Tiger spotted in Gyan Ganga Wildlife Sanctuary after a gap of 4 years

संदर्भ:
हाल ही में महाराष्ट्र के ज्ञानगंगा वन्यजीव अभयारण्य में 4 साल के लंबे अंतराल के बाद एक 3 वर्ष के युवा बाघ का आगमन हुआ है। यह बाघ पेंच टाइगर रिजर्व से विस्थापित होकर यहाँ पहुँचा है। यह घटना प्रजातियों के संरक्षण और ‘वन्यजीव गलियारों’ की प्रभावशीलता को रेखांकित करती है।
ज्ञानगंगा वन्यजीव अभयारण्य के बारे में:
- ज्ञानगंगा वन्यजीव अभयारण्य महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक क्षेत्र है।
- यह स्थान बुलढाणा जिले में अजिंता पर्वत श्रृंखला (Ajanta Ranges) के बीच स्थित है।
- यह मेलघाट टाइगर रिजर्व (Melghat Tiger Reserve) के प्रशासनिक दायरे में आता है। जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 205 वर्ग किलोमीटर है।
- यह अभयारण्य ज्ञानगंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में आता है, जो तापी नदी की एक सहायक नदी है।
- यहाँ मुख्य रूप से दक्षिणी उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन पाए जाते हैं। यहाँ सागौन (Teak), अंजन, खैर और पलाश के वृक्षों की प्रधानता है।
- यहाँ बाघ (Tiger), तेंदुआ (Leopard), स्लोथ भालू (Sloth Bear), नीलगाय, चीतल, सांभर, भौंकने वाले हिरण और चौसिंगा पाए जाते हैं।
- 2019-20 में, T1C1 (बाघ ‘वॉकर’) ने टिपेश्वर (यवतमाल) से ज्ञानगंगा तक लगभग 3,000 किमी की यात्रा की थी। यह भारत में किसी बाघ द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी थी।
- यह अभयारण्य मध्य भारत के बड़े टाइगर रिजर्व जैसे पेंच, मेलघाट और टिपेश्वर के बीच एक ‘स्टेपिंग स्टोन’ (आश्रय स्थल) के रूप में कार्य करता है।
