Launch of BODH initiative
संदर्भ:
हाल ही में’इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026′ के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा BODH नामक पहल का शुभारंभ किया गया।
BODH पहल के बारे में:
- परिचय: BODH का पूर्ण रूप ‘Benchmarking Open Data Platform for Health AI’ है। यह एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे मुख्य रूप से एआई मॉडल के परीक्षण और सत्यापन के लिए बनाया गया है।
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- विकासकर्ता: इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के सहयोग से विकसित किया है।
- उद्देश्य: किसी भी एआई टूल को सार्वजनिक रूप से लागू करने से पहले उसे वास्तविक दुनिया के मानकों (Real-world parameters) पर परखना।
- आधार: यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत एक ‘डिजिटल पब्लिक गुड’ (DPG) के रूप में कार्य करता है।
- आयाम:
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- गोपनीयता-संरक्षण: BODH की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘फेडरेटेड लर्निंग’ और गोपनीयता-संरक्षण ढांचा है। यह प्लेटफॉर्म एआई मॉडल को वास्तविक स्वास्थ्य डेटा पर प्रशिक्षित और सत्यापित करने की अनुमति देता है।
- बेंचमार्किंग: BODH एआई मॉडल के प्रदर्शन और पक्षपात व्यवहार का मूल्यांकन करता है। यह सुनिश्चित करता है कि एआई सिस्टम किसी विशेष जाति, लिंग या क्षेत्र के प्रति पूर्वाग्रही न हो।
- नैदानिक विश्वसनीयता: किसी भी एआई-आधारित निदान टूल को अस्पतालों में तैनात करने से पहले BODH परीक्षणों से गुजरना होगा। इससे डॉक्टरों और मरीजों के बीच एआई उपकरणों के प्रति विश्वास पैदा होगा।
महत्व:
- लागत में कमी: एआई द्वारा प्रारंभिक स्क्रीनिंग (जैसे टीबी या रेटिनोपैथी) से स्वास्थ्य देखभाल की लागत में 30-40% की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ सलाह सस्ती होगी।
- वैश्विक मानक और नेतृत्व: इस पहल के साथ भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘सुरक्षित एआई रणनीति’ वाला दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। यह स्वदेशी एआई स्टार्टअप्स के लिए एक प्रमाणित इकोसिस्टम प्रदान करता है।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): BODH को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के साथ एकीकृत किया गया है। यह भारत के 300 मिलियन+ डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड (ABHA) के सुरक्षित विश्लेषण के लिए आधार तैयार करता है।
