Maratha Military Landscapes
संदर्भ:
पेरिस में आयोजित यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 47वें सत्र में भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य (Maratha Military Landscapes) को देश की 44वीं विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया है। यह निर्णय भारत की सैन्य वास्तुकला और दुर्ग निर्माण की गौरवशाली विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक मान्यता प्रदान करता है।
भारत का 44वां विश्व धरोहर स्थल: मराठा मिलिटरी लैंडस्केप्स–
क्या है मराठा मिलिटरी लैंडस्केप्स (Maratha Military Landscapes) ?
- यह 12 किलों का एक रणनीतिक नेटवर्क है, जो 17वीं से 19वीं सदी के बीच मराठा साम्राज्य द्वारा विकसित किए गए थे।
- ये किले रक्षा रणनीति, वास्तुकला, और भौगोलिक अनुकूलन का अनोखा उदाहरण हैं।
स्थान:
- महाराष्ट्र (11 किले): सल्हेर, शिवनेरी, लोहगढ़, खांदेरी, रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग
- तमिलनाडु (1 किला): जिन्जी किला
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य:
- ये किले छत्रपति शिवाजी महाराज की सैन्य दृष्टि का प्रतिबिंब हैं।
- किलों को प्राकृतिक भू–भागों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली के रूप में विकसित किया गया।
विशेषताएं:
- हिल फोर्ट्स: शिवनेरी, लोहगढ़, रायगढ़, सल्हेर, जिन्जी – पहाड़ी इलाकों से एकीकृत।
- आइलैंड फोर्ट्स: सिंधुदुर्ग, खांदेरी, सुवर्णदुर्ग – समुद्र से घिरे हुए।
- पठारी/जंगल वाले किले: पन्हाला (पठारी), प्रतापगढ़ (पहाड़ी-जंगल)।
- स्थानीय सामग्री और क्षेत्रीय स्थापत्य शैली में निर्मित।
- UNESCO मानदंड (iv) और (vi) के तहत मान्यता:
- (iv): सैन्य वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण
- (vi): सांस्कृतिक और ऐतिहासिक निरंतरता
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO)–
परिचय:
- संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी, जिसे वैश्विक शांति, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने हेतु स्थापित किया गया था।
- स्थापना: 1945
- मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस
- सदस्य देश: 194 सदस्य और 12 सहयोगी सदस्य
- भारत: एक संस्थापक सदस्य है।
UNESCO का उद्देश्य:
- शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना।
- वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा को सुदृढ़ करना।
- सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक विरासत की संरक्षा और प्रचार करना।
विश्व धरोहर सूची में नामांकन की प्रक्रिया–
मुख्य श्रेणियां:
- सांस्कृतिक मानदंड – (i) से (vi) तक
- प्राकृतिक मानदंड – (vii) से (x) तक
मराठा मिलिटरी लैंडस्केप्स ऑफ इंडिया को सांस्कृतिक श्रेणी के अंतर्गत नामांकित किया गया है।
सांस्कृतिक स्थलों के लिए 6 मानदंड (i – vi):
(i): मानव रचनात्मकता की उत्कृष्ट कृति
(ii): महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आदान-प्रदान का उदाहरण
(iii): किसी सांस्कृतिक परंपरा या सभ्यता का अनूठा प्रमाण
(iv): वास्तुशिल्प या तकनीकी कृतियों का उदाहरण
(v): मानव आवास या भूमि उपयोग की पारंपरिक प्रणाली
(vi): ऐतिहासिक घटनाओं या जीवित परंपराओं से सीधा जुड़ाव
प्राकृतिक स्थलों के लिए 4 मानदंड (vii – x):
(vii): प्राकृतिक सौंदर्य और सौंदर्यशास्त्रीय महत्व
(viii): पृथ्वी के विकास की प्रमुख प्रक्रियाओं का उदाहरण
(ix): पारिस्थितिकीय और जैविक प्रक्रियाओं का उदाहरण
(x):जैव विविधता और संकटग्रस्त प्रजातियों का आवास