Apni Pathshala

पाकिस्तान के भीर माउंट में कुषाणकालीन दुर्लभ सिक्कों की खोज (Rare Kushan coins discovered in Bhir Mount Pakistan) | UPSC Preparation

Rare Kushan coins discovered in Bhir Mount Pakistan

Rare Kushan coins discovered in Bhir Mount Pakistan

संदर्भ:

हाल ही में पाकिस्तान के तक्षशिला स्थित भीर माउंट में पुरातत्वविदों ने कुषाणकालीन दुर्लभ सिक्के और लापिस लाजुली के टुकड़े बरामद किए हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जो प्राचीन गांधार सभ्यता के आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं को समझने में सहायक होगी।

खोज के मुख्य बिंदु:

  • स्थान: ये पुरावशेष भीर माउंट के उत्तरी भाग में B-2 ट्रेंच से मिले हैं, जिसे विशेषज्ञों ने एक आवासीय क्षेत्र के रूप में पहचाना है। 
  • कुषाणकालीन सिक्के: खुदाई के दौरान दूसरी शताब्दी ईस्वी के दुर्लभ कांस्य सिक्के मिले हैं। ये सिक्के कुषाण वंश के अंतिम महान शासक वासुदेव प्रथम के काल के हैं। सिक्कों के अग्रभाग पर राजा वासुदेव को मध्य एशियाई पोशाक में दिखाया गया है, जबकि पृष्ठ भाग पर एक महिला धार्मिक देवी अंकित है।
  • लापिस लाजुली (Lapis Lazuli): छठी शताब्दी ईसा पूर्व (6th Century BC) के लापिस लाजुली के सजावटी टुकड़े भी प्राप्त हुए हैं। यह गहरे नीले रंग का एक अर्ध-कीमती पत्थर है जो प्राचीन काल में अत्यंत मूल्यवान था। तक्षशिला में इसकी उपस्थिति यह स्पष्ट करती है कि यह शहर उत्तरापथ और सिल्क रूट के मिलन बिंदु पर एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र था। लापिस लाजुली का मुख्य स्रोत वर्तमान अफगानिस्तान का बदख्शां (Badakhshan) क्षेत्र रहा है।

प्रमुख ऐतिहासिक तथ्य:

  • तक्षशिला: वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित एक प्राचीन शहर, जो ऐतिहासिक गांधार क्षेत्र का केंद्र था। यह प्राचीन भारत में शिक्षा का विश्व-प्रसिद्ध केंद्र (तक्षशिला विश्वविद्यालय) था और ‘उत्तरापथ’ नामक प्रमुख व्यापार मार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्र था। इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है।
  • भीर माउंट: भीर माउंट तक्षशिला परिसर की सबसे पुरानी नगरीय बस्ती है, जो मौर्य काल से पहले (लगभग 800-525 ईसा पूर्व) की है।  
  • गांधार सभ्यता: यह एक प्राचीन सभ्यता थी जो वर्तमान उत्तरी पाकिस्तान और पूर्वी अफगानिस्तान के क्षेत्रों में पनपी फैली थी। गांधार अपनी अनूठी कला शैली के लिए जाना जाता है, जिसे गांधार कला या ग्रीको-बौद्ध कला कहा जाता है। इस शैली में बुद्ध की मूर्तियों को ग्रीक और रोमन कला के प्रभाव में बनाया गया था।
  • कुषाण साम्राज्य: एक शक्तिशाली साम्राज्य जिसने पहली से तीसरी शताब्दी ईस्वी तक मध्य एशिया और उत्तरी भारत के बड़े हिस्से पर शासन किया था। कुषाणों ने ‘रेशम मार्ग’ (Silk Route) पर नियंत्रण स्थापित किया। उन्होंने गांधार कला, और बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया।
  • शासक वासुदेव प्रथम: वासुदेव प्रथम कुषाण वंश के अंतिम महान सम्राट थे, जिन्होंने लगभग 190 ईस्वी से 230 ईस्वी तक शासन किया। उनके शासनकाल में सिक्कों पर भारतीय देवताओं जैसे शिव और नंदी का अंकन उनके साम्राज्य के ‘भारतीयकरण’ (Indianization) को दर्शाता है।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top