New draft of National Electricity Policy 2026 released

संदर्भ:
हाल ही में विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति (NEP) 2026 का नया मसौदा (Draft) जारी किया है। इस नीति का प्राथमिक उद्देश्य ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को साकार करने के लिए भारत के विद्युत क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाना है।
राष्ट्रीय विद्युत नीति (NEP) 2026 ड्राफ्ट के मुख्य बिंदु:
- बिजली खपत में वृद्धि: प्रति व्यक्ति बिजली खपत को वर्ष 2030 तक 2,000 यूनिट (kWh) और 2047 तक 4,000 यूनिट से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है (2024-25 में यह 1,460 यूनिट थी)।
- नेट-जीरो लक्ष्य: यह नीति 2070 तक ‘नेट-जीरो’ उत्सर्जन और 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 45% की कमी लाने की भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
- परमाणु ऊर्जा (Nuclear): ‘शांति अधिनियम (SHANTI Act) 2025’ के प्रावधानों के तहत 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। इसमें मॉडुलर और छोटे रिएक्टरों (SMRs) पर ध्यान दिया जाएगा।
- नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण: 2030 तक नवीकरणीय और पारंपरिक स्रोतों के बीच समय-निर्धारण में समानता लाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें पंप स्टोरेज और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (BESS) के लिए VGF (Viability Gap Funding) जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
- थर्मल ऊर्जा का पुनरुद्धार: पुरानी कोयला आधारित इकाइयों को ग्रिड समर्थन के लिए पुनर्निर्मित (Repurposing) किया जाएगा।
- संसाधन पर्याप्तता (Resource Adequacy): डिस्कॉम और राज्य भार प्रेषण केंद्र (SLDC) अब राज्य स्तर पर ‘संसाधन पर्याप्तता योजना’ बनाएंगे, जबकि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) राष्ट्रीय योजना तैयार करेगा।
- टैरिफ सुधार: लागत-अनुरूप टैरिफ सुनिश्चित करने के लिए इंडेक्स-आधारित वार्षिक टैरिफ संशोधन का प्रस्ताव है। यदि राज्य आयोग टैरिफ आदेश पारित नहीं करता है, तो यह स्वतः लागू हो जाएगा।
- AT&C घाटे में कमी: वितरण घाटे (AT&C losses) को एकल अंक (Single digit) में लाने का लक्ष्य है।
- स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में भूमिगत केबलिंग और वितरण प्रणाली ऑपरेटर (DSO) की स्थापना की जाएगी।
- 24×7 बिजली: सभी उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति अनिवार्य होगी।
- मुआवजा तंत्र: यदि प्रदर्शन मानकों (SOP) का पालन नहीं होता है, तो उपभोक्ताओं को मुआवजे का प्रावधान होगा।
- डिजिटलीकरण: स्मार्ट मीटरिंग, प्रीपेड बिलिंग और ऑनलाइन शिकायत निवारण को बढ़ावा दिया जाएगा।
- साइबर सुरक्षा: विद्युत ग्रिड को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
- स्वदेशी तकनीक: 2030 तक ग्रिड-इंडिया और SLDCs को स्वदेशी SCADA प्रणालियों पर स्थानांतरित करने का लक्ष्य है।
- नवाचार: IIT दिल्ली में विद्युत विनियामक मामलों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस‘ की स्थापना की गई है, जो साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में मदद करेगा।
आगे क्या?
सरकार द्वारा इस मसौदे पर विभिन्न समूह द्वारा टिप्पणियां और सुझाव मांगे गए हैं। हितधारक (States, DISCOMs, Consumers) इस मसौदे पर अपने सुझाव विद्युत मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से दे सकते हैं।
