Tripartite Agreement between Government of India Government of Nagaland and ENPO
संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार, नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ENPO) के बीच एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य पूर्वी नागालैंड के छह जिलों के लिए एक विशेष प्रशासनिक और विधायी संरचना तैयार करना है।
त्रिपक्षीय समझौते के मुख्य बिंदु:
- फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) का गठन: इस समझौते के तहत नागालैंड राज्य के भीतर ही ‘फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी’ (FNTA) नामक एक स्वायत्त निकाय का गठन किया जाएगा। यह निकाय पूर्वी नागालैंड के शासन का संचालन करेगा।
- शामिल जिले: यह प्राधिकरण नगालैंड के छह पूर्वी जिलों—तुएनसांग (Tuensang), मोन (Mon), किफिरे (Kiphire), लोंगलेंग (Longleng), नोकलाक (Noklak) और शामतोर (Shamator) का प्रबंधन करेगा।
- शक्तियों का हस्तांतरण (Devolution of Powers): राज्य सरकार के 46 विषयों (Subjects) से संबंधित शक्तियाँ FNTA को हस्तांतरित की जाएंगी। इसमें विधायी, कार्यकारी और वित्तीय स्वायत्तता शामिल है, जिससे यह क्षेत्र अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय ले सकेगा।
- प्रशासनिक संरचना: FNTA के लिए एक ‘मिनी-सचिवालय’ (Mini-Secretariat) स्थापित किया जाएगा। इसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary) या प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे, जो सुचारू प्रशासनिक कामकाज सुनिश्चित करेंगे।
- वित्तीय स्वायत्तता और निधि: केंद्र सरकार ने FNTA के लिए एक निश्चित वार्षिक बजट (Fixed Annual Amount) का प्रावधान किया है। साथ ही, प्रारंभिक स्थापना व्यय (Establishment Expenditure) का वहन केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। विकास निधि का आवंटन जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र के अनुपात में किया जाएगा।
- अनुच्छेद 371(A) की सुरक्षा: समझौते में स्पष्ट किया गया है कि यह नई व्यवस्था भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371(A) के तहत नागालैंड को प्राप्त विशेष प्रावधानों और सांस्कृतिक सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं है।
- विवाद समाधान: केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से पूर्वी नागालैंड के विकास की निगरानी करेंगी, जिससे क्षेत्र में होने वाले किसी भी भविष्य के असंतोष या विवाद को बातचीत के माध्यम से हल किया जा सके।
ENPO (ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन):
ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ENPO) नागालैंड के पूर्वी क्षेत्र की सात प्रमुख जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाला सर्वोच्च निकाय (Apex Body) है।
- प्रतिनिधित्व: यह मुख्य रूप से चांग (Chang), खियामनियुंगन (Khiamniungan), कोन्याक (Konyak), फोम (Phom), संगतम (Sangtam), यिमखिउंग (Yimkhiung) और तिखिर (Tikhir) जनजातियों का प्रतिनिधित्व करता है।
- भौगोलिक क्षेत्र: ENPO का प्रभाव क्षेत्र नागालैंड के छह जिलों—तुएनसांग (Tuensang), मोन (Mon), किफिरे (Kiphire), लोंगलेंग (Longleng), नोकलाक (Noklak) और शामतोर (Shamator) तक विस्तृत है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र औपनिवेशिक काल के दौरान ‘अप्रशासित’ (Unadministered) रहा था। स्वतंत्रता के बाद इसे ‘नेफा’ (NEFA) के हिस्से के रूप में रखा गया और बाद में 1963 में नागालैंड राज्य का हिस्सा बनाया गया।
- मुख्य मांग: ENPO लंबे समय से “फ्रंटियर नागालैंड” के नाम से एक अलग राज्य की मांग कर रहा था। उनका तर्क था कि भौगोलिक विषमता और राजनीतिक उपेक्षा के कारण यह क्षेत्र आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास में काफी पिछड़ गया है।
- समझौते की ओर झुकाव: वर्षों के आंदोलन और चुनावों के बहिष्कार की चेतावनियों के बाद, ENPO ने भारत सरकार के ‘स्वायत्त क्षेत्रीय प्राधिकरण’ के प्रस्ताव को स्वीकार किया, जिसे अब FNTA के रूप में मूर्त रूप दिया गया है।

