Nobel Prize in Medicine 2026: कार्ल डिसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को मिला चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार
संदर्भ:
हाल ही में 5 अक्टूबर 2026 को स्वीडन के स्टॉकहोम में नोबेल असेंबली द्वारा विज्ञान जगत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार 2026 (Nobel Prize in Medicine 2026) की आधिकारिक घोषणा की गई। इस वर्ष यह सम्मान तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
चिकित्सा नोबेल पुरस्कार 2026: घोषणा और विजेता
- घोषणा: यह प्रतिष्ठित पुरस्कार कारोलिंस्का संस्थान (Karolinska Institute) की नोबेल असेंबली द्वारा घोषित और प्रदान किया गया।
- विजेता: इस वर्ष के चिकित्सा नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम:
- कार्ल डिसेरोथ (Karl Deisseroth) – स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका
- पीटर हेगेमैन (Peter Hegemann) – हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी बर्लिन, जर्मनी
- जर्नाड (जॉर्ज) नागेल (Georg Nagel) – यूनिवर्सिटी ऑफ वूर्जबर्ग, जर्मनी
- खोज: इन वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार “प्रकाश-उत्प्रेरित आयन चैनलों और ऑप्टोजेनेटिक्स से जुड़ी उनकी अभूतपूर्व खोजों के लिए” (“for their discoveries concerning light-gated ion channels and optogenetics”) दिया गया।
- पुरस्कार राशि: विजेताओं को एक नोबेल मेडल, एक व्यक्तिगत डिप्लोमा और कुल 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जिसे तीनों वैज्ञानिकों में समान रूप से (4-4 मिलियन क्रोनर) विभाजित किया जाएगा।
वैज्ञानिकों की पृष्ठभूमि और उपलब्धियां:
- कार्ल डिसेरोथ (Karl Deisseroth): अमेरिका के रहने वाले 55 वर्षीय कार्ल डिसेरोथ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में बायोइंजीनियरिंग और मनोरोग (Psychiatry) के प्रोफेसर हैं। वे एक अभ्यास करने वाले मनोचिकित्सक भी हैं।
- डिसेरोथ ने हेगेमैन और नागेल द्वारा खोजी गई शैवाल की प्रोटीन को चूहों की तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया।
- उन्होंने 2005 में पहली बार चूहे की जीवित कोशिकाओं को ऑप्टिकल फाइबर की मदद से नीली रोशनी डालकर नियंत्रित करने में सफलता पाई, जिसने व्यावहारिक तंत्रिका विज्ञान (Neuroscience) की नींव रखी।
- पीटर हेगेमैन (Peter Hegemann): जर्मनी के 72 वर्षीय पीटर हेगेमैन बर्लिन की हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और जाने-माने जीवभौतिकीविद् (Biophysicist) हैं।
- हेगेमैन को ऑप्टोजेनेटिक्स के संस्थापकों में से एक माना जाता है। उन्होंने एकल-कोशिका वाले हरे शैवाल (Chlamydomonas reinhardtii) में प्रकाश के प्रति संवेदनशील आयन चैनलों (Light-sensitive Ion Channels) के व्यवहार का विस्तृत अध्ययन किया।
- जॉर्ज नागेल (Georg Nagel): जर्मनी के 73 वर्षीय जॉर्ज नागेल वूर्जबर्ग विश्वविद्यालय में आणविक पादप शरीर क्रिया विज्ञान (Molecular Plant Physiology) के शोधकर्ता और प्रोफेसर हैं।
- नागेल ने पीटर हेगेमैन के साथ मिलकर चैनलराडॉप्सिन (Channelrhodopsin) नामक प्रोटीन की खोज की। उन्होंने प्रदर्शित किया कि कैसे यह प्रोटीन नीली रोशनी के संपर्क में आते ही एक आणविक स्विच (Molecular Switch) की तरह काम करता है और कोशिकाओं के भीतर विद्युत आवेग (Electrical Impulse) उत्पन्न करता है।
ऑप्टोजेनेटिक्स क्या है?
