Odisha government imposes complete ban on gutkha

संदर्भ:
हाल ही में ओडिशा सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पूरे राज्य में गुटखा, पान मसाला और सभी तंबाकू उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध (Complete Ban) लागू कर दिया है।
पृष्ठभूमि और कानूनी ढांचा:
ओडिशा सरकार ने यह नया निर्देश खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 2.3.4 के तहत जारी किया है।
- पूर्व स्थिति: ओडिशा ने पहली बार 2013 में गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगाया था।
- वर्तमान आदेश: 22 जनवरी 2026 की नई अधिसूचना में 2013 के आदेश को संशोधित किया है। अब ऐसे उत्पादों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है जिन्हें अलग-अलग बेचकर ग्राहक द्वारा बाद में मिलाने के लिए बनाया गया हो।
प्रतिबंध का दायरा:
यह प्रतिबंध व्यापक है और इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- उत्पाद: गुटखा, पान मसाला, खैनी, जर्दा और निकोटीन युक्त कोई भी खाद्य उत्पाद (फ्लेवर्ड या सुगंधित भी)।
- गतिविधियाँ: निर्माण (Manufacturing), प्रसंस्करण (Processing), पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और बिक्री।
- अपवाद: बीड़ी और सिगरेट को फिलहाल इस विशिष्ट खाद्य सुरक्षा श्रेणी के प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, हालांकि उन पर अन्य COTPA नियम लागू रहते हैं।
नीतिगत आवश्यकता:
- उच्च उपभोग दर: ‘ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे’ (GATS-2) के अनुसार, ओडिशा में धुंआरहित तंबाकू (Smokeless Tobacco) का उपयोग 42% से अधिक है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है।
- कैंसर का बोझ: राज्य में होने वाले ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) और गले के कैंसर के मामलों में तंबाकू का सेवन सबसे बड़ा कारक है।
- युवाओं पर प्रभाव: 15-17 वर्ष के युवाओं में तंबाकू की लत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसे रोकने के लिए यह ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है।
आर्थिक और प्रशासनिक प्रभाव:
- राजस्व की हानि: इस पूर्ण प्रतिबंध से राज्य को सालाना लगभग ₹1,047 करोड़ के राजस्व (Excise & GST) का नुकसान होने का अनुमान है है।
- प्रवर्तन (Enforcement): जिला प्रशासन, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस को नियमित छापेमारी करने और उल्लंघनकर्ताओं पर भारी जुर्माना व 10 साल तक की जेल जैसे कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
- राष्ट्रीय समन्वय: 1 फरवरी 2026 से केंद्र सरकार भी तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और ‘स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर’ (Health and National Security Cess) लागू कर रही है, जो ओडिशा के इस कदम को और मजबूती प्रदान करेगा।
प्रमुख राज्य जिन्होंने प्रतिबंध लागू किया है:
- बिहार: बिहार ने शराबबंदी के बाद गुटखा और पान मसाला पर भी कड़ा रुख अपनाया है। मार्च 2024 में लगाए गए प्रतिबंध को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में यहाँ तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाला की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- झारखंड: झारखंड सरकार ने फरवरी 2025 में राज्य के भीतर गुटखा और पान मसाला के भंडारण, निर्माण और बिक्री पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2026 में भी प्रभावी रखा गया है।
- महाराष्ट्र: महाराष्ट्र 2012 में गुटखा प्रतिबंधित करने वाले शुरुआती राज्यों में से एक था। यहाँ पान मसाला और सुगंधित तंबाकू पर समय-समय पर प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई जाती रही है।
- तमिलनाडु: तमिलनाडु सरकार ने 23 मई 2025 को गुटखा, पान मसाला और चबाने वाले तंबाकू उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया है।
- राजस्थान: राजस्थान ने 2019 में मैग्नीशियम कार्बोनेट, निकोटीन और तंबाकू युक्त पान मसाला पर प्रतिबंध लगाया था।
