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ओमान-सऊदी अरब “Secure Green Land Corridor” हुआ लॉन्च, कॉरिडोर की विशेषताएं जानिए

ओमान-सऊदी अरब “Secure Green Land Corridor” हुआ लॉन्च, कॉरिडोर की विशेषताएं जानिए

Oman-Saudi Secure Green Land Corridor

संदर्भ:

हाल ही में ओमान और सऊदी अरब ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Regional Connectivity) को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित हरित भूमि गलियारा (Secure Green Land Corridor) लॉन्च किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना अरब प्रायद्वीप के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र से गुजरती है।

सुरक्षित हरित भूमि गलियारा (Secure Green Land Corridor) के बारे में:

  • परिचय: यह परियोजना ओमान और सऊदी अरब के बीच एक सीधा द्विपक्षीय माल ढुलाई और सीमा-पार रसद मार्ग (Bilateral Freight and Logistics Route) है।
    • इसे ‘हरित गलियारा’ (Green Corridor) इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ परिवहन कॉरिडोर (Sustainable Transport Corridor) के मानकों को अपनाया गया है।
  • कनेक्टिविटी लिंक: यह आर्थिक गलियारा (Economic Corridor) ओमान की खाड़ी तट पर स्थित सोहार पोर्ट (Port of Sohar) को सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित स्पार्क इनलैंड ड्राई पोर्ट (SPARK Inland Dry Port) से जोड़ता है।
    • यह गलियारा दुनिया के सबसे बड़े निरंतर रेतीले रेगिस्तान रब अल-खाली (Rub’ al Khali), जिसे एम्प्टी क्वार्टर (Empty Quarter) भी कहा जाता है, के आर-पार निर्मित एक्सप्रेसवे का उपयोग करता है। 
  • प्रारंभिक समझौता: दोनों देशों को जोड़ने वाले भौतिक राष्ट्रीय राजमार्ग (Rub’ al Khali Highway) का निर्माण कार्य एक जटिल इंजीनियरिंग प्रक्रिया के बाद दिसंबर 2021 में यातायात के लिए पूरा किया गया था।
    • इस राजमार्ग को एक आधिकारिक वाणिज्यिक व्यापार गलियारे में बदलने के लिए ओमान और सऊदी अरब सहयोग (Oman Saudi Arabia Cooperation) के तहत 5-6 अगस्त 2026 को सऊदी परिवहन मंत्रालय द्वारा एक द्विपक्षीय लॉजिस्टिक्स समझौते (Bilateral Logistics Agreement) की घोषणा की गई। 
  • संचालक: इसे ओमान की अर्कान लॉजिस्टिक्स (Arkan Logistics) और सऊदी अरब की स्पार्क लॉजिस्टिक्स (SPARK Logistics) के बीच रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से सक्रिय और संचालित किया जा रहा है। 
  • लंबाई और चौड़ाई: इस संपूर्ण एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 725 किलोमीटर है। इसमें से विशेष रूप से सऊदी अरब के हिस्से का खंड 564 किलोमीटर लंबा है।
  • वित्तीय लागत (Financial Cost): केवल सऊदी हिस्से के निर्माण में लगभग 2 अरब सऊदी रियाल (लगभग 533 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की भारी लागत आई है।
  • इंजीनियरिंग चुनौती: रब अल-खाली रेगिस्तान की कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण निर्माण के दौरान 150 मिलियन घन मीटर रेत को स्थानांतरित और सुव्यवस्थित करना पड़ा।
  • समय और दूरी की बचत: इस सीधे स्थलीय मार्ग के खुलने से दोनों देशों के बीच यात्रा की दूरी 800 किलोमीटर से अधिक कम हो गई है और माल ढुलाई के समय में 14 से 18 घंटे की सीधी बचत हो रही है।
  • डिजिटल सीमा-प्रक्रिया: सीमा पर रेड टेप और देरी को समाप्त करने के लिए सुव्यवस्थित सीमा शुल्क और उन्नत डिजिटल ट्रैकिंग प्रक्रियाओं (Streamlined Customs Procedures) को लागू किया गया है।

