Silverpit Crater
संदर्भ:
हाल ही में हुए भूवैज्ञानिक अध्ययनों और 3D सिस्मिक डेटा विश्लेषण से यह पुष्टि की गई है कि ‘सिल्वरपिट क्रेटर’ की संरचना लगभग 43-46 मिलियन वर्ष पहले एक 160-मीटर चौड़े क्षुद्रग्रह (Asteroid) के प्रभाव से बनी थी।
सिल्वरपिट क्रेटर (Silverpit Crater) के बारे में:
- स्थान: यह क्रेटर उत्तरी सागर (North Sea) के नीचे स्थित है। यह यूनाइटेड किंगडम के यॉर्कशायर (Yorkshire) तट से लगभग 130 किलोमीटर (80 मील) पूर्व में स्थित है।
- गहराई: यह समुद्र तल (Seabed) के नीचे लगभग 500 से 1,000 मीटर की गहराई पर तलछटी परतों (Sedimentary layers) में दबा हुआ है।
- खोज: इसकी खोज 2002 में पेट्रोलियम भूवैज्ञानिकों साइमन स्टीवर्ट और फिलिप एलन द्वारा की गई थी, जब वे तेल और गैस की खोज के लिए ‘थ्री-डी सिस्मिक डेटा’ का विश्लेषण कर रहे थे।
निर्माण का विवरण:
- समय काल: माना जाता है कि यह क्रेटर 43 से 46 मिलियन वर्ष पहले (मध्य इओसीन युग – Middle Eocene Epoch) बना था।
- प्रहारक (Impactor): यह संरचना लगभग 160 मीटर (525 फीट) चौड़े एक क्षुद्रग्रह (Asteroid) के पृथ्वी से टकराने के कारण बनी थी।
- टकराव की तीव्रता: यह क्षुद्रग्रह लगभग 15 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से समुद्र के उथले पानी में टकराया था। इस टक्कर से निकली ऊर्जा ने समुद्र तल की चट्टानों को वाष्पित कर दिया और एक विशाल गड्ढा बना दिया।
अनूठी संरचनात्मक विशेषताएँ:
- केंद्रीय गड्ढा (Central Crater): इसका मुख्य व्यास लगभग 3 किलोमीटर है।
- सेंकेंड्रित छल्ले (Concentric Rings): मुख्य क्रेटर के चारों ओर लगभग 20 किलोमीटर के व्यास में संकेंद्रित छल्ले फैले हुए हैं।
- तुलना: इसकी जटिल रिंग संरचना की तुलना बृहस्पति के चंद्रमा ‘कैलिटो’ (Callisto) पर मौजूद ‘वाल्हाला’ (Valhalla) क्रेटर से की जाती है।
वैज्ञानिक प्रमाण:
- सिल्वर बुलेट प्रमाण: हालिया (2025-26) शोधों ने इसमें ‘शॉक्ड क्वार्ट्ज’ (Shocked Quartz) की पुष्टि की है। यह खनिज केवल अत्यधिक उच्च दबाव (Impact Shock) के दौरान ही बनता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि यह ज्वालामुखी या नमक के धंसने से नहीं बना था।
- सुनामी का साक्ष्य: भूवैज्ञानिकों को उत्तरी सागर के आसपास की चट्टानी परतों में ‘मेगा-सुनामी’ के अवशेष मिले हैं, जो इसी टक्कर के समय के हैं।
