Proposal to develop 15 major archaeological sites of India into cultural centres
संदर्भ:
केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन के साथ जोड़ने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों को ‘जीवंत और अनुभवात्मक सांस्कृतिक केंद्रों’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया है।
15 स्थलों की सूची और उनकी प्रमुख विशेषताएं:
- राखीगढ़ी (हरियाणा): यह सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल है। यहाँ हड़प्पाकालीन नगर नियोजन, जल निकास प्रणाली और हाल ही में मिले डीएनए साक्ष्यों ने इतिहास को नई दिशा दी है।
- हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश): महाभारत काल और कुरु साम्राज्य से संबंधित। यहाँ ‘पेंटेड ग्रे वेयर’ (PGW) संस्कृति के प्रमाण मिलते हैं जो गंगा घाटी के प्राचीन इतिहास को जोड़ते हैं।
- शिवसागर (असम): अहोम राजवंश की गौरवशाली राजधानी। यहाँ ‘ततलात घर’ और ‘रंग घर’ जैसे अद्वितीय स्थापत्य और प्राचीन मंदिर मौजूद हैं।
- धोलावीरा (गुजरात): यूनेस्को विश्व धरोहर। यह अपनी बेजोड़ ‘जल संचयन प्रणाली’ (Water Management) और पत्थरों पर नक्काशीदार हड़प्पाई लिपि के लिए प्रसिद्ध है।
- आदिचनल्लूर (तमिलनाडु): दक्षिण भारत का प्रमुख महापाषाण कालीन स्थल। यहाँ से प्राचीन लौह युग के बर्तन, हथियार और ताम्र वस्तुएं प्राप्त हुई हैं।
- लोथल (गुजरात): दुनिया का प्राचीनतम कृत्रिम ‘डॉकयार्ड’ (बंदरगाह)। यह हड़प्पा काल के अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार का केंद्र था।
- सारनाथ (उत्तर प्रदेश): यहाँ भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था। यह धमेख स्तूप और अशोक स्तंभ (राष्ट्रीय प्रतीक) है।
- नालंदा (बिहार): प्राचीन भारत का विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय। इसका खंडहर गुप्त और पाल राजाओं के संरक्षण और बौद्ध दर्शन की शिक्षा का केंद्र रहा है।
- लेह महल (लद्दाख): 17वीं सदी का तिब्बती वास्तुकला का नमूना। यह हिमालयी क्षेत्र के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास का गवाह है।
- कालीबंगन (राजस्थान): यहाँ से पूर्व-हड़प्पाकालीन कृषि के प्रमाण (जुते हुए खेत) और अग्नि वेदियां मिली हैं।
- खजुराहो (मध्य प्रदेश): चंदेल शासकों द्वारा निर्मित मंदिर जो अपनी कामुक और शास्त्रीय मूर्तिकला के लिए वैश्विक स्तर पर विख्यात हैं।
- हम्पी (कर्नाटक): विजयनगर साम्राज्य की राजधानी। यह तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित भव्य द्रविड़ वास्तुकला का उदाहरण है।
- ममल्लापुरम (तमिलनाडु): पल्लव राजवंश के रथ मंदिर और तटीय मंदिरों के लिए प्रसिद्ध, जो चट्टानों को काटकर बनाई गई वास्तुकला (Rock-cut architecture) का शिखर है।
- मार्टंड सूर्य मंदिर (जम्मू-कश्मीर): 8वीं सदी का सूर्य मंदिर, जो प्राचीन कश्मीर के स्थापत्य कौशल और धार्मिक सद्भाव को दर्शाता है।
- सिरपुर (छत्तीसगढ़): महानदी के तट पर स्थित एक प्राचीन व्यापारिक केंद्र, जो अपनी ईंटों से बने ‘लक्ष्मण मंदिर’ और बौद्ध विहारों के लिए प्रसिद्ध है।

