PM E-DRIVE Scheme
संदर्भ:
भारत ने हाल ही में PM ई–ड्राइव (PM E-DRIVE) पहल के तहत इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए अपनी पहली ग्राहक–केंद्रित प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत प्रति वाहन ₹9.6 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, सीमेंट और स्टील जैसे प्रमुख क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने को गति देना है। यह कदम भारत की सतत मालवाहन (सस्टेनेबल फ्रेट मोबिलिटी) की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है और 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के अनुरूप है।
PM E-DRIVE Scheme: भारत की पहली इलेक्ट्रिक ट्रक प्रोत्साहन योजना
परिचय:
- PM E-DRIVE भारत की पहली समर्पित योजना है जो इलेक्ट्रिक ट्रकों को प्रोत्साहन देती है — ये पहले की FAME योजना के तहत शामिल नहीं थे।
- इस योजना के तहत पुराने प्रदूषणकारी डीज़ल ट्रकों की स्क्रैपिंग अनिवार्य है ताकि नए इलेक्ट्रिक ट्रकों को सब्सिडी मिल सके।
कार्यान्वयन अवधि:
- 1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2026 तक लागू।
- EMPS-2024 (Electric Mobility Promotion Scheme) को इसमें समाहित किया गया है।
पात्रता शर्तें:
- बैटरी पर 5 साल या 5 लाख किमी की वारंटी (जो पहले हो) देना अनिवार्य।
- वाहन और मोटर पर 5 साल या 2.5 लाख किमी की वारंटी देना आवश्यक।
सब्सिडी विवरण:
- दोपहिया वाहन (2W):
- पहले वर्ष: ₹5,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹10,000)
- दूसरे वर्ष: ₹2,500 प्रति kWh (अधिकतम ₹5,000)
- तीनपहिया वाहन (3W, e-rickshaw सहित):
- पहले वर्ष: ₹25,000
- दूसरे वर्ष: ₹12,500
- L5 श्रेणी (कार्गो थ्री–व्हीलर):
- पहले वर्ष: ₹50,000
- दूसरे वर्ष: ₹25,000
ई–वाउचर प्रणाली:
- एक व्यक्ति = एक वाहन (आधार कार्ड से लिंक)
- वाहन बिक्री के समय ई–वाउचर स्वतः जेनरेट होगा।
- वाहन निर्माता (OEM) को सब्सिडी के लिए साइन्ड ई–वाउचर अनिवार्य होगा।
चार्जिंग स्टेशन:
- योजना EV खरीदारों की “रेंज एंग्जायटी” दूर करने के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देती है।
- उच्च EV घनत्व वाले शहरों और चुनिंदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर EVPCS (Electric Vehicle Public Charging Stations) स्थापित किए जाएंगे।
भविष्य की संभावनाएँ (Future Prospects):
- ई-व्हीकल इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम।
- सतत (Sustainable) परिवहन विकास को गति देगा—यह कार्बन उत्सर्जन को घटाने में मदद करेगा।
- भारत में ऑटोमोटिव क्षेत्र के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।
- हरित और डिजिटल परिवहन बुनियादी ढांचे को विकसित करने में सहायता करेगा।
निष्कर्ष: PM E-DRIVE योजना भारत के ग्रीन मोबिलिटी मिशन को सशक्त करेगी, खासकर भारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर में, जो लंबे समय से डीज़ल पर निर्भर रहा है। यह पर्यावरणीय लाभ, आर्थिक सशक्तिकरण, और EV उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।