पेरू में छिपकली की नई प्रजाति की खोज, Liolaemus archipensis रखा गया है नाम
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संदर्भ:
हाल ही में जीववैज्ञानिकों ने पेरू के दक्षिणी एंडीज क्षेत्र (Southern Andean Region) में छिपकली की नई प्रजाति (New lizard species) की खोज की है, जिसे आधिकारिक तौर पर लिओलेमस आर्किपेंसिस (Liolaemus archipensis) नाम दिया गया।
छिपकली की नई प्रजाति Liolaemus archipensis के बारे में:
- परिवार: यह प्रजाति लिओलेमिडे (Liolaemidae) परिवार और लिओलेमस (Liolaemus) जीनस से संबंधित एक छोटा सरीसृप है.
- वर्गीकरण: इसका वर्गीकरण इस प्रकार है:
- जगत (Kingdom): एनिमेलिया (Animalia)
- संघ (Phylum): कॉर्डेटा (Chordata)
- वर्ग (Class): रेप्टिलिया (Reptilia)
- गण (Order): स्क्वामाटा (Squamata)
- प्रजाति (Species): एल. आर्किपेंसिस (L. archipensis)
- खोजकर्ता: इस नई प्रजाति की पहचान लीमा स्थित सैन मार्कोस यूनिवर्सिटी के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय (Natural History Museum of San Marcos University) से जुड़े शोधकर्ताओं द्वारा की गई है.
- इस महत्वपूर्ण शोध का नेतृत्व प्रसिद्ध महिला जीवविज्ञानी लिंग हुआमानी-वाल्डेरामा (Ling Huamani-Valderrama) ने किया.
- लिओलेमस आर्किपेंसिस की खोज से संबंधित यह वैज्ञानिक विवरण स्विट्जरलैंड के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल ‘डाइवर्सिटी’ (Diversity) में प्रकाशित हुआ है.
- स्थान: यह छिपकली पेरू के दक्षिणी हिस्से में स्थित अरेक्विपा (Arequipa) क्षेत्र के उच्च एंडीज पहाड़ों पर खोजी गई है.
- अत्यधिक ऊंचाई: यह प्रजाति समुद्र तल से 4,800 मीटर (15,750 फीट) से अधिक की ऊंचाई पर पाई गई है. इतने ऊंचे पर्वतीय पुना क्षेत्र (High Andean Puna) में ऑक्सीजन की भारी कमी (Hypoxia) और हाड़ कंपाने वाली ठंड होती है.
- आवास: यह अल्प वनस्पति (Sparse Vegetation) और पथरीली चट्टानों वाले अत्यधिक दुर्गम शुष्क पहाड़ी माहौल में निवास करती है.
- विशेषताएं:
- आकार: लिओलेमस आर्किपेंसिस एक बेहद छोटा सरीसृप है, जिसकी कुल लंबाई मात्र 6 से 8 सेंटीमीटर (2.4 से 3.2 इंच) के बीच होती है.
- लैंगिक द्विरूपता (Sexual Dimorphism): इस प्रजाति के नर और मादा में शारीरिक बनावट और रंगों के आधार पर स्पष्ट अंतर (Distinct Coloration) देखने को मिलता है:
- मादा (Females): मादा छिपकली की पीठ पर स्पष्ट चौकोर आकार के धब्बे (Square-shaped spots) बने होते हैं.
- नर (Males): नर की पीठ पर तिरछे धब्बे (Oblique markings) होते हैं. इसके अलावा, नर के शरीर पर विशिष्ट सफेद शल्क (White Scales) पाए जाते हैं.
- छलावरण क्षमता (Camouflage): इसके शरीर के यह अनूठे पैटर्न और सफेद शल्क इसे अत्यधिक ठंडे पहाड़ी इलाकों की चट्टानों के बीच पूरी तरह छिपने में मदद करते हैं, जिससे यह शिकारियों से बची रहती है.
- आहार: स्थानीय जड़ी-बूटियाँ और वनस्पतियाँ, छोटे आर्थ्रोपोड्स (Arthropods) जैसे मकड़ियाँ, बीटल (Beetles), कीड़ों के लार्वा और अन्य रेंगने वाले सूक्ष्म जीव.
पेरू की जैव विविधता:
- जीववैज्ञानिक लिंग हुआमानी-वाल्डेरामा के अनुसार, इस खोज से पहले पेरू में छिपकलियों की कुल 295 ज्ञात प्रजातियां थीं. लिओलेमस आर्किपेंसिस के शामिल होने के बाद अब पेरू में छिपकलियों की कुल संख्या 296 प्रजातियों तक पहुँच गई है.
- यह खोज वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करती है कि कैसे ठंडे-रक्त वाले (Cold-blooded) सरीसृप अत्यधिक कम ऑक्सीजन, तीव्र पराबैंगनी किरणों (UV Radiation) और बर्फीली हवाओं वाले उच्च पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र में खुद को ढालते हैं.
- एंडीज जैसे नाजुक पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली लिओलेमस की नई प्रजातियां (Liolaemus new species) वैश्विक तापमान में हो रहे बदलावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती हैं. इनका संरक्षण भविष्य के जलवायु प्रभावों के अध्ययन के लिए संकेतक (Bio-indicators) का कार्य कर सकता है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Liolaemus archipensis क्या है?
उत्तर: यह पेरू के एंडीज पर्वतों पर खोजी गई छिपकली की एक नई प्रजाति (New species of lizard) है, जो अत्यंत छोटे आकार की होती है.
प्रश्न 2: Liolaemus archipensis की खोज कहाँ हुई?
उत्तर: इसकी खोज दक्षिण अमेरिकी देश पेरू के दक्षिणी पर्वतीय क्षेत्र अरेक्विपा (Arequipa) में समुद्र तल से 4,800 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर की गई है.
प्रश्न 3: पेरू में मिली नई lizard species का नाम क्या है?
उत्तर: पेरू में खोजी गई इस नई छिपकली प्रजाति का वैज्ञानिक नाम लिओलेमस आर्किपेंसिस (Liolaemus archipensis) रखा गया है.
प्रश्न 4: Liolaemus archipensis को यह नाम क्यों दिया गया?
उत्तर: यह नाम इसके विशिष्ट भौगोलिक खोज क्षेत्र और लिओलेमस जीनस के अंतर्गत इसकी नई आनुवंशिक व शारीरिक विशिष्टताओं को प्रदर्शित करने के लिए दिया गया है.
प्रश्न 5: नई lizard species की क्या खासियत है?
उत्तर: यह 6-8 सेमी लंबी छिपकली चरम ठंड में जीवित रहती है. इसमें नर की पीठ पर तिरछे धब्बे व सफेद शल्क तथा मादा की पीठ पर चौकोर धब्बे होते हैं.
प्रश्न 6: Peru में Liolaemus archipensis की खोज का क्या महत्व है?
उत्तर: इससे पेरू की ज्ञात छिपकली प्रजातियों की संख्या बढ़कर 296 हो गई है, जो उच्च पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र (Montane Ecosystem) के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है.
