भारतीय वैज्ञानिकों ने Sun Upper Atmosphere Rotation की खोज की, जानिए विस्तार से
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में पता चला है कि सूर्य का ऊपरी वायुमंडल उसकी दृश्यमान सतह की तुलना में कहीं अधिक तेज़ गति से घूमता है। वैज्ञानिकों की यह अभूतपूर्व खोज क्लासिकल भौतिकी (Classical Physics) के स्थापित सिद्धांतों को चुनौती देती है।
भारतीय वैज्ञानिकों के Sun Upper Atmosphere Rotation खोज के मुख्य बिंदु:
- घूर्णन में परिवर्तन: परंपरागत रूप से यह माना जाता था कि एक घूमते हुए गैसीय गोले में सतह से ऊंचाई बढ़ने पर घूर्णन गति (Rotation Speed) कम होनी चाहिए। हालांकि, भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया कि सूर्य का ऊपरी वायुमंडल उसकी सतह (Photosphere) की तुलना में बहुत अधिक तीव्र गति से घूम रहा है।
- सूर्य के इस व्यवहार को सौर घूर्णन (Sun Rotation) के क्षेत्र में एक विसंगति माना जा रहा है क्योंकि यह कोणीय संवेग के संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Angular Momentum) का पूरी तरह पालन नहीं करता।
- सहयोगी संस्थाएं: यह महत्वपूर्ण अध्ययन भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अधीन कार्यरत विभिन्न स्वायत्त एवं शैक्षणिक संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है:
- एआरआईईएस (ARIES), आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान, नैनीताल (Srinjana Routh और वैभव पंत, जो अब IIT दिल्ली में हैं)।
- यूएसओ-पीआरएल (USO-PRL), उदयपुर सौर वेधशाला और भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (Anshu Kumari)।
- अहमदनगर कॉलेज, महाराष्ट्र का अग्रणी शैक्षणिक संस्थान (Jaydeep Kandekar)।
इस शोध पत्र को विख्यात अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिज़िक्स लेटर्स’ (Astronomy & Astrophysics Letters) में प्रकाशित किया गया है। - तकनीकी प्रेक्षण एवं डेटा स्रोत:
- डेटा संकलन: भारतीय वैज्ञानिकों ने इस निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए जापान के नोबेयामा रेडियोहेलियोग्राफ (Nobeyama Radioheliograph) से प्राप्त उच्च-गुणवत्ता वाले सौर प्रेक्षणों (Solar Observation) और रेडियो डेटा का गहराई से विश्लेषण किया।
- मापन तकनीक: चूंकि सूर्य मुख्यतः प्लाज्मा और गैस का बना है, इसलिए इसकी गति मापना जटिल है। इसके लिए 2डी इमेज-कोरिलेशन विधि (2D Image-Correlation Method) का उपयोग किया गया। इसमें दो अलग-अलग दिनों की सौर छवियों (Solar Images) की तुलना की गई और यह मापा गया कि विशिष्ट सौर विशेषताएं समय के साथ कितनी विस्थापित (Shift) हुई।
- वैज्ञानिक निष्कर्ष:
- ऊंचाई के साथ गति में वृद्धि: अध्ययन में स्पष्ट हुआ कि सूर्य की दृश्यमान सतह से जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती जाती है, सौर वायुमंडल (Solar Atmosphere) की घूर्णन दर (Rotation Rate) भी आनुपातिक रूप से बढ़ती जाती है।
- सौर धब्बों का प्रभाव: शोध में एक और अनोखा पहलू सामने आया कि जब सूर्य पर सौर गतिविधियों (Solar Research) में तीव्रता आती है (अर्थात सनस्पॉट या सौर धब्बों की संख्या बढ़ती है), तब ऊपरी वायुमंडल की इस तीव्र घूर्णन गति में थोड़ी कमी (Slowing Down) दर्ज की जाती है।
अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए महत्व:
- अंतरिक्ष मौसम का पूर्वानुमान: यह खोज सौर कलंक चक्र और सौर तूफानों (Solar Flares) को समझने में मदद करेगी। इससे अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) के अधिक सटीक पूर्वानुमान मॉडल विकसित किए जा सकेंगे।
- तकनीकी अवसंरचना की सुरक्षा: पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में आने वाले भू-चुंबकीय तूफान हमारे उपग्रहों (Satellites), जीपीएस नौवहन नेटवर्क (Navigation Networks), रेडियो संचार प्रणालियों और ग्राउंड पावर ग्रिड (Power Infrastructure) को ठप कर सकते हैं। इस खोज से इन महत्वपूर्ण प्रणालियों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
- सौर डायनेमो सिद्धांत का परिष्करण: यह डेटा खगोल भौतिकी (Astrophysics) के ‘सौर डायनेमो मॉडल’ को सुदृढ़ करेगा, जो सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के उत्पन्न होने और उसके व्यवहार की व्याख्या करता है।
- अंतरिक्ष मिशन डेटा विश्लेषण मे मदद: इससे सौर भौतिकी (Solar Physics) के रहस्यों को समझने, सौर तूफानों के प्रभाव का आकलन करने और भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों (जैसे आदित्य-L1) के डेटा विश्लेषण में मदद मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: वैज्ञानिकों ने सूर्य के ऊपरी वायुमंडल में क्या नई खोज की है?
उत्तर: भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा है कि सूर्य का ऊपरी वायुमंडल उसकी दृश्यमान सतह की तुलना में बहुत अधिक तेज़ गति (Faster Rotation) से घूमता है।
प्रश्न 2: सूर्य का ऊपरी वायुमंडल क्या कहलाता है?
उत्तर: सूर्य के वायुमंडल में मुख्य रूप से तीन परतें होती हैं—प्रकाशमंडल (Photosphere), वर्णमंडल (Chromosphere) और सबसे बाहरी विशाल भाग कोरोना (Corona) कहलाता है।
प्रश्न 3: यह खोज क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?
उत्तर: यह क्लासिकल भौतिकी के नियमों को चुनौती देती है और पृथ्वी पर उपग्रह संचार, बिजली ग्रिड तथा नौवहन को प्रभावित करने वाले अंतरिक्ष मौसम के सटीक पूर्वानुमान में सहायक है।
प्रश्न 4: सूर्य के घूर्णन का अध्ययन कैसे किया जाता है?
उत्तर: चूंकि सूर्य गैसीय है, इसलिए वैज्ञानिक रेडियो टेलिस्कोप के डेटा और 2डी इमेज-कोरिलेशन तकनीक का उपयोग कर सौर छवियों के विस्थापन से घूर्णन मापते हैं।
प्रश्न 5: इस खोज से अंतरिक्ष विज्ञान को क्या लाभ होगा?
उत्तर: इससे सौर भौतिकी (Solar Physics) के रहस्यों को समझने, सौर तूफानों के प्रभाव का आकलन करने और भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों (जैसे आदित्य-L1) के डेटा विश्लेषण में मदद मिलेगी।