- कार्यप्रणाली: इस तकनीक में आनुवंशिक रूप से संशोधित (Genetically Modified) तंत्रिका कोशिकाओं में प्रकाश-संवेदनशील शैवाल प्रोटीन (Algal Proteins) को प्रविष्ट कराया जाता है। इसके बाद, विशिष्ट तरंगदैर्ध्य (Wavelength) की प्रकाश किरणों (जैसे नीली रोशनी) को ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से मस्तिष्क के भीतर भेजकर लक्षित न्यूरॉन्स को इच्छानुसार चालू (On) या बंद (Off) किया जा सकता है।
- चिकित्सीय अनुप्रयोग: इसके माध्यम से वैज्ञानिक यह समझ पा रहे हैं कि न्यूरल सर्किट कैसे व्यवहार, भावनाओं और यादों को आकार देते हैं। यह तकनीक वर्तमान में अल्जाइमर (Alzheimer’s), पार्किंसंस (Parkinson’s), अवसाद (Depression) और दृष्टिहीनता (Blindness) जैसी जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज और उपचार खोजने में मील का पत्थर साबित हो रही है।
नोबेल पुरस्कार के बारे मे:
- परिचय: नोबेल पुरस्कार दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान है, जो नोबेल फाउंडेशन द्वारा अल्फ्रेड नोबेल की याद में दिया जाता है
- इतिहास: स्वीडिश आविष्कारक और उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल की वर्ष 1895 की वसीयत के आधार पर इन पुरस्कारों की स्थापना की गई थी।
- पहली बार वर्ष 1901 में नोबेल पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
- स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल ने डायनामाइट का आविष्कार किया था।
- क्षेत्र: यह पुरस्कार मूल रूप से पांच क्षेत्रों में दिए जाते थे—भौतिकी, रसायन विज्ञान, फिजियोलॉजी या मेडिसिन (Nobel Prize in Physiology or Medicine), साहित्य और शांति। वर्ष 1968 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक द्वारा अर्थशास्त्र के नोबेल की शुरुआत की गई।
- प्रदाता संस्थाएं:
- फिजियोलॉजी या मेडिसिन: कारोलिंस्का संस्थान, स्टॉकहोम
- भौतिकी और रसायन विज्ञान: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज
- शांति पुरस्कार: नॉर्वेजियन नोबेल समिति (ओस्लो)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: 2026 में Medicine का Nobel Prize किसे मिला?
उत्तर: वर्ष 2026 का चिकित्सा नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से अमेरिकी वैज्ञानिक कार्ल डिसेरोथ और दो जर्मन वैज्ञानिकों पीटर हेगेमैन व जॉर्ज नागेल को दिया गया है।
प्रश्न 2: Carl Deisseroth, Peter Hegemann और Georg Nagel को Nobel Prize क्यों मिला?
उत्तर: इन तीनों वैज्ञानिकों को प्रकाश-उत्प्रेरित आयन चैनलों (Light-gated Ion Channels) की खोज और मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रकाश से नियंत्रित करने वाली ऑप्टोजेनेटिक्स तकनीक के विकास के लिए यह पुरस्कार मिला है।
प्रश्न 3: 2026 Nobel Prize in Medicine की घोषणा कब हुई?
उत्तर: वर्ष 2026 के चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Medicine 2026) की आधिकारिक घोषणा स्वीडन में 5 अक्टूबर 2026 को की गई।
प्रश्न 4: चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार 2026 के विजेताओं का योगदान क्या है?
उत्तर: इन्होंने शैवाल की प्रोटीन का उपयोग कर मस्तिष्क की विशिष्ट तंत्रिका कोशिकाओं को बिना अन्य कोशिकाओं को प्रभावित किए प्रकाश की मदद से नियंत्रित करने (स्विच ऑन/ऑफ) का क्रांतिकारी साधन विकसित किया।
प्रश्न 5: Nobel Prize in Medicine 2026 की prize money कितनी है?
उत्तर: इस वर्ष चिकित्सा नोबेल की कुल पुरस्कार राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन डॉलर) है, जो तीनों विजेताओं में बराबर बांटी जाएगी।
