Nationwide Human Papillomavirus Vaccination Campaign
संदर्भ:
हाल ही में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से देशव्यापी ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान भारत में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
HPV टीकाकरण अभियान के मुख्य बिंदु:
- लक्ष्य और कवरेज: इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य 14 वर्ष की आयु की किशोरियों को कवर करना है। अनुमान के अनुसार, प्रतिवर्ष लगभग 1.15 करोड़ से 1.2 करोड़ लड़कियों को यह टीका लगाया जाएगा।
- टीके का विवरण: अभियान के तहत ‘गार्डासिल-4’ (Gardasil-4) नामक क्वाड्रीवेलेंट (Quadrivalent) वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। यह टीका HPV टाइप 16 और 18 (जो सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार हैं) के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से सुरक्षा प्रदान करता है।
- खुराक नीति: भारत ने वैश्विक वैज्ञानिक साक्ष्यों और WHO की सिफारिशों के आधार पर एकल-खुराक (Single-dose) कार्यक्रम अपनाया है, जो 93-100% प्रभावी है।
- लागत और पहुंच: यह टीका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (आयुष्मान आरोग्य मंदिर, CHC, जिला अस्पताल) पर पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध है। निजी क्षेत्र में इसकी लागत लगभग ₹4,000 प्रति खुराक तक होती है।
- डिजिटल निगरानी: लाभार्थियों का पंजीकरण और ट्रैकिंग U-WIN डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है।
भारत में सर्वाइकल कैंसर की स्थिति:
- रोग का बोझ: भारत में महिलाओं में पाया जाने वाला यह दूसरा सबसे आम कैंसर है।
- मृत्यु दर: वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर से होने वाली हर 5 में से 1 मौत भारत में होती है। भारत में हर साल लगभग 1.2 लाख नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80,000 मौतें होती हैं।
- कारण: 95% से अधिक मामले उच्च-जोखिम वाले HPV संक्रमण, विशेष रूप से टाइप 16 और 18 के कारण होते हैं।
महत्व:
- स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार: यह पहल सरकार के “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” विजन के अनुरूप है, जो निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) पर केंद्रित है।
- WHO 90-70-90 लक्ष्य: भारत 2030 तक WHO के लक्ष्यों (90% लड़कियों का टीकाकरण, 70% महिलाओं की स्क्रीनिंग और 90% का उपचार) को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- स्वदेशी विकास: हालाँकि वर्तमान में गार्डासिल का उपयोग हो रहा है, लेकिन भारत ने अपनी पहली स्वदेशी HPV वैक्सीन ‘CERVAVAC’ (सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित) भी तैयार कर ली है।
ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV):
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