UPI India now leads the world in faster payments
UPI India now leads the world in faster payments –
संदर्भ:
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रिपोर्ट “Growing Retail Digital Payments: The Value of Interoperability” में यह उल्लेख किया गया है कि भारत तेज डिजिटल भुगतान प्रणाली में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बन चुका है। इस रिपोर्ट में विशेष रूप से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की क्रांतिकारी भूमिका को रेखांकित किया गया है, जिसने भारत में खुदरा डिजिटल भुगतान के परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु (Key Highlights of the Report):
डिजिटल भुगतान में वैश्विक नेतृत्व: भारत का UPI (Unified Payments Interface) अब दुनिया का नंबर 1 रीयल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है।
UPI की जबरदस्त क्षमता: UPI प्रतिदिन 640 मिलियन (64 करोड़) से अधिक लेन-देन करता है, जबकि Visa के माध्यम से औसतन 639 मिलियन लेन-देन होते हैं।
ताज़ा आँकड़े (जून 2025)
- मासिक लेन–देन: जून 2025 में UPI ने 18 अरब से अधिक लेन–देन किए।
- मूल्य के लिहाज़ से: सिर्फ जून महीने में ₹24.03 लाख करोड़ के लेन-देन हुए — पिछले वर्ष की तुलना में 32% की वृद्धि।
UPI की व्यापक पकड़
- भारत में डिजिटल भुगतानों का 85% UPI के ज़रिए होता है।
- UPI अब दुनिया के कुल रीयल–टाइम डिजिटल लेन–देन का लगभग 50% संभालता है।
UPI की पहुंच: 491 मिलियन (49.1 करोड़) उपयोगकर्ता और 65 मिलियन (6.5 करोड़) व्यापारी UPI का उपयोग कर रहे हैं।
इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) का योगदान
- UPI ने बैंकों और ऐप्स के बीच सच्ची इंटरऑपरेबिलिटी को संभव बनाया।
- इससे यूज़र को स्वतंत्रता और विकल्प मिले, और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, जिससे UPI का तेजी से अपनाया जाना संभव हुआ।
UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार: UPI की वैश्विक उपस्थिति: UPI अब 7 देशों में सक्रिय है: यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, और मॉरिशस।
यूरोप में पहला कदम
- फ्रांस में UPI की एंट्री UPI का पहला यूरोपीय विस्तार है।
- इससे भारतीय उपभोक्ता और व्यवसाय विदेशों में भी सुविधाजनक भुगतान कर और प्राप्त कर सकते हैं।
BRICS में विस्तार
- भारत के प्रधानमंत्री नेBRICS समूह में UPI को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
- यह पहलवित्तीय समावेशन (financial inclusion) को बढ़ाने और प्रवासियों के लिए रेमिटेंस फ्लो को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
UPI (Unified Payments Interface) के बारे में
परिभाषा
- UPIएक ऐसा डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जो उपयोगकर्ताओं को एक ही मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से कई बैंक खातों को लिंक करने की सुविधा देता है।
- यहबैंकिंग सुविधाओं, फंड ट्रांसफर, और व्यापारिक भुगतानों को एकीकृत करता है।
- UPI के माध्यम सेमोबाइल फोन से तत्काल और रीयल–टाइम भुगतान संभव होता है।
शुरुआत: UPI की शुरुआत 2016 में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा की गई थी।
NPCI के बारे में
- NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया)एक गैर–लाभकारी संस्था है, जिसे 2008 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने मिलकर स्थापित किया था।
- इसका उद्देश्यभारत में खुदरा भुगतान प्रणाली (retail payments system) का संचालन और विकास करना है।
- यहभौतिक और डिजिटल दोनों लेन–देन के लिए एक सुरक्षित और कुशल ढांचा प्रदान करता है।
मुख्य विचार (Core Idea)
- UPI एकएकीकृत प्रणाली के तहत 675 से अधिक बैंकों को जोड़ता है।
- यह डिजिटल लेन-देन कोआसान, तेज़ और किफायती बनाता है।
मुख्य विशेषताएं (Key Features)
- तत्काल धन स्थानांतरण (Instant Money Transfer)
- बिल भुगतान (Bill Payments)
- व्यापारी भुगतान (Merchant Payments)
- व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान (Peer-to-Peer Transfers)
- 24/7 सेवा उपलब्धता (Anytime Access)