Operation Sindoor formation to be displayed for the first time during Republic Day parade

संदर्भ:
भारतीय वायु सेना (IAF) 26 जनवरी, 2026 को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पहली बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) फॉर्मेशन का प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन पारंपरिक फ्लाईपास्ट से हटकर आधुनिक युद्ध कौशल और ‘संयुक्त युद्ध’ (Joint Warfare) की अवधारणा को समर्पित होगा।
गणतंत्र दिवस 2026 परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन:
- वायु सेना फॉर्मेशन: सात विमानों का एक विशेष ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ आसमान में अपनी ताकत दिखाएगा। इसका नेतृत्व एक राफेल (Rafale) विमान करेगा, जिसके साथ मिग-29, सुखोई-30 और जगुआर विमान शामिल होंगे।
- फॉर्मेट: परेड में पहली बार, ‘फेज्ड बैटल अरे’ (Phased Battle Array) के तहत, वायु सेना अपने विमानों को युद्ध के परिदृश्य की तरह उड़ाएगी।
- चरणबद्ध युद्ध व्यूह (Phased Battle Array): पहली बार, थल सेना और वायु सेना मिलकर यह दिखाएंगे कि युद्ध के दौरान सैन्य संपत्तियां किस क्रम में तैनात की जाती हैं—टोही (Reconnaissance) से लेकर हमले और बैकअप तक।
- वायु शक्ति का प्रदर्शन: फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमान भाग लेंगे, जिनमें राफेल, सुखोई-30 MKI, मिग-29, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ और C-130J हरक्यूलिस शामिल हैं।
ऑपरेशन सिंदूर:
- पृष्ठभूमि: मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी) के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था।
- नामकरण: इस ऑपरेशन का नाम उन महिलाओं को श्रद्धांजलि के रूप में चुना गया जिन्होंने पहलगाम हमले में अपने पतियों को खो दिया था।
- रणनीतिक महत्व: 7-8 मई 2025 की रात को संचालित इस त्रि-सेवा अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया था।
- SCALP और BrahMos क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ AASM Hammer और Akash मिसाइलों का उपयोग किया गया, जो भारत की आत्मनिर्भरता को उजागर करते हैं।
- S-400 Interceptor Missiles प्रणाली ने पाकिस्तान की ओर से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों को ट्रैक और नष्ट किया, जो भारत की हवाई रक्षा (Air Defense) प्रणाली के महत्व को दर्शाता है।
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गणतंत्र दिवस 2026
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