इसका महत्व:

  • जलडमरूमध्य का विकल्प: यह कॉरिडोर जहाजों के लिए सबसे संवेदनशील और तनावग्रस्त जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को बायपास करने का एक सुरक्षित और ठोस विकल्प प्रदान करता है। क्षेत्रीय सुरक्षा संकट के समय यह आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को टूटने से बचाता है।
  • लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता (Green Logistics Corridor): यूएई (UAE) ट्रांजिट सीमाओं पर निर्भरता को समाप्त कर यह सीधे द्विपक्षीय व्यापार लिंक स्थापित करता है, जिससे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) क्षेत्र में व्यापार सुगमता बढ़ती है।
  • सतत विकास (Sustainable Development): कम दूरी और सुगम परिवहन के कारण यह भारी वाहनों के ईंधन की खपत को घटाता है, जो खाड़ी देशों के ‘नेट-जीरो’ उत्सर्जन लक्ष्यों के अनुकूल है। 
  • भारत के संदर्भ में:
    • आईएमईसी (IMEC) को मजबूती: भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) के दृष्टिकोण से यह भूमि गलियारा भारत के लिए अत्यधिक पूरक है. भारत से ओमान के सोहर बंदरगाह तक पहुँचने वाला माल अब सीधे सऊदी के आंतरिक औद्योगिक क्षेत्रों तक बिना समुद्री बाधा के पहुँच सकता है.
    • ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): हालांकि यह कच्चे तेल के बड़े पैमाने पर परिवहन का विकल्प नहीं है, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी अन्य सहायक सामग्रियों और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स की सुगम आवाजाही से भारतीय ऊर्जा निवेशों को सुरक्षा मिलती है.
    • व्यापारिक सुगमता: पश्चिम एशिया (West Asia) में भारत के दो सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार (ओमान और सऊदी अरब) हैं. इस सुरक्षित कॉरिडोर (Secure Green Land Corridor) के माध्यम से भारतीय निर्यातकों को पूरे खाड़ी क्षेत्र के बाजारों में अपने उत्पादों को तेजी से पहुँचाने में मदद मिलेगी.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Oman Saudi Arabia Secure Green Land Corridor क्या है?

उत्तर: यह ओमान के सोहर पोर्ट और सऊदी अरब के स्पार्क ड्राई पोर्ट को रब अल-खाली रेगिस्तान के माध्यम से जोड़ने वाला एक सुरक्षित, प्रत्यक्ष और सतत लॉजिस्टिक्स भूमि मार्ग है. 

प्रश्न 2: Oman और Saudi Arabia ने Green Land Corridor क्यों शुरू किया?

उत्तर: दोनों देशों ने व्यापारिक दूरी को 800 किमी कम करने, आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे समुद्री चोकपॉइंट्स पर निर्भरता घटाने के लिए इसे शुरू किया है.

प्रश्न 3: Secure Green Land Corridor का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना, माल ढुलाई के समय में 14-18 घंटे की बचत करना और दोनों देशों के बीच सीमा-पार परिवहन को सुगम बनाना है.

प्रश्न 4: इस Corridor से Oman और Saudi Arabia के Trade को कैसे फायदा होगा?

उत्तर: इससे दोनों देशों के बीच सीधे भूमि-आधारित वाणिज्यिक ट्रकिंग मार्ग स्थापित होंगे, जिससे द्विपक्षीय व्यापार की गति तेज होगी और सीमा पर लगने वाला समय न्यूनतम हो जाएगा. 

प्रश्न 5: Secure Green Land Corridor में Green Energy का क्या योगदान होगा?

उत्तर: यह परिवहन मार्ग दूरी को घटाकर वाहनों के कार्बन उत्सर्जन को कम करता है तथा भविष्य में कम-कार्बन और हरित रसद प्रणाली (Low-Carbon Transport) के मानकों का उपयोग सुनिश्चित करता है.

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