NITI Aayog Revitalizing Apprenticeship Ecosystem in India report
संदर्भ:
हाल ही में निजी क्षेत्र और सरकार के बीच कौशल अंतर को कम के लिए NITI Aayog ने हाल ही में ‘Revitalizing Apprenticeship Ecosystem in India’ शीर्षक से एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट का लक्ष्य शिक्षुता (Apprenticeship) को एक डिग्री के समान प्रतिष्ठित बनाना और इसे ‘Earn While You Learn’ मॉडल के रूप में स्थापित करना है।
रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें:
- एकल खिड़की प्रणाली (Unified Portal): रिपोर्ट में NAPS (National Apprenticeship Promotion Scheme) पोर्टल को अधिक सुव्यवस्थित करने की सिफारिश की गई है। इसका उद्देश्य पंजीकरण, अनुबंध प्रबंधन और छात्रवृत्ति संवितरण की प्रक्रिया को सरल और बाधा मुक्त बनाना है।
- MSMEs की भागीदारी: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) भारत में रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत हैं। NITI Aayog ने सुझाव दिया है कि इन उद्यमों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन बढ़ाया जाए और ‘थर्ड पार्टी एग्रीगेटर्स’ (TPA) की मदद ली जाए ताकि प्रशासनिक बोझ कम हो सके।
- शिक्षा के साथ एकीकरण (NEP 2020 के अनुरूप): राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत डिग्री पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया गया है। इससे छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।
- अप्रेंटिसशिप का दायरा बढ़ाना: सिर्फ विनिर्माण (Manufacturing) तक सीमित न रहकर, अब सेवा क्षेत्र (IT, रिटेल, बैंकिंग) और उभरते हुए क्षेत्रों जैसे Green Energy और Electric Vehicles में भी अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा दिया जाएगा।
चुनौतियां (Challenges):
- जागरूकता की कमी: उद्योगों और छात्रों दोनों के बीच अप्रेंटिसशिप के लाभों को लेकर स्पष्टता का अभाव है।
- जटिल अनुपालन: छोटे उद्योगों के लिए अप्रेंटिसशिप एक्ट के तहत नियमों का पालन करना चुनौतीपूर्ण होता है।
- कौशल बेमेल (Skill Mismatch): जो कौशल उद्योगों को चाहिए और जो संस्थानों में सिखाया जा रहा है, उनमें भारी अंतर है।

