New plant species Tetratenium picaedae discovered in Kerala
संदर्भ:
हाल ही में शोधकर्ताओं ने केरल के इदुक्की जिले के उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ‘टेट्राटेनियम पाइकाडे’ (Tetrataenium paikadae) नामक पौधे की एक नई प्रजाति की पहचान की है।
टेट्राटेनियम पाइकाडे के बारे मे:
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- खोज का स्थान: इसकी खोज केरल के इदुक्की जिले में स्थित इरविकुलम नेशनल पार्क और उसके आसपास के उच्च-ऊंचाई वाले शोला घास के मैदानों (Shola Grasslands) में की गई है।
- परिवार: यह नई प्रजाति अपियासी (Apiaceae) परिवार से संबंधित है, जिसे सामान्यतः गाजर या अजमोद (Parsley) परिवार के रूप में जाना जाता है।
- नामकरण: इस पौधे का नाम प्रसिद्ध वनस्पतिशास्त्री और शोधकर्ता डॉ. पाइकाड के सम्मान में रखा गया है, जिन्होंने पश्चिमी घाट की वनस्पतियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- प्रकार: यह एक जड़ी-बूटी (Herbaceous) वाला पौधा है, जो मुख्य रूप से नम और ठंडी जलवायु में फलता-फूलता है।
- विशेषताएं:
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- पुष्पक्रम (Inflorescence): इस प्रजाति में सफेद रंग के छोटे फूलों के गुच्छे होते हैं, जो ‘अम्बेल’ (Umbel) संरचना में व्यवस्थित होते हैं।
- पत्तियाँ: इसकी पत्तियां अन्य टेट्राटेनियम प्रजातियों की तुलना में विशिष्ट आकार और बनावट वाली होती हैं, जो इसे कठोर जलवायु में जीवित रहने में मदद करती हैं।
- ऊँचाई: यह पौधा समुद्र तल से 1800-2200 मीटर की ऊँचाई पर पाया जाता है।
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- आवास: यह प्रजाति पश्चिमी घाट के शोला-घास के मैदान की स्थानिक (Endemic) है। यह पारिस्थितिक तंत्र अपनी अनूठी जल-धारण क्षमता और जैव-विविधता के लिए जाना जाता है।
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- पुष्पन काल (Flowering Period): यह मुख्य रूप से मानसून के दौरान, जुलाई से सितंबर के बीच फूलता है।
- फलन काल (Fruiting Period): फल अक्टूबर से नवंबर के बीच आते हैं।
इरविकुलम नेशनल पार्क (Eravikulam National Park):
- अवस्थिति: इरविकुलम नेशनल पार्क (Eravikulam National Park) केरल के इदुक्की जिले में पश्चिमी घाट (कन्नन देवन पहाड़ियों) पर स्थित है।
- नीलगिरी तहर (Nilgiri Tahr): यह पार्क लुप्तप्राय नीलगिरी तहर (केरल का राजकीय पशु) के दुनिया के सबसे बड़े आवास के रूप में प्रसिद्ध है।
- अनामुडी शिखर (Anamudi Peak): दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी (2,695 मीटर) इसी पार्क के भीतर स्थित है।
- नीलकुरिंजी (Neelakurinji): यहाँ के शोला घास के मैदानों में नीलकुरिंजी के फूल हर 12 साल में एक बार खिलते हैं, जो पूरी पहाड़ियों को बैंगनी कर देते हैं।
- विशेष: यह यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थल (पश्चिमी घाट का हिस्सा) के अंतर्गत आता है।
- नदियां: यहाँ से ब्यास की सहायक नदियाँ—पेरियार और कावेरी बेसिन की कुछ छोटी धाराएं निकलती हैं।v

