Open-source software PathGennie
संदर्भ:
हाल ही में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एस.एन. बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज के वैज्ञानिकों ने PathGennie नामक एक ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर विकसित किया है। यह सॉफ्टवेयर दवा खोज की प्रक्रिया को तेज करने और उसे अधिक सटीक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
PathGennie क्या है?
- PathGennie एक उन्नत कम्प्यूटेशनल फ्रेमवर्क और एल्गोरिदम है जो सूक्ष्म स्तर पर दुर्लभ आणविक घटनाओं (Rare Molecular Events) के सिमुलेशन की गति को बढ़ाता है।
- यह कंप्यूटर-एडेड ड्रग डिस्कवरी (CADD) के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता है, जो बिना किसी कृत्रिम विरूपण (Artificial Distortions) के यह भविष्यवाणी करता है कि संभावित दवाएं अपने प्रोटीन लक्ष्यों (Protein Targets) से कैसे अलग (Unbind) होती हैं।
- यह सॉफ्टवेयर वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के लिए निःशुल्क उपलब्ध है, जो सहयोग और पारदर्शिता को बढ़ावा देता है।
- यह आधुनिक मशीन लर्निंग तकनीकों के साथ मिलकर काम कर सकता है, जिससे उच्च-आयामी डेटा को समझना आसान हो जाता है।
- दवा खोज के अलावा, इसका उपयोग रासायनिक प्रतिक्रियाओं, उत्प्रेरक प्रक्रियाओं (Catalytic processes) और चरण संक्रमण (Phase transitions) के अध्ययन में भी किया जा सकता है।
- इसने कैंसर रोधी दवा इमैटिनिब (Imatinib) के प्रोटीन से अलग होने के रास्तों की सटीक पहचान की है, जो पहले के प्रयोगों और सिमुलेशन के परिणामों के समान पाई गई।
- PathGennie ‘डायरेक्शन-गाइडेड एडेप्टिव सैंपलिंग’ (Direction-Guided Adaptive Sampling) एल्गोरिदम का उपयोग करके आणविक स्तर पर “प्राकृतिक चयन” की नकल करता है। यह कई छोटे सिमुलेशन शुरू करके केवल उन्हीं को आगे बढ़ाता है जो लक्ष्य की ओर बढ़ रहे होते हैं।
इसका महत्व:
- आधुनिक पद्धति: वैज्ञानिक दवा खोज की घटनाओं को तेज करने के लिए कृत्रिम बल या उच्च तापमान का उपयोग करते थे, जिससे वास्तविक भौतिकी प्रभावित होती थी। PathGennie के आने से इसमें सुधार होगा।
- आत्मनिर्भर भारत: भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित सॉफ्टवेयर, जो विदेशी महंगे और प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर पर निर्भरता कम करता है।
- फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड: भारत पहले से ही दवाओं का बड़ा निर्यातक है; यह तकनीक नई दवाओं की खोज में भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगी।
- किफायती स्वास्थ्य सेवा: दवा खोज की लागत और समय कम होने से सस्ती दवाओं का विकास संभव होगा, जो दुर्लभ बीमारियों और कैंसर के इलाज में सहायक है।

