TRF
संदर्भ:
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की हालिया रिपोर्ट में द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को शामिल किया जाना भारत के लिए सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ उसकी वैश्विक मुहिम में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
द रेजिस्टेंस फ्रंट (The Resistance Front – TRF)
- TRF का उद्भव 2019 में हुआ, जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया।
- TRF को एक आतंकवादी संगठन माना जाता है और यह घाटी में हिंसक गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
- एक रिपोर्ट में TRF को अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिम्मेदार ठहराया गया है।
1267 प्रतिबंध समिति (1267 Sanctions Committee)
- इस समिति को ISIS और अल–कायदा प्रतिबंध समिति भी कहा जाता है।
- यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के एक प्रस्ताव के तहत 1999 में स्थापित की गई थी।
- इसका उद्देश्य ISIS, अल–कायदा और उनसे जुड़े संगठनों से संबंधित आतंकवाद पर लगाम लगाना है।
प्रमुख विशेषताएँ:
- सभी 15 सुरक्षा परिषद सदस्य इस समिति का हिस्सा होते हैं।
- निर्णय सर्वसम्मति (consensus) से लिए जाते हैं।
- किसी भी सदस्य देश को किसी व्यक्ति, समूह या संस्था को सूचीबद्ध (list) करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का अधिकार होता है।
प्रमुख प्रतिबंध (Sanctions Measures):
- संपत्ति जब्ती (Asset Freeze): सूचीबद्ध व्यक्ति या संस्था कीसंपत्ति को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया जाता है।
- यात्रा प्रतिबंध (Travel Ban):
- संबंधित व्यक्ति कोकिसी भी सदस्य राष्ट्र में प्रवेश या पारगमन की अनुमति नहीं होती।
- हथियार आपूर्ति प्रतिबंध (Arms Embargo):
- ऐसे व्यक्तियों या संगठनों कोहथियार या संबंधित सामग्री की आपूर्ति पर पूरी तरह प्रतिबंध होता है।