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Pralay Quasi Ballistic Missile: चांदीपुर से हुआ मिसाइल का सफल परीक्षण

Pralay Quasi Ballistic Missile: चांदीपुर से हुआ मिसाइल का सफल परीक्षण

संदर्भ:

हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR), चांदीपुर से सतह से सतह पर मार करने वाली स्वदेशी क्वासी-बैलिस्टिक प्रलय मिसाइल (Pralay Quasi Ballistic Missile) का सफल उड़ान परीक्षण किया।

प्रलय मिसाइल परीक्षण 2026:

  • मिसाइल का प्रकार: प्रलय एक ठोस-प्रणोदक (Solid-Propellant), सतह से सतह पर मार करने वाली लघु दूरी की सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) है।
    • यह भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (BMD) कार्यक्रम के तहत विकसित ‘पृथ्वी डिफेंस व्हीकल’ (PDV) इंटरसेप्टर मिसाइल की तकनीकों पर आधारित है।
  • क्वासी-बैलिस्टिक तकनीक (Quasi Ballistic Missile Technology): यह मिसाइल पूर्णतः बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र (Trajectory) का पालन नहीं करती है। यह पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में कम ऊंचाई पर उड़ती है और अपनी उड़ान के अंतिम चरण (Terminal Phase) में अपनी दिशा बदलने में सक्षम होती है। 
  • परीक्षण स्थल (Chandipur Missile Test): यह परीक्षण ओडिशा तट के पास चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) के लॉन्च कॉम्प्लेक्स-3 से आयोजित किया गया।
  • सुरक्षा उपाय: मिसाइल परीक्षण के मद्देनजर सुरक्षा एहतियात के तौर पर लॉन्च पैड के 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों से 2,500 से अधिक निवासियों को अस्थायी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया गया था। 
  • मिशन की सफलता: मिसाइल ने लगभग 500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो सिम्युलेटेड (कृत्रिम) लक्ष्यों को सटीकता के साथ नष्ट कर दिया।

प्रलय मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं (Pralay Missile Features):

  • अनुसंधान संस्थान: इसे मुख्य रूप से हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) और डीआरडीओ (DRDO Latest News 2026) की अन्य प्रयोगशालाओं द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
  • उत्पादन भागीदार: इसके निर्माण और सिस्टम इंटीग्रेशन में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनियां शामिल हैं।
  • मारक क्षमता (Pralay Missile Range): इस स्वदेशी मिसाइल की मारक क्षमता 150 किलोमीटर से 500 किलोमीटर तक है।
  • गति (Pralay Missile Speed): अपनी उड़ान के अंतिम चरण में यह मैच-5 से मैच-6 (लगभग 6,174 किमी/घंटा) की हाइपरसोनिक गति प्राप्त कर लेती है, जो ध्वनि की गति से पांच से छह गुना अधिक है।
  • पेलोड क्षमता (Payload Capacity): यह मिसाइल 500 किलोग्राम से 1,000 किलोग्राम तक के विभिन्न पारंपरिक हथियारों (Warheads) को ले जाने में सक्षम है। पेलोड का वजन आधा करने पर इसकी रेंज अधिकतम (500 किमी) तक बढ़ जाती है।
  • गतिशीलता और तैनाती: प्रलय मिसाइल को एक मोबाइल कनिस्तर लॉन्चर (Canister Mobile Launcher) से दागा जा सकता है, जिससे इसे युद्धक्षेत्र में कहीं भी आसानी से तैनात और स्थानांतरित किया जा सकता है। 

भारत के लिए प्रलय मिसाइल का सामरिक महत्व:

  • रॉकेट फोर्स का गठन (Creation of Rocket Force): भारतीय सशस्त्र बल (Indian Army Missile System) अपनी एक विशेष ‘सामरिक रॉकेट फोर्स’ का गठन कर रहे हैं। प्रलय इस बल का मुख्य आधार बनेगी, जो युद्ध की स्थिति में पहले 30 मिनट के भीतर दुश्मन के बुनियादी ढांचे को पंगु बनाने की क्षमता रखती है।
  • वायु रक्षा प्रणालियों को चकमा देना: क्वासी-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र और टर्मिनल चरण में दिशा बदलने की क्षमता के कारण, दुश्मन के आधुनिक रडार और मिसाइल रक्षा प्रणालियों (जैसे चीन की S-400 या अन्य प्रणालियां) के लिए इसे ट्रैक करना और बीच में रोकना (Intercept) लगभग असंभव हो जाता है।
  • द्विपक्षीय सीमाओं पर संतुलन (Border Deterrence): इसे विशेष रूप से भारत की उत्तरी (चीन) और पश्चिमी (पाकिस्तान) सीमाओं पर तैनात करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह चीन की ‘डोेंगफेंग-12’ (DF-12) और रूस की ‘इस्कंदर’ (9K720 Iskander) मिसाइल प्रणाली के समकक्ष भारत की युद्धक क्षमता को स्थापित करती है।
  • लागत-प्रभावी मारक क्षमता: प्रलय मिसाइल की निर्माण लागत भारत की क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ की तुलना में लगभग 60% कम है, जबकि दुश्मन के एयरबेस, रनवे और कमांड सेंटरों को तबाह करने में इसकी मारक क्षमता लगभग बराबर है। इससे सेना इसे भारी मात्रा (Quantity and Quality) में तैनात कर सकती है।
  • पृथ्वी-I मिसाइल का प्रतिस्थापन: यह भारतीय सेना की पुरानी हो चुकी ‘पृथ्वी-I’ मिसाइल प्रणाली का स्थान लेगी, जिससे सेना की सामरिक मारक क्षमता अधिक आधुनिक और विश्वसनीय हो जाएगी। रक्षा खरीद परिषद (DAC) पहले ही इसकी 120 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे चुकी है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: प्रलय मिसाइल क्या है और इसे किसने विकसित किया है?

उत्तर: प्रलय सतह से सतह पर मार करने वाली एक लघु दूरी की सामरिक क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल (Surface to Surface Missile) है, जिसे DRDO द्वारा पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। 

प्रश्न 2: प्रलय मिसाइल की मारक क्षमता कितनी है?

उत्तर: प्रलय मिसाइल की मारक क्षमता (Pralay Missile Range) 150 किमी से 500 किमी के बीच है, जो पेलोड के वजन के आधार पर निर्धारित होती है। 

प्रश्न 3: क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल क्या होती है?

उत्तर: क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल वह होती है जो पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में कम ऊंचाई पर उड़ती है और अपनी उड़ान के दौरान (विशेषकर आखिरी 30 सेकंड में) रास्ता बदलने में सक्षम होती है।

प्रश्न 4: प्रलय मिसाइल का परीक्षण चांदीपुर में क्यों किया गया?

उत्तर: चांदीपुर (Odisha) का इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) अत्याधुनिक ट्रैकिंग सेंसरों, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री सुविधाओं से लैस भारत का प्रमुख मिसाइल परीक्षण केंद्र है, जो सुरक्षित परीक्षण की सुविधा देता है। 

प्रश्न 5: प्रलय मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

उत्तर: इसकी प्रमुख विशेषताओं में मैच 5-6 की हाइपरसोनिक गति, 1,000 किग्रा तक पेलोड ले जाने की क्षमता, मोबाइल कनिस्तर लॉन्चर से लॉन्चिंग और एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की क्षमता शामिल है।

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