोलिक स्थिति: कैमूर वन्यजीव अभयारण्य बिहार के दक्षिण-पश्चिमी भाग में कैमूर और रोहतास जिले में स्थित है। यह लगभग 1,504 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
- विस्तार: यह अभयारण्य विंध्य पर्वत श्रेणी का हिस्सा है और कैमूर का जंगल उत्तर प्रदेश के चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य और मध्य प्रदेश के संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व के साथ गलियारा (Corridor) बनाता है।
- वनस्पति: यहाँ मुख्य रूप से शुष्क पर्णपाती वन (Dry Deciduous Forests) पाए जाते हैं। वनों में बाँस, साल, खैर, पलाश, सिद्ध और महुआ जैसे वृक्षों की प्रधानता है।
- वन्यजीव: कैमूर अभयारण्य वन्यजीवों का गढ़ है। यहाँ बाघों की उपस्थिति के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा यहां तेंदुआ, भारतीय पैंगोलिन, सुस्त भालू, नीलगाय, सांभर, चीतल और पक्षियों की 70 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।
- जल स्रोत और पर्यटन: यह अभयारण्य अपनी जल प्रपातों (Waterfalls) के लिए विख्यात है। करकट जलप्रपात और तेलहार कुंड यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं। इसके अलावा, यहाँ की ‘अनुपम झील’ पारिस्थितिक पर्यटन (Eco-tourism) का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
- ऐतिहासिक महत्व: अभयारण्य के भीतर और आसपास कई ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। रोहतासगढ़ किला और शेरगढ़ किला यहाँ के गौरवशाली इतिहास को दर्शाते हैं। साथ ही, यहाँ की गुफाओं में प्राचीन शैल चित्र (Rock Paintings) पाए गए हैं, जो मेसोलिथिक काल (Mesolithic era) के माने जाते हैं।
विशेष: वर्तमान में बिहार में केवल एक टाइगर रिजर्व है—वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR), जो पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है। बिहार सरकार ने कैमूर में बाघों के लिए ‘Prey Augmentation’ (शिकार वृद्धि) कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत अन्य क्षेत्रों से चीतल और सांभर जैसे जानवरों को यहाँ स्थानांतरित किया जा रहा है।

