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नई दिल्ली में शुरू हुआ Sagarmanthan 2026, 75 देशों के 1,200 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल

नई दिल्ली में शुरू हुआ Sagarmanthan 2026, 75 देशों के 1,200 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल

Sagarmanthan 2026

संदर्भ:

हाल ही में नई दिल्ली में सागरमंथन 2026 (Sagarmanthan 2026) शिखर सम्मेलन के तीसरे संस्करण का आगाज़ हुआ। इस त्रि-दिवसीय वैश्विक समुद्री संवाद में भाग लेने के लिए विश्व भर के 75 देशों के 1,200 से अधिक प्रतिनिधि (1200 Delegates Sagarmanthan) एकत्रित हुए।

सागरमंथन 2026 के मुख्य बिंदु 

  • परिचय: सागरमंथन – द ओशन डायलॉग (Sagarmanthan: The Great Oceans Dialogue) भारत में शुरू किया गया एक प्रमुख वार्षिक समुद्री संवाद है। इसकी शुरुआत वर्ष 2024 में नई दिल्ली में हुई थी।
  • अवधि: इस वर्ष यह शिखर सम्मेलन (Sagarmanthan 2026 Summit) 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है.
  • आयोजन स्थल: नई दिल्ली (New Delhi).
  • मुख्य विषय (Theme): वर्ष 2026 के संस्करण को “ब्लू जियोग्राफिक्स, न्यू एस्पिरेशंस: ट्रेड, टेक्नोलॉजी, एंड ट्रस्ट एट सी” (Blue Geographies, New Aspirations: Trade, Technology, and Trust at Sea) थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है।
  • मेजबान:
    • भारत सरकार: केंद्रीय पतन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (Ministry of Ports, Shipping and Waterways – MoPSW).
    • वैश्विक थिंक टैंक: ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (Observer Research Foundation – ORF).
  • भागीदारी: लगभग 75 देशों (75 Countries Sagarmanthan) के नीति-निर्माता इसमें हिस्सा ले रहे हैं.
    • सम्मेलन में 1,200 से अधिक प्रख्यात वक्ता, राजनयिक, नौसेना प्रमुख, अर्थशास्त्री और समुद्री उद्योग के विशेषज्ञ शामिल हैं.
    • इस सम्मेलन में बेल्जियम, यूरोपीय आयोग (European Commission), मॉरीशस और भूटान के मंत्रियों एवं उच्च स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों ने विशेष रूप से भाग लिया है.
  • चर्चा: वैश्विक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और समुद्री व्यापार को बाधा रहित बनाने के लिए सागरमंथन सम्मेलन (Sagarmanthan Conference) मुख्य रूप से निम्नलिखित 5 स्तंभों पर आधारित है:
  • स्थिर जलडमरूमध्य (Steady Straits): वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains), महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों (Shipping Lanes) और रणनीतिक चोक-पॉइंट्स (जैसे मलक्का या लाल सागर) को भू-राजनीतिक तनावों और बाहरी खतरों से सुरक्षित रखना।
  • नीली क्रांतियाँ (Blue Breakthroughs): स्वच्छ ईंधन, उन्नत हरित जहाजों के निर्माण (Green Shipbuilding) और पर्यावरण के अनुकूल ‘हरित बंदरगाहों’ (Green Ports) के विकास के माध्यम से वैश्विक शिपिंग उद्योग का कार्बन उत्सर्जन कम (Decarbonising Shipping) करना।
  • जटिल समुद्र (Complex Seas): समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS), अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के नियमों, डेटा पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में कानून-आधारित नौवहन को बढ़ावा देना।
  • समुद्री समाज (Ocean Societies): तटीय समुदायों की आजीविका, नाविकों की सुरक्षा, नीली विरासत (Blue Heritage) की सुरक्षा और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में स्थानीय समुदायों का समावेश सुनिश्चित करना।
  • सौदा का केंद्र (Heart of the Deal): अंतर्देशीय जलमार्गों (Inland Waterways), ब्लू फाइनेंसिंग (Blue Financing) और स्मार्ट पोर्ट डिजिटलाइजेशन (Smart Port Digitalisation) के माध्यम से तटीय बंदरगाह शहरों को देश के आंतरिक हिस्सों (Hinterlands) से प्रभावी रूप से जोड़ना.

भारत के लिए रणनीतिक महत्व:

  • भारत की समुद्री कूटनीति (India Maritime Diplomacy): नई दिल्ली में इस सम्मेलन (Sagarmanthan 2026 New Delhi) का आयोजन भारत की ‘सागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) नीति के अनुरूप है, जो हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत को एक शुद्ध सुरक्षा प्रदाता (Net Security Provider) के रूप में स्थापित करता है।
  • नीली अर्थव्यवस्था को गति (Blue Economy India): भारत अपनी विशाल 7,516 किमी लंबी तटरेखा का लाभ उठाने के लिए ‘मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047’ पर काम कर रहा है। यह शिखर सम्मेलन वैश्विक निवेश को भारत के बंदरगाह बुनियादी ढांचे की ओर आकर्षित करने का बड़ा माध्यम है.
  • हिंद महासागर में सुरक्षा और स्थिरता (Indian Ocean Maritime Security): इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महत्वपूर्ण समुद्री बुनियादी ढांचे (जैसे अंडरसी केबल) पर मंडराते साइबर और भौतिक खतरों के बीच, यह सम्मेलन एक साझा सुरक्षा ढांचा तैयार करने में मदद करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Sagarmanthan 2026 क्या है?

उत्तर: यह भारत सरकार और ओआरएफ (ORF) द्वारा आयोजित दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा समुद्री विचार नेतृत्व मंच (Maritime Thought Leadership Forum) है, जो वैश्विक महासागर प्रशासन पर चर्चा करता है.

प्रश्न 2: Sagarmanthan 2026 का आयोजन कहां किया जा रहा है?

उत्तर: इस सागरमंथन ग्लोबल मैरीटाइम समिट (Sagarmanthan Global Maritime Summit) के तीसरे संस्करण का आयोजन नई दिल्ली में किया जा रहा है.

प्रश्न 3: Sagarmanthan 2026 में कितने देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?

उत्तर: इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में विश्व के लगभग 75 देशों के प्रतिनिधि, राजनयिक और मंत्री स्तर के नेता शामिल हुए हैं.

प्रश्न 4: Sagarmanthan 2026 में कितने Delegates शामिल हैं?

उत्तर: इस तीन दिवसीय सम्मेलन में दुनिया भर से 1,200 से अधिक वक्ता, प्रतिनिधि (Delegates) और प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं.

प्रश्न 5: इस Summit का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक समुद्री सुरक्षा (Maritime Security), सतत शिपिंग, पर्यावरण अनुकूल बंदरगाहों का निर्माण और नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को बढ़ावा देना है.

प्रश्न 6: Sagarmanthan 2026 में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?

उत्तर: इसमें समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा (Shipping Lanes), हरित ईंधन, संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुपालन और तटीय समाजों की आजीविका जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है

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