Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana
संदर्भ:
केंद्र सरकार ने हाल ही में मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,500 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जो इस योजना के तहत अब तक का सबसे अधिक वार्षिक आवंटन है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना क्या हैं?
- परिचय: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र के इतिहास में सबसे बड़ा निवेश कार्यक्रम है। यह मत्स्य क्षेत्र के सतत विकास के लिए एक ‘अम्ब्रेला योजना’ है, जिसे ‘नीली क्रांति’ (Blue Revolution) को गति देने हेतु 10 सितंबर 2020 को लॉन्च किया गया था।
- नोडल मंत्रालय: यह मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत ‘मत्स्य पालन विभाग’ द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
- मुख्य उद्देश्य: मछली उत्पादन को 2024-25 तक 220 लाख टन तक ले जाना, निर्यात आय को ₹1 लाख करोड़ तक पहुँचाना और मछुआरों की आय दोगुनी करना।
- बजटीय परिव्यय: योजना का कुल अनुमानित निवेश ₹20,050 करोड़ है, जो 5 वर्षों (2020-21 से 2024-25, अब विस्तारित) के लिए निर्धारित है।
- योजना के घटक: इसे दो भागों में बांटा गया है—केंद्रीय क्षेत्र की योजना (100% केंद्र वित्तपोषित) और केंद्र प्रायोजित योजना (केंद्र और राज्यों के बीच लागत साझा)।
विशेषताएं:
- सागर मित्र: तटीय गांवों में मत्स्य विस्तार सेवाओं और मछुआरों की सहायता के लिए लगभग 3,477 ‘सागर मित्रों’ की नियुक्ति का प्रावधान है।
- बुनियादी ढांचा विकास: मछली पकड़ने के बंदरगाहों (Fishing Harbours), लैंडिंग केंद्रों, आधुनिक मछली बाजारों और कोल्ड चेन नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर।
- तकनीकी हस्तक्षेप: बायोफ्लोक, री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS), और केज कल्चर जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए वित्तीय सहायता।
- बीमा सुरक्षा: मछुआरों के लिए ₹5 लाख का निःशुल्क दुर्घटना बीमा कवर और नावों के बीमा हेतु सहायता।
- अंतर्देशीय मत्स्य पालन: मीठे पानी की मछली खेती, सजावटी मछली पालन और खारे पानी में झींगा पालन (Shrimp farming) को बढ़ावा देना।
- रोजगार सृजन: इस योजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 55 लाख लोगों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।
- डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र: ‘राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म’ (NFDP) के माध्यम से मछुआरों का पंजीकरण और सेवाओं की पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित करना।
