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सैन्य अभ्यास Nomadic Elephant 2026- भारत-मंगोलिया के बीच शुरू हुआ 18वां संस्करण

सैन्य अभ्यास Nomadic Elephant 2026- भारत-मंगोलिया के बीच शुरू हुआ 18वां संस्करण

Nomadic Elephant 2026

संदर्भ:

हाल ही में 21 सितंबर 2026 को भारत और मंगोलिया की सेनाओं के बीच द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त अभ्यास नोमैडिक एलिफेंट 2026 (Nomadic Elephant 2026) का 18वां संस्करण उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में शुरू हुआ।

नोमैडिक एलिफेंट 2026 के बारे मे:

  • परिचय: नोमैडिक एलिफेंट एक वार्षिक प्लाटून-स्तरीय द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है, जो बारी-बारी से भारत और मंगोलिया में आयोजित किया जाता है।
    • इस अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी।
  • आयोजन स्थल: इस वर्ष इसका 18वां संस्करण (Nomadic Elephant 18th Edition) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड (Foreign Training Node) में आयोजित किया जा रहा है।
  • भागीदारी (Personnel Involved): अभ्यास में दोनों देशों की ओर से 45-45 सैन्य कर्मी (कुल 90 सैनिक) भाग ले रहे हैं।
    • भारतीय सेना (Indian Army Mongolia) और मंगोलियाई सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व उनके विशिष्ट प्लाटून कर रहे हैं।
  • पिछला संस्करण: इसका 17वां संस्करण मई-जून 2025 में मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित किया गया था।
  • उद्देश्य:
    • आतंकवाद विरोधी अभियान: इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के जनादेश (United Nations Mandate) के तहत अर्ध-शहरी और पर्वतीय इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों (Counter-Insurgency Operations) के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त परिचालन क्षमता को मजबूत करना है।
    • अंतर-संचालनीयता बढ़ाना: दोनों देशों के सैनिकों के बीच सामरिक स्तर के अभियानों में कार्यप्रणाली का आदान-प्रदान करना और आपसी तालमेल (Interoperability) को उच्चतम स्तर पर ले जाना है।
  • आधुनिक युद्ध तकनीक और पाठ्यक्रम: इस बार के पाठ्यक्रम में पारंपरिक सैन्य अभ्यासों के साथ-साथ उभरते हुए तकनीकी खतरों से निपटने के लिए निम्नलिखित विशिष्ट क्षेत्रों को शामिल किया गया है:
  • ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों का अनुप्रयोग (Employment of Drones and Counter-Drone Systems): युद्ध के बदलते तौर-तरीकों को देखते हुए सैनिकों को निगरानी, टोह लेने और दुश्मन के ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने वाली प्रणालियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण (Cyber Security Training): आधुनिक युद्ध केवल जमीन पर नहीं बल्कि डिजिटल स्पेस में भी लड़े जाते हैं, इसलिए सैन्य प्रणालियों को हैकिंग और तकनीकी घुसपैठ से सुरक्षित रखने का अभ्यास पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
  • सामरिक अभ्यास: इसके अंतर्गत घेराबंदी एवं तलाशी अभियान (Cordon and Search Operations), कमरे में त्वरित सैन्य कार्रवाई (Room Intervention Drills) और विशेष हेलीकॉप्टर ऑपरेशन (Special Heliborne Operations) का सघन अभ्यास शामिल है।

भारत-मंगोलिया रक्षा सहयोग का रणनीतिक महत्व:

  • ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का सुदृढ़ीकरण: मंगोलिया पूर्वी एशिया में भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) का एक प्रमुख स्तंभ है। इस सैन्य जुड़ाव से भारत इस क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करता है।
  • भू-राजनीतिक संतुलन (Geopolitical Balancing): मंगोलिया दो महाशक्तियों—चीन और रूस के बीच स्थित एक लैंडलॉक्ड (Landlocked) देश है। भारत द्वारा मंगोलिया के साथ प्रगाढ़ रक्षा संबंध (India Mongolia Defence Exercise) स्थापित करना उसकी ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ को बढ़ावा देता है और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
  • “आध्यात्मिक पड़ोसी” की अवधारणा: भारत और मंगोलिया के ऐतिहासिक संबंध बौद्ध धर्म के माध्यम से जुड़े हैं। भारत मंगोलिया को अपना “आध्यात्मिक पड़ोसी” (Spiritual Neighbour) और ‘तीसरा पड़ोसी’ (Third Neighbour) मानता है, जहां सैन्य सहयोग इन सांस्कृतिक संबंधों को एक मजबूत रणनीतिक आधार प्रदान करता है।
  • पर्वतीय युद्ध कौशल का आदान-प्रदान: मंगोलिया के सैनिक अत्यधिक विषम मौसम और दुर्गम भूभागों में काम करने के लिए जाने जाते हैं। पिथौरागढ़ (Pithoragarh Army Exercise) के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में इस प्रशिक्षण से दोनों सेनाओं को कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने और प्रभावी मुकाबला करने के अनुभवों का सीधा लाभ मिलता है।
विशेष: खान क्वेस्ट (Khaan Quest) एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय (Multinational) शांति स्थापना सैन्य अभ्यास है जिसका आयोजन मंगोलिया द्वारा किया जाता है और इसमें भारतीय सेना नियमित रूप से भाग लेती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Nomadic Elephant 2026 exercise क्या है?

उत्तर: यह भारत और मंगोलिया के बीच आयोजित होने वाला एक वार्षिक, प्लाटून-स्तरीय संयुक्त सैन्य अभ्यास (Bilateral Military Exercise) है।

प्रश्न 2: इसका 18th edition कहाँ आयोजित किया जा रहा है?

उत्तर: इसका 18वां संस्करण 21 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में फॉरेन ट्रेनिंग नोड पर आयोजित हो रहा है।

प्रश्न 3: Nomadic Elephant 2026 में India और Mongolia के कितने सैनिक हैं?

उत्तर: इस संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास में दोनों देशों की ओर से 45-45 सैन्य कर्मी (कुल 90 सैनिक) अपनी सेनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

प्रश्न 4: इस military exercise का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत पर्वतीय और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों (Counter-Insurgency Operations) हेतु परिचालन क्षमता विकसित करना है।

प्रश्न 5: Exercise में drones और counter-drone systems का इस्तेमाल क्यों होगा?

उत्तर: आधुनिक युद्धों में बढ़ते हवाई और तकनीकी खतरों को देखते हुए सैनिकों को निगरानी रखने और दुश्मन के मानव रहित विमानों (UAVs) को निष्क्रिय करने की तकनीक सिखाने के लिए इनका इस्तेमाल हो रहा है।

प्रश्न 6: Nomadic Elephant 2026 कब से कब तक चलेगा?

उत्तर: रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास (Military Exercise 2026 India) 21 सितंबर 2026 से शुरू होकर 3 अक्टूबर 2026 तक सफलतापूर्वक संचालित किया जाएगा।

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