National Social Assistance Programme: परिचय, शुरुआत, विशेषताएं एवं महत्व
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (National Social Assistance Programme – NSAP) को जारी रखने की मंजूरी दी। इस योजना विस्तार के तहत ₹50,000 करोड़ से अधिक का बजटीय आवंटन किया गया।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) क्या हैं?
- परिचय: National Social Assistance Programme, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अत्यधिक गरीब परिवारों के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने वाला एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित लोक कल्याणकारी कार्यक्रम है।
- संवैधानिक आधार: यह कार्यक्रम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41 (Article 41) के तहत राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य को अपनी आर्थिक क्षमता के भीतर नागरिकों को बेरोजगारी, बुढ़ापे, बीमारी और विकलांगता की स्थिति में सार्वजनिक सहायता देने का निर्देश देता है।
- शुरुआत: इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को 15 अगस्त 1995 को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया था।
- मंत्रालय: यह संपूर्ण कार्यक्रम भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development NSAP) द्वारा प्रशासित और कार्यान्वित किया जाता है।
- उप-योजनाएं: इस कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए इसे वर्तमान में निम्नलिखित पांच कल्याणकारी घटकों में विभाजित किया गया है:
- इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme – IGNOAPS):
- पात्रता: गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक।
- सहायता राशि: 60-79 वर्ष की आयु के लिए ₹200 प्रति माह केंद्र सरकार द्वारा देय है। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु होने पर यह राशि बढ़कर ₹500 प्रति माह हो जाती है। (राज्य सरकारें इसमें अपनी ओर से अतिरिक्त राशि मिलाती हैं)।
- इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (Indira Gandhi National Widow Pension Scheme – IGNWPS):
- पात्रता: बीपीएल (BPL) परिवारों की 40 से 79 वर्ष की आयु वर्ग की पात्र विधवा महिलाएं।
- सहायता राशि: ₹300 प्रति माह प्रति लाभार्थी।
- इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (Indira Gandhi National Disability Pension Scheme – IGNDPS):
- पात्रता: बीपीएल परिवारों के 18 से 79 वर्ष की आयु वाले ऐसे व्यक्ति जो 80% या उससे अधिक की गंभीर या बहु-दिव्यांगता (Severe or Multiple Disabilities) से पीड़ित हैं।
- सहायता राशि: ₹300 प्रति माह प्रति लाभार्थी।
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (National Family Benefit Scheme – NFBS):
- पात्रता: बीपीएल परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य (पुरुष या महिला) की प्राकृतिक या दुर्घटनावश मृत्यु होने पर, जिसकी आयु 18 से 59 वर्ष के बीच हो।
- सहायता राशि: शोक संतप्त परिवार को ₹20,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- अन्नपूर्णा योजना (Annapurna Scheme India):
- पात्रता: ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो IGNOAPS के तहत पेंशन पाने के पात्र हैं लेकिन किन्हीं कारणों से उन्हें वह पेंशन नहीं मिल पा रही है।
- लाभ: इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिक को प्रति माह 10 किलोग्राम खाद्यान्न (गेहूं/चावल) पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान किया जाता है।
- मूल शर्त: आवेदक का परिवार अनिवार्य रूप से संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) सूची में शामिल होना चाहिए।
- पहचान: लाभार्थियों की पहचान ग्राम सभाओं (Gram Sabhas) और स्थानीय शहरी निकायों (ULBs) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाती है।
- प्रशासनिक सुधार:
- डीबीटी का उपयोग: भ्रष्टाचार और बिचौलियों को समाप्त करने के लिए 100% पेंशन राशि का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते या डाकघर खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer – DBT) के माध्यम से किया जाता है।
- आधार सक्षम भुगतान (AEPS): ग्रामीण क्षेत्रों में फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण के जरिए बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट्स द्वारा घर पर ही पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।
- सोशल ऑडिट (Social Audit): योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थानीय समुदायों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) को अनिवार्य किया गया है।
कार्यक्रम का महत्व:
- गरीबी के चक्र को तोड़ना: वृद्धावस्था या शारीरिक अक्षमता के कारण जो परिवार कमाने में असमर्थ हो जाते हैं, यह योजना उन्हें नियमित वित्तीय सहायता प्रदान कर अत्यधिक गरीबी (Extreme Poverty) के गर्त में गिरने से बचाती है।
- लैंगिक सशक्तिकरण (Gender Empowerment): इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) के माध्यम से असहाय महिलाओं को समाज में सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए आर्थिक संबल मिलता है।
- वृद्धजनों का सामाजिक संरक्षण: एकल परिवारों (Nuclear Families) के बढ़ते चलन के बीच, यह पेंशन राशि बुजुर्गों को परिवार के भीतर आर्थिक बोझ बनने से बचाती है, जिससे उनके स्वाभिमान और गरिमा की रक्षा होती है।
- ग्रामीण और शहरी असमानता का शमन: यह योजना भौगोलिक भेदभाव के बिना देश के सभी दूरदराज के क्षेत्रों में समान सामाजिक सुरक्षा लाभ पहुँचाने का काम करती है।
- सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति: यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-1 (No Poverty), लक्ष्य-2 (Zero Hunger – अन्नपूर्णा योजना के माध्यम से) और लक्ष्य-10 (Reduced Inequalities) को हासिल करने में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार का एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम है जो बीपीएल परिवारों के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा (Social Security) प्रदान करता है।
प्रश्न 2: NSAP की शुरुआत कब और किस उद्देश्य से की गई थी?
उत्तर: इसकी शुरुआत 15 अगस्त 1995 को देश के सबसे कमजोर और गरीब नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का राष्ट्रीय स्तर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी।
प्रश्न 3: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम किस मंत्रालय के अंतर्गत आता है?
उत्तर: यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) द्वारा संपूर्ण देश में संचालित किया जाता है।
प्रश्न 4: NSAP के तहत कौन-कौन सी योजनाएं शामिल हैं?
उत्तर: इसके तहत तीन राष्ट्रीय पेंशन योजनाएं (वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगता), राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS) और अन्नपूर्णा खाद्य सुरक्षा योजना शामिल हैं।
प्रश्न 5: Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme क्या है?
उत्तर: यह बीपीएल परिवारों के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए मासिक वित्तीय पेंशन देने वाली केंद्रीय योजना है।
प्रश्न 6: NSAP के लिए पात्रता की शर्तें क्या हैं?
उत्तर: प्राथमिक शर्त यह है कि आवेदक का परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी का होना चाहिए तथा वह संबंधित योजना की आयु और विनिर्दिष्ट शारीरिक मानदंडों को पूरा करता हो।
