Retail Inflation
संदर्भ:
भारत में खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई 2025 में घटकर 1.55% पर आ गई, जो जून 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर है और भारतीय रिज़र्व बैंक के 2–6% के लक्ष्य दायरे से भी कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से खाद्य कीमतों में तेज कमी के कारण हुई है।
Retail Inflation (Consumer Price Index – CPI)
- परिभाषा – यह समय के साथ घरों द्वारा उपभोग के लिए खरीदे जाने वाले वस्तुओं और सेवाओं के दामों के सामान्य स्तर में होने वाले बदलाव को मापता है।
- उपयोग –
- मौद्रिक संकेतक– महंगाई को मापने के लिए प्रमुख मैक्रोइकोनॉमिक संकेतक।
- नीतिगत उपकरण– सरकार और केंद्रीय बैंक इसका उपयोग मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारण और मूल्य स्थिरता की निगरानी के लिए करते हैं।
- राष्ट्रीय खातों में डिफ्लेटर– वास्तविक मूल्यों की गणना के लिए।
- मजदूरी/भत्तों का इंडेक्सेशन– महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) के समायोजन में उपयोग।
- आधार वर्ष – केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आधार वर्ष 2010=100 से बदलकर 2012=100 कर दिया, जो जनवरी 2015 से लागू है।