PM-YUVA 3.0 scheme
संदर्भ:
शिक्षा मंत्रालय के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) ने हाल ही में PM-YUVA 3.0 (युवा, आगामी और बहुमुखी लेखक) योजना के परिणामों की घोषणा की है। जिसके माध्यम से 30 वर्ष से कम आयु के चयनित लेखकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
PM-YUVA 3.0 के परिणाम:
- दिसंबर 2025 में घोषित परिणामों के अनुसार, अखिल भारतीय प्रतियोगिता के माध्यम से कुल 43 युवा लेखकों का चयन किया गया है। इसमें से 19 महिलाएं और 24 पुरुष हैं।
- चयन 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में किया गया है, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उड़िया, तमिल, तेलुगु, और अन्य क्षेत्रीय भाषाएं शामिल हैं।
- लेखकों का चयन NBT द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति के माध्यम से उनके द्वारा प्रस्तुत 10,000 शब्दों के पुस्तक प्रस्तावों के आधार पर किया गया।
- इस वर्ष की योजना विशेष रूप से नॉन-फिक्शन (सत्यकथा) लेखन पर केंद्रित थी, जिसके तीन मुख्य स्तंभ हैं: राष्ट्र निर्माण में भारतीय प्रवासियों का योगदान, भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS), आधुनिक भारत के निर्माता (1950-2025)।
- चयनित लेखकों के लिए 10-18 जनवरी 2026 के दौरान नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में एक राष्ट्रीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री युवा लेखक मेंटरशिप योजना (PM-YUVA) क्या हैं?
- प्रधानमंत्री युवा लेखक मेंटरशिप योजना (PM-YUVA 3.0), शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है।
- यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है। जिसका कार्यान्वयन शिक्षा मंत्रालय के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) द्वारा किया जाता है।
- इस योजना का लक्ष्य 30 वर्ष से कम आयु के प्रतिभाशाली युवा लेखकों को मार्गदर्शन (mentorship) प्रदान करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- इसका विजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन को बढ़ावा देना और भारत को ज्ञान आधारित समाज (Vishwa Guru) के रूप में स्थापित करना है।
- इसमें चयनित प्रत्येक लेखक को 6 महीने की मेंटरशिप अवधि के दौरान 50,000 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाती है। (कुल 3 लाख रुपये)।
- इस योजना में तैयार पुस्तकों का प्रकाशन NBT द्वारा किया जाएगा और लेखकों को उनकी पुस्तकों की बिक्री पर 10% आजीवन रॉयल्टी भी दी जाती है।
- इस योजना में लेखकों का चयन MyGov प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित एक प्रतियोगिता द्वारा किया जाता है। इसके बाद चयनित लेखकों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जहाँ वे अपनी पांडुलिपियों को अंतिम रूप देते है।

